बस्ती के पास श्मशान घाट बनाने के प्रस्ताव का विरोध, ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार
रिपोर्टर: शुभम साहू
कानपुर नगर: कानपुर नगर के साढ़ थाना क्षेत्र के तिवारीपुर गांव में प्रस्तावित श्मशान घाट के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों की मांग है कि श्मशान घाट का निर्माण गांव की आबादी के नजदीक कराने के बजाय गांव से दूर नदी किनारे कराया जाए। इस संबंध में ग्रामीण जय नारायण पुत्र सिद्धगोपाल ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नर्वल को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने और उचित स्थान पर निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थानीय परिस्थितियों का निरीक्षण कर निष्पक्ष निर्णय लेने की अपील की है।
आबादी के नजदीक प्रस्तावित स्थल पर ग्रामीणों की आपत्ति
तिवारीपुर गांव में श्मशान घाट के निर्माण के लिए स्थल चयन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थान गांव की आबादी के काफी नजदीक है। ऐसे में वहां श्मशान घाट का निर्माण होने से भविष्य में स्थानीय लोगों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां रखी हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक सुविधा के निर्माण से पहले संबंधित स्थल की भौगोलिक स्थिति, आसपास की आबादी और स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं पर ध्यान देना जरूरी है। उनका मानना है कि श्मशान घाट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के लिए ऐसा स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए, जहां ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के दौरान अनावश्यक असुविधा न हो और आसपास रहने वाले लोगों की समस्याओं का भी ध्यान रखा जा सके।
इसी क्रम में जय नारायण ने एसडीएम नर्वल को प्रार्थना पत्र सौंपकर प्रस्तावित स्थल की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन उनकी शिकायत पर गंभीरता से विचार करे और सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करे।
गांव से दूर नदी किनारे निर्माण कराने की मांग
ग्रामीणों ने श्मशान घाट के निर्माण के लिए गांव से दूर नदी की तरफ स्थित उपयुक्त स्थान का चयन करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थल निर्धारित करने से भविष्य में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं को कम किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य से पहले संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रस्तावित स्थल स्थानीय परिस्थितियों के लिहाज से कितना उपयुक्त है। इसके बाद ही निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए।
हालांकि, ग्रामीणों की ओर से जताई गई आपत्तियां फिलहाल उनकी मांग और आशंकाओं पर आधारित हैं। प्रस्तावित स्थल की वास्तविक स्थिति, निर्माण की स्वीकृति और संबंधित भूमि के उपयोग के संबंध में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
ग्राम समाज की 16 बिस्वा भूमि को लेकर भी उठाया सवाल
प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने ग्राम समाज की करीब 16 बिस्वा भूमि पर श्मशान घाट बनवाने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में आपत्तियां उठाए जाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने अब उपजिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत की है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित भूमि के अभिलेखों की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि प्रस्तावित निर्माण के लिए स्थल का चयन किन आधारों पर किया गया है। साथ ही, भूमि की स्थिति और निर्माण संबंधी प्रक्रिया की नियमानुसार समीक्षा की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असहमति या विवाद की स्थिति को समय रहते दूर किया जा सके।
ग्राम समाज की भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण के मामले में संबंधित नियमों, उपलब्ध अभिलेखों और सक्षम अधिकारियों के निर्णय का महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच के लिए एसडीएम से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी नर्वल से अनुरोध किया है कि मामले की जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए। इसके साथ ही प्रस्तावित स्थल का भौतिक निरीक्षण कराकर आसपास की आबादी, पहुंच मार्ग और अन्य स्थानीय परिस्थितियों का आकलन किया जाए।
उनका कहना है कि इस मामले में ग्रामीणों की आपत्तियों को भी सुना जाना चाहिए, ताकि निर्णय लेते समय सभी संबंधित पक्षों की बात सामने आ सके। यदि जांच में प्रस्तावित स्थल अनुपयुक्त पाया जाता है, तो श्मशान घाट के निर्माण के लिए किसी अन्य उचित स्थान पर विचार किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन इस विषय पर स्पष्ट निर्णय लेकर उन्हें अवगत कराए, जिससे गांव में इस मुद्दे को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सके।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की निगाहें
फिलहाल, तिवारीपुर गांव में श्मशान घाट के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है। उनकी प्रमुख मांग आबादी से दूर नदी की तरफ उपयुक्त स्थान पर श्मशान घाट का निर्माण कराने की है। वहीं, ग्राम समाज की करीब 16 बिस्वा भूमि को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच भी इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू है।
अब ग्रामीणों को उपजिलाधिकारी नर्वल और संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच तथा आगे की कार्रवाई का इंतजार है। प्रशासन की जांच के बाद ही प्रस्तावित स्थल की उपयुक्तता और निर्माण को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

