कानपुर में डांडिया नाइट महोत्सव सीजन-4 का आगाज, मुरारी लाल अग्रवाल ने दिया महिला स्वावलंबन का संदेश
रिपोर्ट- हनुमंत सिंह
कानपुर नगर। शहर के लाजपत भवन में डांडिया नाइट महोत्सव सीजन-4 का रंगारंग आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस महोत्सव के पहले दिन संगीत, गरबा और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने लोगों का दिल जीत लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने डांडिया की धुन पर जमकर नृत्य किया। वहीं, पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह, उमंग और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में प्रसिद्ध समाजसेवी सेठ मुरारी लाल अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया।
डांडिया की धुन पर झूमे शहरवासी
लाजपत भवन में आयोजित डांडिया नाइट महोत्सव सीजन-4 में शहरवासियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में पहुंचे प्रतिभागियों ने संगीत की धुन पर गरबा और डांडिया प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने भी नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
महोत्सव में गुजराती लोकनृत्य की पारंपरिक शैली और आकर्षक संगीत ने विशेष माहौल बनाया। वहीं, प्रतिभागियों की ऊर्जा और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। परिवारों, युवाओं और अन्य शहरवासियों की भागीदारी से आयोजन में सामाजिक मेलजोल की झलक भी दिखाई दी।
डांडिया और गरबा जैसे पारंपरिक नृत्य नवरात्रि के दौरान विशेष महत्व रखते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हैं। साथ ही, नई पीढ़ी को भारतीय लोककला, संगीत और परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
मुख्य अतिथि मुरारी लाल अग्रवाल का स्वागत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रसिद्ध समाजसेवी सेठ मुरारी लाल अग्रवाल का आयोजकों ने गुलदस्ता भेंट कर और माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए भारतीय संस्कृति और पारंपरिक उत्सवों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
मुरारी लाल अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमारी पहचान है। त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकें।
इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं के स्वावलंबन को समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका संदेश था कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार और समाज दोनों की प्रगति को मजबूती मिलेगी।
मुख्य अतिथि ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं। उनके संदेश ने कार्यक्रम के सांस्कृतिक उद्देश्य के साथ सामाजिक जागरूकता के महत्व को भी सामने रखा।
भारतीय संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का संदेश
डांडिया नाइट महोत्सव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण और महिला स्वावलंबन का संदेश भी दिया गया। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम धार्मिक आस्था, लोकपरंपराओं और सामाजिक सहभागिता को एक मंच पर लाते हैं।
आज के समय में सांस्कृतिक आयोजनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। व्यस्त जीवनशैली के बीच ऐसे कार्यक्रम लोगों को परिवार और समाज के साथ समय बिताने का अवसर देते हैं। वहीं, पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
महिलाओं की भागीदारी भी इस प्रकार के आयोजनों का महत्वपूर्ण पहलू है। सांस्कृतिक मंच महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, महिला स्वावलंबन का संदेश समाज में समान अवसरों और आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित करता है।
17 और 18 अक्टूबर को आयोजित हो रहा महोत्सव
आयोजकों के अनुसार, डांडिया नाइट महोत्सव सीजन-4 का आयोजन 17 और 18 अक्टूबर को किया जा रहा है। शनिवार को पहले दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जबकि रविवार को भी महोत्सव के तहत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का कार्यक्रम निर्धारित है।
दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य शहरवासियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे संगीत, नृत्य और पारंपरिक उत्सवों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का आनंद ले सकें। इसके साथ ही, ऐसे कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत करने में सहायक होते हैं।

