मथुरा में जमीन विवादों पर SSP श्लोक कुमार का बड़ा एक्शन, हर थाने में बनेगा भूमि विवाद रजिस्टर

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बढ़ते जमीन विवादों पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने सख्त कदम उठाए हैं। जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच संपत्ति पर कब्जे, प्लॉटिंग और मालिकाना हक को लेकर सामने आने वाले विवादों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत अब जिले के प्रत्येक थाने में भूमि-संपत्ति विवाद रजिस्टर बनाया जाएगा। इसमें जमीन से संबंधित शिकायतों, उनकी वर्तमान स्थिति और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।

एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही न बरती जाए। साथ ही, पहले से प्राप्त शिकायतों पर भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समय रहते विवादों का समाधान किया जा सके और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

हर थाने में बनेगा भूमि-संपत्ति विवाद रजिस्टर

मथुरा में जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों की निगरानी के लिए पुलिस प्रशासन अब व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसके लिए सभी थानों में भूमि-संपत्ति विवाद रजिस्टर अनिवार्य रूप से बनाया जाएगा। इस रजिस्टर में जनसुनवाई, आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल और थाने में सीधे प्राप्त होने वाली जमीन संबंधी शिकायतों को दर्ज किया जाएगा।

इसके अलावा, प्रत्येक शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई और मामले की मौजूदा स्थिति भी रिकॉर्ड में रखी जाएगी। इससे पुलिस अधिकारियों को यह पता लगाने में आसानी होगी कि किस मामले में कार्रवाई हुई है और कौन-सी शिकायत अभी लंबित है।

दरअसल, जमीन विवादों में कई बार शिकायतों के निस्तारण में देरी होने से पक्षों के बीच तनाव बढ़ जाता है। ऐसे में शिकायतों का नियमित रिकॉर्ड रखने से उनकी निगरानी बेहतर हो सकेगी। साथ ही, थाना प्रभारी समय-समय पर मामलों की समीक्षा कर सकेंगे और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे सकेंगे।

प्रॉपर्टी डीलरों का होगा सत्यापन, आपराधिक इतिहास की जांच

एसएसपी श्लोक कुमार ने जमीन संबंधी विवादों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रॉपर्टी डीलरों के सत्यापन के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत थाना क्षेत्रों में सक्रिय प्रॉपर्टी डीलरों, उनकी कंपनियों के मालिकों, एजेंटों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी।

पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जांच करेगी। यदि किसी प्रॉपर्टी डीलर की आपराधिक गतिविधियों या जमीन से जुड़े विवादों में संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही, आपराधिक प्रवृत्ति के ऐसे लोगों को भूमाफिया पोर्टल पर चिह्नित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। गंभीर मामलों में गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, प्रत्येक मामले में कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

पुलिस की इस पहल का उद्देश्य जमीन के कारोबार में अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और संपत्ति खरीदने-बेचने के दौरान लोगों के हितों की रक्षा करना है।

अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति कॉलोनियों पर भी शिकंजा

भूमि विवादों की रोकथाम के लिए पुलिस प्रशासन अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत ले-आउट के विकसित की जा रही कॉलोनियों की जानकारी संबंधित विभागों को भी देगा। ऐसी गतिविधियों के संबंध में नगर निगम और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) को सूचना भेजी जाएगी।

इसके अलावा, संबंधित मामलों में राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। इससे जमीन से जुड़ी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंच सकेगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

अक्सर जमीन खरीदने वाले लोग प्लॉट की वैधता, स्वीकृत नक्शे और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की पूरी जांच नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप, उन्हें बाद में कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अवैध प्लॉटिंग की पहचान और संबंधित विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, जमीन खरीदने से पहले लोगों को भी संबंधित प्राधिकरण से ले-आउट की स्वीकृति, राजस्व अभिलेख और स्वामित्व के दस्तावेजों की जांच अवश्य करनी चाहिए।

विवादित जमीन पर शांति बनाए रखने के लिए होगी कार्रवाई

एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि विवादित जमीनों पर कब्जे को लेकर होने वाले झगड़ों को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। ऐसे मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 164 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस कानूनी प्रावधान के तहत भूमि, जल या उनकी सीमाओं से संबंधित ऐसे विवादों में कार्यकारी मजिस्ट्रेट शांति भंग होने की आशंका पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं। इसका उद्देश्य विवाद के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और संभावित टकराव को रोकना है।

पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि विवादित स्थलों पर स्थिति के अनुसार आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि कोई भी पक्ष कानून अपने हाथ में न ले सके।

इसके साथ ही, जमीन विवाद से जुड़ी शिकायत मिलने पर दोनों पक्षों की स्थिति और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे मौके पर तनाव बढ़ने की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।

लापरवाही पर थाना और चौकी प्रभारी होंगे जवाबदेह

इस अभियान में पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि भूमि विवादों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।

यदि किसी थाना क्षेत्र में पहले से शिकायत दर्ज होने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं की जाती और बाद में जमीन विवाद के कारण फायरिंग या बलवा जैसी घटना होती है, तो संबंधित थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को जमीन विवादों के प्रति अधिक सतर्क बनाना और शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

जमीन विवादों पर नियंत्रण की दिशा में नई पहल

मथुरा में भूमि-संपत्ति विवाद रजिस्टर, प्रॉपर्टी डीलरों का सत्यापन, अवैध प्लॉटिंग की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाने और विवादित स्थलों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने जैसे कदमों को एक व्यापक कार्ययोजना के रूप में देखा जा रहा है।

यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है, तो जमीन से जुड़े मामलों की निगरानी बेहतर हो सकती है। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ाने और समय रहते विवादों पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, एसएसपी श्लोक कुमार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य मथुरा में जमीन विवादों के कारण उत्पन्न होने वाले तनाव को रोकना, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आम नागरिकों की संपत्ति से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है। अब इस कार्ययोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पुलिस और संबंधित विभाग निर्देशों को कितनी प्रभावी तरीके से लागू करते हैं।

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