मुरादाबाद में दो बड़ी आवासीय योजनाओं को मिली रफ्तार, गोविन्दपुरम और सहयाद्रि पॉकेट-ए में मिलेंगी यह आधुनिक सुविधाएं
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: शहर के सुनियोजित विकास और नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने दो महत्वपूर्ण आवासीय योजनाओं पर विकास कार्य तेज कर दिए हैं। गोविन्दपुरम और सहयाद्रि पॉकेट-ए आवासीय योजनाओं के माध्यम से शहर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन योजनाओं में सड़क, पार्क, पेयजल आपूर्ति, जल निकासी, सीवर नेटवर्क और पर्यावरण संरक्षण जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दोनों परियोजनाओं की अनुमानित लागत मिलाकर करीब 930 करोड़ रुपये है। इनके पूरा होने पर मुरादाबाद में व्यवस्थित आवासीय क्षेत्रों का विस्तार होने और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाले भूखण्ड उपलब्ध होने की उम्मीद है।
गोविन्दपुरम आवासीय योजना पर खर्च होंगे 580 करोड़ रुपये
मुरादाबाद में दिल्ली रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के बीच ग्राम मनोहरपुर एवं मंगूपुरा क्षेत्र में गोविन्दपुरम आवासीय योजना विकसित की जा रही है। इस योजना के प्रथम चरण की अनुमानित लागत 580 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत आवासीय और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग श्रेणियों के भूखण्ड प्रस्तावित किए गए हैं।
योजना में 477 आवासीय भूखण्ड, 15 मिश्रित भू-उपयोग वाले भूखण्ड और 32 व्यावसायिक भूखण्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यहां शिक्षण संस्थान और सामुदायिक भवन विकसित किए जाने की योजना है। स्थानीय लोगों को हरियाली और मनोरंजन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 18 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में सेंट्रल पार्क भी प्रस्तावित है।
इस योजना का एक प्रमुख आकर्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पार्क यानी नक्षत्रशाला होगा। इसके माध्यम से क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ विज्ञान और तकनीक से संबंधित गतिविधियों के लिए भी अवसर उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।
सड़क, पेयजल और बिजली की सुविधाओं पर जोर
गोविन्दपुरम योजना में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विकास कार्य शुरू किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत आंतरिक सड़कों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, ताकि आवासीय और व्यावसायिक भूखण्डों तक पहुंच आसान हो सके। इसके साथ ही जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण और पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक की व्यवस्था प्रस्तावित है।
वहीं, बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित बनाने के लिए भूमिगत विद्युत केबल बिछाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक ट्रेंच विकसित की जाएगी। इससे बिजली के तारों को व्यवस्थित तरीके से जमीन के नीचे ले जाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा योजना के प्रमुख प्रवेश द्वार, बाउंड्रीवॉल, पार्क और लैंडस्केपिंग से जुड़े कार्य भी कराए जाएंगे।
भूखण्डों का आवंटन उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) में पंजीकरण और परियोजना आईडी प्राप्त करने के बाद लॉटरी के माध्यम से किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आवंटन को निर्धारित नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाना है।
सीवेज प्रबंधन और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था
गोविन्दपुरम आवासीय योजना में पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई है। योजना के अंतर्गत सीवर लाइन बिछाई जाएगी, जिसके माध्यम से गंदे पानी को मनोहरपुर रोड स्थित 1200 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाएगा।
यहां पानी को शोधित करने के बाद उसका दोबारा उपयोग सिंचाई और फ्लशिंग जैसे कार्यों में करने की योजना है। इससे पेयजल पर निर्भरता कम करने और पानी के बेहतर इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिल सकता है।
इसके अतिरिक्त, वर्षा जल संचयन के लिए 10 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्रस्तावित किए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बारिश के पानी को एकत्र करके उसका उपयोग करना और भूजल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
सहयाद्रि पॉकेट-ए योजना पर 350 करोड़ रुपये का निवेश
दूसरी ओर, ग्राम सोनकपुर में सहयाद्रि पॉकेट-ए आवासीय योजना को भी गति दी गई है। भूमि से जुड़े न्यायालयीन वादों के निस्तारण के बाद इस परियोजना पर दोबारा काम शुरू किया गया। लगभग 350 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस योजना को यूपी रेरा से स्वीकृति मिलने के बाद विकास कार्य प्रारंभ करा दिए गए हैं।
इस परियोजना में करीब 500 आवासीय भूखण्ड और 14 व्यावसायिक भूखण्ड विकसित किए जाने की योजना है। इस तरह यहां आवासीय जरूरतों के साथ कारोबार से संबंधित गतिविधियों के लिए भी स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
योजना में विद्यालय, स्पोर्ट्स सेंटर, विद्युत सब-स्टेशन, गारबेज कलेक्शन सेंटर और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, पर्यावरण को बेहतर बनाए रखने और लोगों को खुले स्थान उपलब्ध कराने के लिए लगभग 24 पार्क विकसित करने तथा लैंडस्केपिंग कराने की योजना है।
जल निकासी और हरित क्षेत्र होंगे विकसित
सहयाद्रि पॉकेट-ए में सड़क निर्माण, नालियों, पेयजल आपूर्ति और सीवर नेटवर्क से संबंधित बुनियादी ढांचे को भी विकसित किया जाएगा। पेयजल की आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं, सीवेज के शोधन के बाद पानी को सिंचाई और फ्लशिंग में इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है।
बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही जल निकासी की बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए ट्रंक ड्रेन से जुड़ा नेटवर्क प्रस्तावित है। योजना में भूखण्डों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जा चुका है।
इन सुविधाओं का उद्देश्य आवासीय क्षेत्र को व्यवस्थित बनाना और भविष्य में बढ़ने वाली आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे को तैयार करना है।
मुरादाबाद के शहरी विस्तार को मिलेगी नई दिशा
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की गोविन्दपुरम और सहयाद्रि पॉकेट-ए योजनाएं शहर में आधुनिक आवासीय क्षेत्रों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। दोनों परियोजनाओं में आवासीय और व्यावसायिक भूखण्डों के साथ पार्क, सड़क, पेयजल, सीवेज प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है।
हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ विकास कार्यों की समयबद्ध पूर्णता और सुविधाओं के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा। इसके बावजूद, यदि प्रस्तावित व्यवस्थाएं निर्धारित योजना के अनुसार विकसित होती हैं, तो शहर के सुनियोजित विस्तार को बढ़ावा मिल सकता है।
कुल मिलाकर, करीब 930 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली ये दोनों परियोजनाएं मुरादाबाद में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की महत्वपूर्ण पहल हैं। अब लोगों की नजर इन योजनाओं के विकास कार्यों की प्रगति और प्रस्तावित सुविधाओं के धरातल पर उतरने पर रहेगी।

