अमेठी के मां कालिकन धाम में 251 कन्याओं का पूजन और महाभोज, सुंदरकांड पाठ से गूंजा मंदिर परिसर

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रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा

अमेठी। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर अमेठी जिले के संग्रामपुर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां कालिकन धाम में रविवार को श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। यहां कलकत्ता श्री कालिका देवी सेवा समिति, कोलकाता के तत्वावधान में 251 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके साथ ही विशाल महाभोज का आयोजन भी हुआ, जिसमें कन्याओं को भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार भेंट किए गए। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। सुंदरकांड पाठ, हवन-पूजन, महाआरती और कन्या पूजन के माध्यम से भक्तों ने सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना की।

सुंदरकांड पाठ से हुआ धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ

मां कालिकन धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत सुबह आठ बजे सुंदरकांड पाठ के साथ हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से पाठ में सहभागिता की। मंदिर परिसर में जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारे गूंजते रहे। इससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भावना से भर गया।

सुंदरकांड पाठ को हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। मान्यता के अनुसार, श्रद्धापूर्वक सुंदरकांड का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसी भावना के साथ श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।

पाठ संपन्न होने के बाद हवन-पूजन किया गया। इसके पश्चात विधि-विधान से महाआरती हुई। इस दौरान भक्तों ने मां दुर्गा और भगवान श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। धार्मिक कार्यक्रम के प्रत्येक चरण में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

251 कन्याओं का पूजन कर लिया मां दुर्गा का आशीर्वाद

सुंदरकांड पाठ, हवन और महाआरती के बाद कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 251 कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन किया गया। नवरात्रि में कन्या पूजन को शक्ति की उपासना का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, छोटी कन्याओं में देवी के स्वरूप का दर्शन करते हुए उनकी पूजा की जाती है। इसी मान्यता के अनुरूप आयोजन में शामिल कन्याओं का सम्मान किया गया। इसके बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया। साथ ही दक्षिणा और उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया।

कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और सेवा भावना से जुड़ा आयोजन बताया। इस प्रकार पूजा-अर्चना के माध्यम से नवरात्रि की परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।

26 वर्षों से लगातार हो रहा कन्या भोज का आयोजन

इस कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि कलकत्ता श्री कालिका देवी सेवा समिति, कोलकाता पिछले 26 वर्षों से लगातार कन्या भोज का आयोजन करती आ रही है। समिति के सदस्यों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक परंपरा और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा को समर्पित है।

लगातार 26 वर्षों तक इस परंपरा को बनाए रखना समिति की नियमित धार्मिक गतिविधियों और सेवा भावना को दर्शाता है। प्रत्येक वर्ष नवरात्रि के अवसर पर कन्याओं के पूजन और भोज के माध्यम से श्रद्धालु धार्मिक उत्सव में सहभागिता करते हैं।

वर्तमान समय में धार्मिक आयोजनों का महत्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक साथ आने, आपसी सहयोग बढ़ाने और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर भी प्रदान करते हैं। इसी क्रम में मां कालिकन धाम में आयोजित कन्या पूजन और महाभोज ने श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर दिया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की सहभागिता

मां कालिकन धाम में आयोजित इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर शिव सागर द्विवेदी, कृष्ण कुमार मिश्र, सुभाष चंद्र मिश्र, त्रिवेणी तिवारी, दीपू शुक्ल, कमलेश तिवारी और धीरज तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की और कन्या पूजन के महत्व को रेखांकित किया। आयोजन के दौरान पूजा-अर्चना और महाभोज की व्यवस्थाओं के बीच भक्तिमय वातावरण बना रहा।

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस अवधि में भक्त उपवास, हवन, पूजा-पाठ और कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से देवी की आराधना करते हैं। विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का आयोजन कई स्थानों पर श्रद्धापूर्वक किया जाता है।

आस्था और परंपरा का संदेश दे गया आयोजन

संग्रामपुर स्थित मां कालिकन धाम में आयोजित 251 कन्याओं का पूजन और महाभोज धार्मिक आस्था, सेवा और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बना। सुबह सुंदरकांड पाठ से शुरू हुआ कार्यक्रम हवन, महाआरती, कन्या पूजन और महाभोज के साथ संपन्न हुआ।

समिति की ओर से पिछले 26 वर्षों से इस आयोजन को निरंतर जारी रखना नवरात्रि की धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण को दर्शाता है। वहीं, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

इस तरह मां कालिकन धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ने नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन, दक्षिणा और उपहार भेंट करने के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।