बिजनौर: 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आए तीन लोग, अफजाल की मौत, पिता समेत दो गंभीर
रिपोर्ट – ताबिष मिर्ज़ा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। शेरकोट थाना क्षेत्र के हरेवली गांव में 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से तीन लोग करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में अफजाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता और अशफाक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में भी चिंता का माहौल है।
घर के आंगन में हुआ हादसा, तीन लोग आए करंट की चपेट में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरेवली गांव में एक घर के आंगन के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। बताया जा रहा है कि घर के अंदर नल का पाइप बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया, जिसके कारण करंट फैल गया। इसी दौरान तीन लोग बिजली की चपेट में आ गए।
हादसे में अफजाल को गंभीर विद्युत झटका लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उसके पिता और अशफाक भी करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों को हादसे की जानकारी हुई तो उन्होंने घायलों की मदद करने का प्रयास किया।
हालांकि, बिजली की हाईटेंशन लाइन से जुड़ा मामला होने के कारण ऐसी स्थिति में सबसे पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराना और सुरक्षित तरीके से बचाव करना जरूरी होता है। करंट की चपेट में आए व्यक्ति को बिजली का संपर्क पूरी तरह कटने से पहले सीधे छूना भी जानलेवा हो सकता है।
पिता और अशफाक की हालत नाजुक
इस हादसे में अफजाल की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं, उसके पिता और अशफाक की गंभीर हालत को लेकर परिजन चिंतित हैं। दोनों घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। उनकी चिकित्सा और स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय स्तर पर इस हादसे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसी घर के आंगन के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन को लेकर पहले से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घर के आंगन के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए विभाग से शिकायत की गई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर लाइन को वहां से नहीं हटाया गया।
परिजनों के मुताबिक, यदि समय रहते उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाती और बिजली लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाता, तो संभव है कि इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। परिवार का आरोप है कि बिजली की लाइन घर के आंगन के ऊपर से गुजरने के कारण लंबे समय से खतरा बना हुआ था।
हालांकि, शिकायत कब की गई थी, बिजली विभाग ने उस पर क्या कार्रवाई की थी और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी है, इन सभी बिंदुओं की आधिकारिक जांच जरूरी है। फिलहाल, परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस मामले में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हरेवली गांव में हुई इस घटना ने रिहायशी इलाकों से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 11 हजार वोल्ट की लाइन के आसपास थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए ऐसी लाइनों के आसपास मकान, आंगन, छत, पानी के पाइप और अन्य धातु की वस्तुओं की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली की लाइन से जुड़े खतरे की जानकारी मिलने पर लोगों को स्वयं लाइन हटाने या उसे छूने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इसके बजाय बिजली विभाग को तत्काल सूचना देकर सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। यदि किसी पाइप या अन्य वस्तु में करंट आने की आशंका हो, तो उसे छूने से बचना चाहिए और प्रशिक्षित विद्युतकर्मियों की सहायता लेनी चाहिए।
इसके साथ ही, बिजली विभाग की जिम्मेदारी है कि शिकायत मिलने पर जोखिम का आकलन करे और आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे। यदि किसी स्थान पर हाईटेंशन लाइन से लोगों की जान को खतरा है, तो वहां सुरक्षा मानकों के अनुसार आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
शेरकोट थाना क्षेत्र के हरेवली गांव में हुए इस हादसे के बाद अब लोगों की निगाहें संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही, गांव और आसपास के इलाकों में घरों के ऊपर या बेहद नजदीक से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों का निरीक्षण कराने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल, इस हादसे में अफजाल की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यह घटना बिजली लाइनों की सुरक्षा, शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और रिहायशी क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

