बिजनौर: वन दरोगा पर हमले के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, खैर की लकड़ी और होंडा सिटी कार बरामद
रिपोर्ट – ताबिष मिर्ज़ा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में वन दरोगा पर हमला करने के मामले में पुलिस ने लकड़ी चोरी करने वाले कथित गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से चोरी की खैर की लकड़ी और घटना में इस्तेमाल की गई होंडा सिटी कार बरामद की गई है। यह मामला नजीबाबाद थाना क्षेत्र का है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान आरोपियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
वन दरोगा को पिकअप से टक्कर मारने का आरोप
मामले के अनुसार, वन दरोगा सतीश कुमार ने लकड़ी चोरी से जुड़े आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि लकड़ी चोरों ने वन दरोगा को पिकअप वाहन से टक्कर मारकर कुचलने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद वन विभाग और पुलिस महकमे में मामला गंभीरता से लिया गया।
वन दरोगा सतीश कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। जांच के क्रम में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ चोरी की खैर की लकड़ी और घटना में इस्तेमाल की गई होंडा सिटी कार बरामद करने की जानकारी दी है।
दिन में जंगलों की रेकी, रात में काटते थे कीमती पेड़
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर लकड़ी चोरी करने के अपने तरीके के बारे में जानकारी दी। आरोपियों के अनुसार, वे दिन के समय जंगलों में जाकर खड़े पेड़ों की रेकी करते थे। इस दौरान खैर, शमीम और सागौन जैसी लकड़ियों वाले पेड़ों को चिह्नित किया जाता था।
इसके बाद रात के समय जंगल में पहुंचकर कीमती पेड़ों को काटने और लकड़ी को पिकअप वाहन में भरकर ले जाने की बात सामने आई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित गिरोह ने कितनी घटनाओं को अंजाम दिया और चोरी की लकड़ी को कहां बेचा जाता था।
जंगलों से कीमती पेड़ों की अवैध कटाई वन संपदा के संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे मामलों में वन विभाग और पुलिस के बीच समन्वय आवश्यक होता है, ताकि समय रहते अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
एसपी सिटी कृष्ण गोपाल सिंह ने किया खुलासा
इस मामले का खुलासा एसपी सिटी कृष्ण गोपाल सिंह ने किया। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वन दरोगा पर हमले और लकड़ी चोरी से जुड़े मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद लकड़ी और वाहन को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य संभावित संपर्कों और लकड़ी चोरी के नेटवर्क की जानकारी जुटा सकती है। हालांकि, गिरोह की ओर से की गई अन्य वारदातों, बरामद लकड़ी की कुल मात्रा और आरोपियों की पहचान से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
वन संपदा की सुरक्षा के लिए कार्रवाई अहम
बिजनौर के जंगलों में खैर और सागौन जैसे कीमती पेड़ों का संरक्षण महत्वपूर्ण है। इन पेड़ों की अवैध कटाई से पर्यावरण और वन विभाग की व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए जंगलों में नियमित निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और अवैध लकड़ी के परिवहन की जांच जरूरी है।
वहीं, वन विभाग के कर्मचारियों पर कथित हमले का मामला सरकारी कार्य में लगे कर्मियों की सुरक्षा का सवाल भी उठाता है। ऐसी घटनाओं में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है।
फिलहाल, नजीबाबाद थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और कानूनी कार्रवाई की स्थिति की जानकारी पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

