दिल्ली के मुखर्जी नगर में मथुरा के युवक पर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और 40 लाख रुपये वसूली का आरोप

WhatsApp Image 2026-10-18 at 6.41.11 PM

रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज

मथुरा/दिल्ली। दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने में मथुरा जिले के गोवर्धन क्षेत्र के निवासी एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। शिकायत करने वाली युवती दिल्ली के मुखर्जी नगर क्षेत्र में पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही है। उसने आरोप लगाया है कि युवक ने पहले फ्लैट दिलाने का झांसा देकर उससे पैसे लिए और बाद में कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 से 2026 के बीच उससे लगभग 40 लाख रुपये लिए गए हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मथुरा कोर्ट में मुलाकात के बाद शुरू हुआ संपर्क

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, युवती की मुलाकात मथुरा कोर्ट में राजेन्द्र सिंह उर्फ फरारी से हुई थी। आरोपी मथुरा जिले के गोवर्धन क्षेत्र के ग्राम नगला मोरा का निवासी बताया गया है। युवती का आरोप है कि राजेन्द्र सिंह ने खुद को अविवाहित बताते हुए उसे मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) का फ्लैट कम कीमत पर दिलाने का भरोसा दिया था।

इसी सिलसिले में युवती ने करीब 6.5 लाख रुपये टोकन मनी के रूप में दिए। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बना रहा। हालांकि, युवती ने आरोप लगाया कि फ्लैट दिलाने के नाम पर शुरू हुआ यह मामला बाद में कथित रूप से ब्लैकमेलिंग और आर्थिक शोषण में बदल गया।

होटल में नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म का आरोप

युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 सितंबर 2024 को मथुरा बार एसोसिएशन के हैदराबाद दौरे के दौरान एक होटल में उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। शिकायत के अनुसार, इस घटना के समय उसे नशीला पदार्थ दिया गया था। युवती का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए।

पीड़िता के मुताबिक, इसके बाद इन तस्वीरों और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे दबाव में रखा जाने लगा। उसने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे बार-बार धमकाया गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।

दो वर्षों में करीब 40 लाख रुपये लेने का आरोप

शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि सितंबर 2024 से वर्ष 2026 के बीच उससे अलग-अलग माध्यमों से लगभग 40 लाख रुपये लिए गए। इसमें ऑनलाइन भुगतान और नकद लेनदेन शामिल होने की बात कही गई है।

युवती का आरोप है कि दिल्ली और मथुरा में अलग-अलग स्थानों पर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। उसने यह भी शिकायत की कि मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फ्लैट की रजिस्ट्री और बैंक खाते के लेनदेन पर भी सवाल

मामले में संपत्ति से जुड़े लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। युवती के अनुसार, नवंबर 2024 में उसके नाम पर एक स्टूडियो अपार्टमेंट की कथित रूप से फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसके बैंक खाते के माध्यम से करीब 6.5 लाख रुपये का लेनदेन कराया गया और मार्च 2026 में संबंधित संपत्ति दोबारा आरोपी के नाम करा दी गई।

इसके अतिरिक्त, युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके परिचितों से भी रुपये उधार दिलवाए। शिकायत के अनुसार, दोस्तों से लगभग 15 लाख रुपये लेकर वापस नहीं किए गए। पुलिस के लिए अब इन लेनदेन, संपत्ति के दस्तावेजों और संबंधित खातों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

परिवार को फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देने का आरोप

युवती ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब उसने अपना फोन बंद कर संपर्क तोड़ने की कोशिश की, तब आरोपी कथित रूप से 19 अगस्त 2025 को दिल्ली स्थित उसके पीजी के सामने पहुंचा और हंगामा किया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर फर्जी पहचान और इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से युवती के परिवार तथा रिश्तेदारों को आपत्तिजनक सामग्री भेजने की धमकी देता रहा। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे तेजाब से हमला करने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।

इसके अलावा, शिकायत में आरोपी की पत्नी नेहा चौधरी, पिता पदम सिंह और भाई सुरेश सिंह पर भी कथित ब्लैकमेलिंग में सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच के निष्कर्षों के आधार पर स्पष्ट होगी।

मुखर्जी नगर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

उपलब्ध विवरण के अनुसार, मामले में पहले 23 सितंबर 2026 को हैदराबाद के नामपल्ली थाने में जीरो एफआईआर संख्या 01/26 दर्ज की गई थी। इसके बाद दिल्ली के मुखर्जी नगर थाने में एफआईआर संख्या 0391/2026 दिनांक 24 सितंबर 2026 को दर्ज किए जाने का उल्लेख है।

प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2), 351(3) और 79 का उल्लेख किया गया है। युवती का मेडिकल परीक्षण बाबू जगजीवन राम अस्पताल में कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले की जांच उपनिरीक्षक अंजलि तोमर को सौंपी गई है। प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई हेड कांस्टेबल संजय यादव के नाम से दर्ज विवरण में बताई गई है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल मामला शिकायत और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच के अधीन है। पुलिस की जांच में कथित वित्तीय लेनदेन, संपत्ति के दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने का निर्णय अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा। वहीं, ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी जरूरी है।

 

You may have missed