कानपुर देहात में रिंद नदी पर 14.07 करोड़ से बनेगा सेतु, 25 हजार लोगों को मिलेगा लाभ – पूरी जानकारी के लिए जरूर पढ़ें यह खबर

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: अकबरपुर-रनिया विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत की उम्मीद जगी है। रिंद नदी पर सेतु निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ गई है। रविवार को ग्राम लम्हरा स्थित मां परहुल देवी मंदिर के पास उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने विधि-विधान से भूमि पूजन किया। करीब 14.07 करोड़ रुपये की लागत से सेतु, पहुंचमार्ग, अतिरिक्त पहुंचमार्ग और सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना से आसपास के गांवों के लगभग 25 हजार लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीणों के लिए यह परियोजना केवल नदी पर पुल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय व्यापार जैसी आवश्यक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। अब तक नदी पर सेतु नहीं होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती थी। विशेषकर बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती थीं। ऐसे में सेतु निर्माण शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

70 वर्षों से की जा रही थी सेतु निर्माण की मांग

रिंद नदी पर सेतु निर्माण की मांग क्षेत्र में लंबे समय से उठाई जा रही थी। आसपास के गांवों के लोगों के लिए नदी के पार आना-जाना कई बार कठिन हो जाता था। ग्रामीणों को कृषि कार्य, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार तक पहुंचने के लिए आवागमन की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

इसके अलावा, किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में भी कठिनाई होती थी। वहीं, विद्यार्थियों को विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों तक जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं तक समय से पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता था।

अब करीब 14.07 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला सेतु इन समस्याओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और आवागमन शुरू होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगा।

इन गांवों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

रिंद नदी पर प्रस्तावित सेतु से लम्हरा और बुझवा की ओर स्थित कई गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना से जुड़ने वाले गांवों में करही, कलवारी, भंवरपुर, बनीपारा जोहर, लम्हरा, बनीपारा डगराहा, जनजुड़िया, हंसपुर और अंबरपुर शामिल हैं।

इसी प्रकार, बुझवा की ओर देविपुर, बुझवा सरा, काशीपुर, नरसूजा, साहसी, महतवाबाद, कादरी, भैवन और अपुन समेत आसपास के गांवों के लोगों को भी बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकती है।

सेतु और पहुंचमार्ग बनने से इन गांवों के बीच आवाजाही आसान होने की संभावना है। साथ ही, ग्रामीणों को बाजार, सरकारी कार्यालयों और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी सुविधा मिल सकती है।

इससे स्थानीय स्तर पर लोगों के समय और परिवहन संबंधी खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रा की दूरी और समय में वास्तविक बदलाव पुल के अंतिम मार्ग तथा संपर्क सड़कों की स्थिति पर निर्भर करेगा।

मां परहुल देवी मंदिर में दर्शन के बाद हुआ भूमि पूजन

सेतु निर्माण के भूमि पूजन से पहले राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने ग्राम लम्हरा स्थित मां परहुल देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर कन्याओं को फल वितरित कर उनका आशीर्वाद भी लिया गया।

इसके बाद विधि-विधान के साथ प्रस्तावित सेतु निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, स्थानीय पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही। लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना की शुरुआत की दिशा में हुई इस पहल को ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यक्रम के साथ विकास परियोजना की शुरुआत ने आयोजन को विशेष बना दिया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सेतु बनने से उन्हें वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी।

प्रतिभा शुक्ला बोलीं- जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता

राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। रिंद नदी पर सेतु निर्माण से वर्षों पुरानी समस्या दूर होगी और हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

उन्होंने परियोजना की स्वीकृति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।

राज्यमंत्री के अनुसार, सेतु बनने से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा और ग्रामीणों को अपनी जरूरतों के लिए आने-जाने में सुविधा मिलेगी।

अक्टूबर 2026 से शुरू होकर मार्च 2028 तक पूरा करने का प्रस्ताव

परियोजना की निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार, निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 में शुरू किए जाने और मार्च 2028 तक पूरा करने का प्रस्ताव है। इसके तहत सेतु के साथ पहुंचमार्ग, अतिरिक्त पहुंचमार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे।

इन सभी कार्यों का उद्देश्य पुल को आसपास की सड़कों से जोड़ना और आवागमन को सुविधाजनक बनाना है। निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों का पालन तथा गुणवत्ता की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी, ताकि परियोजना का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिल सके।

हालांकि, प्रस्तावित समयसीमा के अनुसार कार्य पूरा होना निर्माण की प्रगति और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब निर्माण कार्य की शुरुआत और समयबद्ध ढंग से इसे पूरा किए जाने पर रहेगी।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग रहे मौजूद

भूमि पूजन कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख आशीष मिश्रा, चेयरमैन रामजी गुप्ता, मंडल अध्यक्ष रविन्द्र अवस्थी, विशाल मिश्रा, संजय द्विवेदी, शिवा पांडेय, बृजेंद्र द्विवेदी, तिलक नायक, कप्तान नायक, अंशुल बाजपेई, प्रमोद शुक्ला, दीपक गुप्ता, मंजुल शुक्ला, रामगोपाल द्विवेदी, पंडित नारायण मिश्रा, शिवशंकर अवस्थी, रामसेवक पाल, रामसजीवन पाल, बिनय नायक, राहुल नायक, कुंदन नायक, अंशु पाल, रामसनेही पाल, लाला पाल, राम सिंह पाल, आशीष शुक्ला, रिंकू मिश्रा और शुभम शुक्ला समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, कानपुर देहात में रिंद नदी पर प्रस्तावित सेतु ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है। करीब 14.07 करोड़ रुपये की लागत और लगभग 25 हजार लोगों को संभावित लाभ से जुड़ी इस योजना से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। अब निर्माण कार्य की शुरुआत और निर्धारित समयसीमा में इसे पूरा करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि ग्रामीणों को इस सुविधा का वास्तविक लाभ मिल सके।

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