UP Weather Update: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का असर, लखनऊ समेत यूपी में बदलेगा मौसम

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रिपोर्ट – अनुग्रह देवी 

लखनऊ: बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम देश के कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते उत्तर प्रदेश में भी अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादलों की आवाजाही, गरज-चमक और बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, मौसम विभाग के उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को लखनऊ में भारी बारिश की चेतावनी नहीं थी। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस मौसमी सिस्टम का प्रमुख प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में रहने का अनुमान है। इसके अलावा, पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी नजर बनी हुई है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है। इसके 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप लेने और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।

इस सिस्टम के कारण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है। वहीं, अगले कुछ दिनों में इसकी दिशा और तीव्रता के आधार पर आसपास के राज्यों में भी मौसम में बदलाव हो सकता है।

हालांकि, किसी चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव हर राज्य में एक जैसा नहीं होता। इसकी स्थिति, हवा की दिशा और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के आधार पर बारिश की तीव्रता और समय में अंतर हो सकता है। इसलिए उत्तर प्रदेश के लिए जारी अलग-अलग पूर्वानुमानों को ध्यान में रखना जरूरी है।

लखनऊ में 28 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी लखनऊ के मौसम को लेकर लोगों की नजरें 28 अक्टूबर से होने वाले संभावित बदलाव पर हैं। मौसम विभाग के उपलब्ध शहर-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और शाम या रात के समय आंशिक रूप से बादल छाने की संभावना थी। उस दिन के लिए बारिश की कोई चेतावनी दर्ज नहीं थी।

इसके बाद 29 अक्टूबर को मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। साथ ही, गरज-चमक के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई थी।

30 अक्टूबर को भी बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान था। ऐसे में राजधानी के लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के किन इलाकों में बारिश की संभावना?

उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना को लेकर पूर्वी हिस्सों पर विशेष नजर है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

इसके अलावा, मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ आसपास के क्षेत्रों में बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में एक ही समय पर भारी बारिश होने की पुष्टि नहीं की गई है।

इसलिए लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी और अन्य जिलों के लोगों को अपने क्षेत्र के लिए जारी मौसम बुलेटिन को अलग से देखना चाहिए। किसी जिले में बारिश की संभावना होने का अर्थ यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में समान तीव्रता से वर्षा होगी।

तापमान में भी हो सकता है बदलाव

बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण कुछ इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है। वहीं, हवा की गति बढ़ने से मौसम पहले की तुलना में ठंडा लग सकता है।

हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, इसका अनुमान स्थानीय परिस्थितियों और आने वाले दिनों के मौसम बुलेटिन के आधार पर ही लगाया जा सकता है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम के इस संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सुबह और शाम के तापमान पर भी ध्यान देना चाहिए।

बारिश और तेज हवाओं के दौरान क्या सावधानी बरतें?

मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए कुछ सामान्य सावधानियां अपनाना उपयोगी रहेगा।

  • घर से निकलने से पहले अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान देख लें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • तेज हवाएं चलने पर कमजोर होर्डिंग, अस्थायी ढांचों और ढीली वस्तुओं के आसपास खड़े होने से बचें।
  • किसानों को स्थानीय कृषि और मौसम संबंधी सलाह के अनुसार फसलों की सुरक्षा की तैयारी करनी चाहिए।
  • मौसम विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी जारी होने पर उसका पालन करें।

मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर रखें नजर

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम अक्टूबर के अंतिम दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति पैदा कर सकता है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम बदलने की संभावना है, लेकिन लखनऊ में 28 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी की पुष्टि उपलब्ध पूर्वानुमान से नहीं होती।

फिलहाल, राजधानी में 29 और 30 अक्टूबर को बारिश तथा गरज-चमक की संभावना पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। मौसम प्रणाली की दिशा और तीव्रता में बदलाव होने पर पूर्वानुमान भी बदल सकता है। इसलिए लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय मौसम चेतावनियों से जानकारी लेनी चाहिए।