अमरोहा के हसनपुर में पुलिस और पशु चोरों के बीच मुठभेड़, गोली लगने से बदमाश घायल, दो गिरफ्तार

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रिपोर्ट – इक़बाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद के हसनपुर क्षेत्र में पशु चोरी के आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। हसनपुर-संभल मार्ग पर काला खेड़ा के पास पुलिस टीम ने पिकअप वाहन सवार संदिग्धों की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुरादाबाद निवासी इरशाद पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथी सन्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं, पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस, एक पिकअप वाहन और पशु बरामद किए हैं। पुलिस अब मामले की जांच के साथ गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी है।

काला खेड़ा के पास पुलिस ने की घेराबंदी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हसनपुर-संभल मार्ग पर काला खेड़ा के निकट पुलिस टीम संदिग्ध पिकअप वाहन की घेराबंदी कर रही थी। इसी दौरान वाहन में सवार आरोपियों ने पुलिस को देखकर कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी।

इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। इस कार्रवाई में इरशाद घायल हो गया। वहीं, उसके साथी सन्नी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना के बाद पुलिस ने घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही मौके से बरामद वाहन और अन्य सामान को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

इरशाद पर दर्ज हैं करीब दो दर्जन मुकदमे

अपर पुलिस अधीक्षक अमरोहा अखिलेश भदौरिया के मुताबिक, मुठभेड़ में घायल इरशाद मुरादाबाद का निवासी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इरशाद के खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले सहित करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह पशु चोरी की किन-किन घटनाओं में शामिल रहा है और उसके साथ इस गतिविधि में अन्य कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

हालांकि, प्रत्येक मामले में आरोपों और उनकी कानूनी स्थिति का निर्धारण संबंधित अभिलेखों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

दो तमंचे, कारतूस और पिकअप वाहन बरामद

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर पशुओं को ले जाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से दो भैंस और एक कटिया भी बरामद की हैं। बरामद पशुओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कहां से लाए गए थे और क्या उनका संबंध किसी दर्ज पशु चोरी के मामले से है। पुलिस बरामदगी से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है। इसके साथ ही वाहन और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने दी जानकारी

अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि हसनपुर क्षेत्र में पुलिस और पशु चोरी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस दौरान इरशाद घायल हुआ, जबकि सन्नी को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और बरामद सामान की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों का पता लगाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान बरामद पशुओं, वाहन और हथियारों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पशु चोरी की अन्य घटनाओं की भी जांच

इस मामले में पुलिस का अगला कदम आरोपियों से पूछताछ करके पशु चोरी से जुड़ी संभावित अन्य घटनाओं की जानकारी जुटाना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद पशु किसके हैं और उन्हें किन परिस्थितियों में वाहन में ले जाया जा रहा था।

इसके अलावा, आरोपियों के संपर्कों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि किसी अन्य घटना से संबंध सामने आता है, तो संबंधित मामले में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर पशु चोरी की घटनाओं को लेकर ऐसी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे संदिग्ध गतिविधियों की जांच और बरामद पशुओं के वास्तविक मालिकों की पहचान में मदद मिल सकती है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद जांच जारी

अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। घायल इरशाद का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है, जबकि बरामद हथियारों, वाहन और पशुओं से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

फिलहाल पुलिस का ध्यान पशुओं के स्रोत का पता लगाने, आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की पहचान करने पर है। आगे की कार्रवाई जांच में मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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