देवा मेला-2026 की तैयारियां तेज, 120 CCTV कैमरों और ड्रोन से होगी निगरानी

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रिपोर्ट – महेंद्र सिंह

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में प्रसिद्ध देवा मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में आने वाले जायरीनों, श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा, सुरक्षा तथा मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सूफी संगीत, कवि सम्मेलन, मुशायरा और संगीत संध्या सहित कई आकर्षक आयोजन प्रस्तावित हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगभग 120 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

मेले की तैयारियों और प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं देवा मेला प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष ईशान प्रताप सिंह ने की। इस दौरान जिलाधिकारी ने मेले की व्यवस्थाओं, यातायात, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मेले को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

120 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से होगी निगरानी

देवा मेला-2026 में बड़ी संख्या में जायरीनों और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए मेला परिसर और प्रमुख स्थानों पर लगभग 120 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की व्यवस्था की जाएगी, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महत्वपूर्ण स्थानों पर नजर रखी जा सके।

इसके अतिरिक्त, सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 200 महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इससे महिलाओं और परिवारों के साथ मेले में आने वाले लोगों को सुरक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और किसी भी समस्या की स्थिति में समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

जायरीनों के लिए 80 रोडवेज बसों की व्यवस्था

देवा मेला-2026 में आने वाले जायरीनों और अन्य दर्शकों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 80 रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है। इससे मेले में आने-जाने वाले लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही, मेले के दौरान भीड़ और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि मेले में आने वाले लोगों को आवागमन के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि, यात्रियों को भी निर्धारित परिवहन व्यवस्था का पालन करने और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का सहयोग करने की आवश्यकता होगी।

सफाई व्यवस्था के लिए बनाए गए छह सेक्टर

मेले को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सफाई व्यवस्था की विशेष योजना तैयार की गई है। इसके तहत पूरे मेला क्षेत्र को छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक अधिशासी अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जो अपने क्षेत्र में सफाई और संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा।

इस व्यवस्था से मेला परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। मेले में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, बिजली, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए भी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि जायरीनों और दर्शकों को मेले के दौरान साफ-सुथरा वातावरण मिले।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दुकानों के रेट पर रहेगी नजर

देवा मेला-2026 में लगने वाली खाने-पीने की दुकानों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि दुकानों पर निर्धारित दरों की जानकारी देने के लिए रेट लिस्ट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

इसका उद्देश्य मेले में आने वाले लोगों को उचित दरों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना है। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यदि किसी दुकान पर अवैध वसूली या अन्य अनियमितता की शिकायत मिलती है और जांच में वह सही पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले में आने वाले लोगों की सुविधाओं के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कैंप और तीन एंबुलेंस

मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। इसके साथ ही एक डॉक्टर की तैनाती और तीन एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।

इन इंतजामों का उद्देश्य मेले में किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होने या किसी अन्य चिकित्सकीय आवश्यकता की स्थिति में समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। भीड़भाड़ वाले आयोजनों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की व्यवस्था से जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक सहायता देने में मदद मिल सकती है।

इसके अतिरिक्त, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेला कराना प्रशासन का लक्ष्य

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि देवा मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा, परिवहन, स्वच्छता, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासन की कोशिश है कि मेले में आने वाले जायरीनों और दर्शकों को धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन संबंधी आयोजनों का आनंद लेने के साथ बेहतर सुविधाएं भी मिलें। इसके लिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

कुल मिलाकर, देवा मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा और जनसुविधाओं के मोर्चे पर व्यापक तैयारियां कर रहा है। लगभग 120 सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी, 200 महिला सिपाहियों, करीब 80 रोडवेज बसों, छह सफाई सेक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं के इंतजामों के जरिए मेले को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने की योजना है। अब आयोजन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी विभाग इन तैयारियों को प्रभावी ढंग से लागू करें और मेले में आने वाले लोगों को सुविधाजनक अनुभव उपलब्ध कराएं।