कानपुर देहात में मिलेट्स महोत्सव एवं रबी गोष्ठी-2026 का आयोजन, किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए किया जागरूक
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। सेवा संकल्प अभियान के समापन अवसर पर शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को माती स्थित ईको पार्क के सामुदायिक भवन में जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव एवं रबी गोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, श्री अन्न यानी मोटे अनाज के पोषण संबंधी लाभों, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। इस दौरान विभिन्न विभागों के पात्र लाभार्थियों को योजनाओं के स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, बीज मिनी किट, आयुष्मान कार्ड और पोषण किट वितरित की गईं।
राकेश सचान और प्रतिभा शुक्ला की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया। साथ ही, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सहभागिता की। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रशासक) नीरज रानी, विधान परिषद सदस्य अविनाश सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान, जिलाधिकारी कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य और उप निदेशक कृषि हरिशंकर भार्गव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लिया।
प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कृषि विकास, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ टिकाऊ और कम लागत वाली खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।
वहीं, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने रबी फसलों की बुवाई के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को उन्नत बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों से किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
रासायनिक खादों के अनावश्यक प्रयोग से बचने की अपील
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने किसानों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक खादों तथा कीटनाशकों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए।
दरअसल, प्राकृतिक खेती के माध्यम से खेती की लागत कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और कृषि उत्पादन को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। ऐसे में किसानों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें खेती के वैकल्पिक तरीकों से परिचित कराना महत्वपूर्ण है।
किसानों ने साझा किए मोटे अनाज और प्राकृतिक खेती के अनुभव
महोत्सव में आयोजित कृषक संवाद सत्र के दौरान प्रगतिशील किसान फूल सिंह ने मोटे अनाज के पोषण संबंधी लाभों और वैज्ञानिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने श्री अन्न के महत्व पर जानकारी देते हुए किसानों को अपनी कृषि पद्धतियों में उपयोगी बदलाव करने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में महाराष्ट्र से आए भारतीय सेना के पूर्व सूबेदार हरिशंकर ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही, कम लागत में गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर भी चर्चा की।
इस प्रकार कृषक संवाद सत्र ने किसानों को खेती के पारंपरिक अनुभवों और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान किया।
किसानों को बीज मिनी किट, लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र और आवश्यक किट प्रदान कीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिए गए। इसके अलावा पांच टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की गईं।
कृषि विभाग ने 20 प्रगतिशील किसानों को चना, राई और मसूर के प्रमाणित बीजों की मिनी किट प्रदान कीं। इसके साथ ही कृषि योजनाओं से संबंधित लाभ भी दिए गए। पशुपालन, समाज कल्याण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, बेसिक शिक्षा, जिला उद्योग केंद्र और पंचायती राज विभाग के पात्र लाभार्थियों को भी विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया।
इन गतिविधियों के माध्यम से कृषि विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
विकास प्रदर्शनी में लगाए गए मिलेट्स और कृषि उत्पादों के स्टॉल
महोत्सव के दौरान कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार, जिला उद्योग केंद्र और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों की ओर से विकास प्रदर्शनी लगाई गई। इसके साथ ही मिलेट्स से संबंधित स्टॉल भी स्थापित किए गए।
जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मोटे अनाज से तैयार उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। इन स्टॉलों का उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों को कृषि उत्पादों, सरकारी योजनाओं तथा पोषण के महत्व से परिचित कराना रहा।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 17 और 24 अक्टूबर को विशेष कैंप
कार्यक्रम के दौरान मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के लिए आयोजित किए जा रहे विशेष कैंपों की जानकारी भी दी गई। प्रशासन के अनुसार, 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर 2026 को जनपद के मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
ऐसे युवा, जिनकी आयु 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष पूरी हो रही है, तथा वे पात्र नागरिक जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है, अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक का समय निर्धारित बताया गया है।
प्रशासन ने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों पर कैंप में पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के संदेश के साथ अभियान का समापन
कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक कृषि हरिशंकर भार्गव ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और उपस्थित किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान का समापन किसान कल्याण, प्राकृतिक खेती, पोषण जागरूकता और ग्रामीण विकास के संदेश के साथ हुआ।
कुल मिलाकर, माती के ईको पार्क में आयोजित मिलेट्स महोत्सव एवं रबी गोष्ठी-2026 के माध्यम से किसानों को नई कृषि तकनीकों, श्री अन्न की उपयोगिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का प्रयास किया गया। साथ ही, विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को सहायता प्रदान कर कृषि विकास के साथ सामाजिक कल्याण को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।

