कानपुर में क्राफ्ट रूट्स एग्जीबिशन 2026 का 23 अक्टूबर को होगा शुभारंभ, 22 राज्यों के हस्तशिल्प होंगे प्रदर्शित
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: शहर में भारतीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्राफ्ट रूट कानपुर एग्जीबिशन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी चुन्नीगंज स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगी। इसका उद्घाटन 23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, आगंतुकों को कुछ पारंपरिक कलाओं का लाइव प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिलेगा।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करना ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाना और कारीगरों को अपनी कला के प्रदर्शन के लिए मंच उपलब्ध कराना भी है। ऐसे आयोजनों से पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिलने के साथ-साथ कारीगरों के लिए बाजार तक पहुंच बनाने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
22 राज्यों के कारीगरों के हस्तशिल्प होंगे प्रदर्शनी का आकर्षण
क्राफ्टरूट्स कानपुर एग्जीबिशन 2026 में भारत के 22 राज्यों के 90 से अधिक कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी में 90 से अधिक प्रकार की हस्तकलाओं और शिल्प उत्पादों को शामिल किया जाएगा। इससे शहर के लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों की पारंपरिक कला और शिल्प कौशल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
भारत के अलग-अलग राज्यों की हस्तकलाओं में वहां की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली की झलक दिखाई देती है। कहीं कपड़ों पर पारंपरिक छपाई की कला प्रचलित है, तो कहीं चित्रकला और कांच से वस्तुएं बनाने की विशेष तकनीक पीढ़ियों से आगे बढ़ाई जा रही हैं। ऐसे में यह प्रदर्शनी विभिन्न क्षेत्रों की कलाओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर बनेगी।
इसके अलावा, हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी से उन कारीगरों के काम को पहचान मिल सकती है, जो पारंपरिक तकनीकों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। इससे हस्तशिल्प के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्रोत्साहन देने में भी मदद मिल सकती है।
लाइव प्रदर्शन में दिखेगी पारंपरिक कला की बारीकी
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक हस्तकलाओं का लाइव प्रदर्शन होगा। इसके तहत मध्य प्रदेश की बाग प्रिंट कला, पश्चिम बंगाल की पट्टचित्र चित्रकला और उत्तर प्रदेश की कांच कला का प्रदर्शन किया जाएगा। आगंतुक इन कलाओं को बनाने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।
आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश की बाग प्रिंट कला का प्रदर्शन अहमद हुसैन खत्री करेंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल की पट्टचित्र चित्रकला अक्षय कुमार बारीकी द्वारा प्रदर्शित की जाएगी। उत्तर प्रदेश की कांच कला का लाइव प्रदर्शन महेश कुमार करेंगे।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि पारंपरिक हस्तशिल्प तैयार करने में किस तरह की तकनीक, धैर्य और कौशल की आवश्यकता होती है। साथ ही, यह अनुभव नई पीढ़ी को भारत की पारंपरिक कलाओं से परिचित कराने में भी उपयोगी हो सकता है।
महिला सशक्तिकरण से जुड़ा है ग्राम श्री संस्था का उद्देश्य
क्राफ्ट रूट से जुड़ी ग्राम श्री संस्था की स्थापना वर्ष 1995 में आनंदीबेन पटेल द्वारा की गई थी। संस्था की स्थापना का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण और उनका सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान करना था। संस्था ने महिलाओं के हुनर को हस्तकला से जोड़ने की दिशा में काम किया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, संस्था ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की 77,000 महिलाओं के जीवन को नई दिशा देने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दिया है। महिलाओं को उनके कौशल के अनुरूप हस्तशिल्प से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
दरअसल, पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकती है। जब महिलाओं को अपने हुनर को उत्पादों में बदलने, उन्हें बाजार तक पहुंचाने और अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है, तो इससे उनकी आर्थिक भागीदारी को मजबूती मिल सकती है।
इसी क्रम में क्राफ्ट रूट्स जैसी प्रदर्शनियां महिला कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर प्रदान कर सकती हैं।
भारत से विदेशों तक पहुंची क्राफ्ट रूट्स की प्रदर्शनियां
क्राफ्ट रूट्स अब तक भारत के विभिन्न प्रमुख शहरों के अलावा दुबई और सिंगापुर जैसे देशों में भी प्रदर्शनियों का आयोजन कर चुका है। संस्था के अनुसार, अब तक कुल 92 प्रदर्शनियां आयोजित की जा चुकी हैं। इन आयोजनों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक कलाओं और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने तथा उनका विस्तार करने का प्रयास किया गया है।
संस्था के मुताबिक, क्राफ्ट रूट्स भारत के सभी राज्यों के 35,000 से अधिक कारीगरों के साथ जुड़ा हुआ है। यह नेटवर्क विभिन्न क्षेत्रों के शिल्पकारों और उनकी कलाओं को मंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम करता है।
आज के समय में मशीनों से तैयार होने वाले उत्पादों के बीच हस्तनिर्मित वस्तुओं की विशिष्टता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। पारंपरिक शिल्प न केवल सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, बल्कि अनेक कारीगर परिवारों की आजीविका का आधार भी हैं। इसलिए इन कलाओं को बढ़ावा देने वाले आयोजनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
कानपुर के लोगों को मिलेगा कला और संस्कृति से जुड़ने का अवसर
क्राफ्टरूट्स कानपुर एग्जीबिशन 2026 शहर के लोगों के लिए देश के अलग-अलग राज्यों की हस्तकलाओं को देखने और समझने का अवसर लेकर आ रही है। चुन्नीगंज स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में हस्तशिल्प उत्पादों के साथ पारंपरिक कला के लाइव प्रदर्शन भी प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
कुल मिलाकर, यह आयोजन भारतीय हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने, कारीगरों के हुनर को पहचान दिलाने और महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बन सकता है। 23 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन के साथ कानपुर में देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और हस्तनिर्मित कलाओं की झलक देखने को मिलेगी।

