आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, कार पलटने से चालक और महिला की मौत, दो घायल

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रिपोर्ट – अनुग्रह देवी 

कानपुर: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक सड़क हादसे में कार चालक और एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। कार में सवार एक युवक सुरक्षित बच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक को झपकी आने के कारण कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकराने के बाद कई बार पलट गई। हादसा बिल्हौर क्षेत्र में ईसन नदी पुल के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को कार से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने चालक और एक महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दोनों महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया।

ईसन नदी पुल के पास सुबह करीब 4:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, हादसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 216 के पास सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। उस समय कार लखनऊ की ओर से अंबेडकर नगर जा रही थी। कार में चार यात्री और चालक सवार थे।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लंबी यात्रा के दौरान चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा। इसके बाद तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए।

हालांकि, हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और यूपीडा की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटवाने के लिए क्रेन की मदद भी ली, ताकि एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

किराये की अर्टिगा कार से घर लौट रहा था परिवार

हादसे में सुरक्षित बचे युवक अंकित पुत्र काशीराम ने बताया कि वह मूल रूप से अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के खानपुर सलेमपुर के निवासी हैं। वह राजस्थान के रेवाड़ी में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।

अंकित अपनी मौसी करिश्मा (20), उनकी सास टगोरी बालादास (56), उनकी बेटी सोना (18) और कार चालक मुनेंद्र उर्फ मुन्ना (50) के साथ किराये की अर्टिगा कार से अंबेडकर नगर स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिल्हौर क्षेत्र में यह दुर्घटना हो गई।

हादसे में अंकित सुरक्षित बच गए, जबकि कार में सवार अन्य लोगों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने सभी प्रभावित लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

चालक मुनेंद्र और टगोरी बालादास की मौत

इस दुर्घटना में कार चालक मुनेंद्र उर्फ मुन्ना और टगोरी बालादास की मौत हो गई। चालक मुनेंद्र राजस्थान के रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा थाना क्षेत्र की गोयल कॉलोनी महेश्वरी के निवासी बताए गए हैं। वहीं, टगोरी बालादास बिहार के कटिहार जिले के बंगरोरा बारसोई की रहने वाली थीं।

दुर्घटना के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से उनके परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस ने संबंधित परिवारों को हादसे की सूचना देने की जानकारी दी है।

वहीं, कार में सवार करिश्मा और सोना गंभीर रूप से घायल हो गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों के कहने पर दोनों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए आगे का उपचार वहां कराया जाना है।

पुलिस और यूपीडा ने चलाया राहत-बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलने पर बिल्हौर पुलिस और यूपीडा के सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया। क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

इसके अलावा, दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से एक्सप्रेसवे से हटवाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया। इससे सड़क पर यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिली।

थाना प्रभारी विनय तिवारी के अनुसार, शुरुआती जानकारी में चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान सावधानी जरूरी

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों के लिए पर्याप्त आराम और सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर देर रात और तड़के के समय थकान के कारण नींद आने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में चालक को अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखते हुए यात्रा करनी चाहिए।

यदि वाहन चलाते समय नींद या थकान महसूस हो, तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर पर्याप्त आराम करना चाहिए। केवल खिड़की खोलने, तेज आवाज में संगीत सुनने या चाय-कॉफी पीने पर निर्भर रहना सुरक्षित विकल्प नहीं है। इसके साथ ही, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और सीट बेल्ट लगाना भी आवश्यक है।

बिल्हौर क्षेत्र में हुई यह दुर्घटना लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है। फिलहाल पुलिस हादसे से संबंधित औपचारिक कार्रवाई में जुटी है। पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आ सकती है।

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