संतकबीरनगर में 220 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद, दो गिरफ्तार; डीसीएम में लदे थे सेब और शराब
रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर, 17 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मगहर हाईवे पर डीघा बाईपास के पास अंजान शहीद बाबा की मजार के निकट एक डीसीएम ट्रक से 220 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ट्रक में शराब के साथ 115 पेटी सेब भी लदे हुए थे। इसके अलावा दो मोबाइल फोन और 800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, बरामद शराब उत्तराखंड निर्मित है। कुल 4,608 बोतलों में लगभग 1,964.88 लीटर शराब होने का अनुमान है। वहीं, सेब की 115 पेटियों का कुल वजन करीब 1,035 किलोग्राम बताया गया है। बरामद डीसीएम ट्रक का नंबर UP62CT5414 है। पुलिस अब इस मामले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाया जा रहा अभियान
संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
17 अक्टूबर को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक रजनीश राय के नेतृत्व में संयुक्त टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से डीसीएम ट्रक में अवैध शराब ले जाए जाने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने डीघा बाईपास के पास मगहर हाईवे पर निगरानी बढ़ाई।
इसके बाद संदिग्ध डीसीएम ट्रक को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान ट्रक से शराब की 220 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी पहचान आकाश कुमार जाटव और अनुप चौहान के रूप में हुई। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और ट्रक समेत बरामद सामान को कब्जे में ले लिया गया।
अलीगढ़ और बिहार के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पहला आकाश कुमार जाटव पुत्र नाहर सिंह जाटव है, जो अलीगढ़ जिले के गंगीरी थाना क्षेत्र के कसेरी मिलट रामनगर का निवासी बताया गया है। दूसरा आरोपी अनुप चौहान पुत्र कोमल है, जो बिहार के सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के नुनिया टोला हारना टार का निवासी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा संख्या 954/2026 दर्ज किया है। यह मुकदमा उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) और 63 के तहत पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है, ताकि शराब की आपूर्ति और परिवहन से संबंधित अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके।
पूछताछ में सामने आया हरियाणा से सिलीगुड़ी तक माल पहुंचाने का मामला
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, आरोपी आकाश कुमार जाटव ने बताया कि 13 अक्टूबर को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया था। उसने अपना परिचय यादव जी के रूप में दिया और हरियाणा से सेब तथा शराब लदी डीसीएम को सिलीगुड़ी पहुंचाने के लिए 23 हजार रुपये किराया देने की बात कही।
आकाश के कथन के मुताबिक, 14 अक्टूबर को हरियाणा के शाहाबाद पहुंचने पर एक व्यक्ति ने उसे रास्ते के खर्च के लिए पांच हजार रुपये दिए। शेष 18 हजार रुपये माल निर्धारित स्थान पर पहुंचाने के बाद देने की बात कही गई थी।
इसके बाद 15 अक्टूबर को पीलीभीत के पास पहुंचने पर कथित रूप से यादव जी के निर्देश पर उसने एक लाइन होटल पर डीसीएम खड़ी कर दी। इसी दौरान अनुप चौहान उसके साथ सिलीगुड़ी जाने के लिए वहां पहुंचा।
अनुप चौहान ने पूछताछ में बताया कि वह छपरा क्षेत्र में सोन नदी से बालू निकालने के काम में वाहन चलाता है। उसके अनुसार, बुलट यादव नामक व्यक्ति ने फोन कर पीलीभीत में खड़ी सेब और अंग्रेजी शराब से लदी डीसीएम को सिलीगुड़ी पहुंचाने के बदले 18 हजार रुपये देने की बात कही थी।
अनुप ने बताया कि उसने संबंधित व्यक्ति से तीन हजार रुपये ऑनलाइन प्राप्त किए। इसके बाद वह ट्रेन से लखनऊ और वहां से बस के माध्यम से पीलीभीत पहुंचा। पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर को मोबाइल नंबर 7398710680 से मिले निर्देश के आधार पर वह पीलीभीत के एक लाइन ढाबे पर पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात डीसीएम चालक आकाश से हुई। दोनों सिलीगुड़ी जाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन संतकबीरनगर के मगहर क्षेत्र में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ में सामने आए इन बयानों की जांच की जा रही है। मामले में अन्य तथ्यों और कथित संलिप्तता की पुष्टि जांच के आधार पर की जाएगी।
दो अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए टीम गठित
पुलिस के मुताबिक, मामले में यादव जी और बुलट यादव नाम के दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। उनकी पहचान, भूमिका और कथित नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है।
इस कार्रवाई में कोतवाली खलीलाबाद के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे के साथ उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक धर्मनाथ यादव और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। वहीं, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक रजनीश राय के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
अवैध शराब की बरामदगी और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कार्रवाई करने वाली टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
फिलहाल, पुलिस बरामद शराब के स्रोत, उसके परिवहन के उद्देश्य और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही, फरार बताए जा रहे आरोपियों की तलाश भी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित अवैध शराब परिवहन से जुड़े पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

