बागपत में पति की हत्या की साजिश, WhatsApp पर अपडेट और वारदात के बाद प्रेमी को किया ब्लॉक
रिपोर्ट: हैदर मलिक
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से पति की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के कोताना गांव में 50 वर्षीय प्रमोद उर्फ मोगली की मौत के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी उर्मिला और सिकंदर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध थे और इसी मामले में प्रमोद की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच में WhatsApp पर हुई बातचीत और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा कथित तौर पर वारदात से पहले और उसके दौरान हुई WhatsApp बातचीत को लेकर है। पुलिस का दावा है कि पत्नी लगातार प्रेमी से घटनाक्रम की जानकारी ले रही थी। वहीं, हत्या की पुष्टि होने के बाद उसे ब्लॉक करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बागपत के कोताना गांव में खेत के पास मिला था शव
पुलिस के अनुसार, घटना 18 अक्टूबर 2026 की है। कोताना गांव निवासी 50 वर्षीय प्रमोद उर्फ मोगली घर से रामलीला देखने जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन इसी दौरान खेत में बने ट्यूबवेल के पास उनका शव मिला।
शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआत में पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती थी कि प्रमोद की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस ने परिजनों और परिचितों से पूछताछ की। इसी क्रम में मामला कथित प्रेम संबंध और हत्या की साजिश की ओर बढ़ा।
दुकान किराये पर लेने के दौरान हुई थी पहचान
पुलिस के मुताबिक, प्रमोद की पत्नी उर्मिला और सिकंदर के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध थे। बताया गया है कि सिकंदर प्रमोद की दुकान किराये पर लेकर बाइक रिपेयरिंग का काम करता था। इसी दौरान उसकी उर्मिला से पहचान हुई और बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने का आरोप है।
पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों देहरादून जाकर साथ रहने की योजना बना रहे थे। आरोप है कि इसी उद्देश्य से प्रमोद को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। हालांकि, इस कथित योजना और उसमें दोनों की भूमिका से जुड़े तथ्यों का परीक्षण अदालत में होना बाकी है।
शराब में नींद की गोलियां मिलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन उर्मिला ने कथित तौर पर सिकंदर को नींद की दो गोलियां दी थीं और उन्हें प्रमोद की शराब में मिलाने के लिए कहा था। आरोप है कि सिकंदर ने प्रमोद को शराब दी और इसके बाद वह खेत में बने ट्यूबवेल तक पहुंचा।
जांच में यह बात भी सामने आने का दावा किया गया है कि सिकंदर को CCTV कैमरों की नजर से बचने के लिए सड़क के बजाय खेतों के रास्ते आने की हिदायत दी गई थी। पुलिस इन परिस्थितियों को कथित साजिश के हिस्से के तौर पर देख रही है।
इसके बाद ट्यूबवेल पर हुई घटना में प्रमोद की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, इस दौरान आरोपियों के बीच संपर्क बना हुआ था। जांच एजेंसियां घटना से पहले की गतिविधियों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं।
WhatsApp पर बातचीत और लगातार अपडेट लेने का दावा
इस मामले में WhatsApp पर हुई कथित बातचीत भी जांच का अहम हिस्सा बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, उर्मिला वारदात के दौरान सिकंदर से लगातार जानकारी ले रही थी। आरोप है कि प्रमोद के विरोध करने पर सिकंदर ने शराब की खाली बोतल से उन पर हमला किया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद प्रमोद को ट्यूबवेल से कुछ दूरी पर ईख के खेत की ओर ले जाया गया।
पुलिस का दावा है कि प्रमोद की मौत की पुष्टि करने के बाद सिकंदर वहां से रामलीला देखने चला गया। दूसरी ओर, उर्मिला ने WhatsApp पर घटना के बारे में पूछा। सिकंदर ने कथित तौर पर वारदात की जानकारी दी और कुछ संदेशों के स्क्रीनशॉट भी लिए।
हालांकि, डिजिटल बातचीत के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि के लिए संबंधित संदेशों, उनकी प्रामाणिकता और अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। केवल किसी बातचीत के दावे के आधार पर पूरे घटनाक्रम को अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
वारदात के बाद प्रेमी को ब्लॉक करने की बात
पुलिस के मुताबिक, बातचीत में एक और पहलू सामने आया है। दावा किया गया है कि उर्मिला ने संदेश हटाने से पहले सिकंदर को ब्लॉक करने की बात कही थी। साथ ही, जरूरत पड़ने पर खुद फोन करने की बात भी कही गई थी।
इस घटनाक्रम ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। जिस संबंध को लेकर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया जा रहा है, उसी संबंध से वारदात के बाद दूरी बनाने की कोशिश किए जाने का दावा भी सामने आया है। हालांकि, इस बातचीत का वास्तविक संदर्भ और उसका घटनाक्रम से संबंध जांच के निष्कर्षों तथा अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने पत्नी और प्रेमी को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले में उर्मिला और सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि सिकंदर को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। इस संबंध में पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, जांच का केंद्र प्रमोद की मौत की परिस्थितियां, कथित साजिश, आरोपियों के बीच हुई बातचीत और उपलब्ध अन्य साक्ष्य हैं। इन सभी पहलुओं को जोड़कर पुलिस मामले की कड़ियों को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
जांच और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
बागपत के कोताना गांव का यह मामला एक बार फिर रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक जिम्मेदारी और अपराध के आरोपों को लेकर चर्चा में है। हालांकि, किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार अदालत के पास है। इसलिए पुलिस के दावों और आरोपों को न्यायिक निर्णय से पहले आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल, पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में डिजिटल साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले से जुड़े पहलुओं की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

