मेरठ के फफूंडा गांव में बच्चों के विवाद में फायरिंग, महिला और किशोरी घायल; 8 लोग हिरासत में

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रिपोर्ट – मनीष पराशर

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लोहियानगर थाना क्षेत्र के फफूंडा गांव में बच्चों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद दो पक्षों के बीच गंभीर टकराव का कारण बन गया। सोमवार रात हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई। इस दौरान एक 14 वर्षीय किशोरी और उसकी 50 वर्षीय दादी गोली लगने से घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के आठ लोगों को हिरासत में लिया है।

बच्चों के विवाद से शुरू हुआ मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फफूंडा गांव में बच्चों के बीच खेलते समय किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। शुरुआत में यह मामला बच्चों तक सीमित था, लेकिन बाद में दोनों परिवारों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

बताया जा रहा है कि गांव में स्थित एक परचून की दुकान पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान गाली-गलौज शुरू हो गई। इसके बाद मामला शांत होने के बजाय और बढ़ता चला गया। आरोप है कि गुस्से में आए दोनों पक्षों के कुछ लोग अपने घरों से हथियार लेकर आ गए और फायरिंग शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के दौरान कई राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। प्रारंभिक जानकारी में करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। हालांकि, फायरिंग की वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गोली लगने से किशोरी और उसकी दादी घायल

फायरिंग के दौरान घर के बाहर मौजूद 14 वर्षीय बुशरा, पुत्री आसिफ, और उसकी 50 वर्षीय दादी शहनाज, पत्नी शरीफ, गोली लगने से घायल हो गईं। परिजनों के अनुसार, बुशरा के हाथ में गोली लगी, जबकि शहनाज के पैर में गोली लगी है।

घटना के बाद दोनों घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, जहां उनका उपचार चल रहा है।

इस घटना ने परिवार के सदस्यों को चिंतित कर दिया। वहीं, गांव के लोगों में भी घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई। बच्चों के बीच हुए विवाद का इस स्तर तक पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची

फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और दोनों पक्षों के बीच तनाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

इसके साथ ही पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू कर दी। अधिकारियों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांव में किसी भी तरह के नए विवाद को रोकना रही। पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील भी की।

दोनों पक्षों के आठ लोग हिरासत में

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से आठ लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि विवाद की वास्तविक वजह और फायरिंग में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

पुलिस मामले में संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि विवाद किस परिस्थिति में बढ़ा और फायरिंग में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

सीओ ने क्या बताया?

सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि फफूंडा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद परिवारों के बीच टकराव हुआ। इसके बाद मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के आठ लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है।

मामूली विवाद को समय रहते सुलझाना जरूरी

फफूंडा गांव की यह घटना एक बार फिर बताती है कि बच्चों के बीच होने वाले छोटे विवादों को बड़ों द्वारा समझदारी से सुलझाना कितना जरूरी है। यदि ऐसे मामलों में समय रहते बातचीत और आपसी सहमति से समाधान निकाल लिया जाए, तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है।

हालांकि, इस मामले में फायरिंग की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल घायल दादी-पोती का उपचार जारी है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

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