कानपुर में 18 फर्मों से लाखों की ठगी का आरोप, दुकान बंद कर फरार हुआ व्यापारी; चेक बाउंस होने पर कार्रवाई की मांग
रिपोर्टर- हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर नगर। कानपुर के हरबंश मोहाल क्षेत्र में व्यापारियों से उधार माल लेकर भुगतान के लिए चेक देने और बाद में चेक बाउंस होने का मामला सामने आया है। एक्सप्रेस रोड स्थित दुकान नंबर 290 पर ‘जगदंबा इंटरप्राइजेज’ के नाम से कारोबार करने वाले व्यापारी राजेंद्र सिंह पर कई फर्मों से लाखों रुपये का माल लेकर दुकान बंद करने का आरोप है। पीड़ित व्यापारियों का दावा है कि भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। इसके बाद से संबंधित व्यापारी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। मामले में 18 फर्मों के प्रतिनिधियों ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
व्यापारियों के मुताबिक, प्रकरण में सामने आए चेकों की कुल रकम लगभग 14.88 लाख रुपये है, जबकि उनका दावा है कि अन्य कारोबारियों का माल भी बकाया है। इस आधार पर कुल कथित नुकसान 50 लाख रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक रकम और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
उधार माल लेने के बाद दुकान बंद होने का आरोप
पीड़ित कारोबारियों के अनुसार, जगदंबा इंटरप्राइजेज के संचालक राजेंद्र सिंह और प्रोपराइटर रेखा ने विभिन्न कंपनियों के सेल्समैनों तथा वितरकों के साथ कारोबारी संबंध बनाए थे। इसी भरोसे के आधार पर कथित तौर पर बड़ी मात्रा में सामान उधार लिया गया। भुगतान के लिए पोस्ट डेटेड चेक दिए गए, जिन्हें निर्धारित तारीख पर बैंक में जमा किया जाना था।
हालांकि, जब व्यापारियों ने भुगतान प्राप्त करने के लिए चेक बैंक में लगाए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद संबंधित फर्म से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन पर जवाब नहीं मिला। वहीं, लगातार दो-तीन दिन तक दुकान बंद रहने के बाद कारोबारियों को मामले पर संदेह हुआ।
व्यापारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि दुकान 10 अक्टूबर से बंद है। इसके बाद आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। पीड़ितों के दावे के मुताबिक, फुटेज में राजेंद्र सिंह कथित तौर पर उसी रात एक गाड़ी में सामान लोड करके ले जाता दिखाई दे रहा है। गाड़ी का नंबर UP77 T5036 बताया गया है, हालांकि उपलब्ध तस्वीर में नंबर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने की बात भी कही गई है।
18 फर्मों के चेक बाउंस, रकम 14.88 लाख रुपये
शिकायत में शामिल व्यापारियों के अनुसार, भुगतान के लिए दिए गए चेकों की रकम 18 हजार रुपये से लेकर लगभग डेढ़ लाख रुपये तक है। सूची में कई कारोबारी प्रतिष्ठानों के नाम शामिल हैं। इनमें रागिनी एजेंसीज, रेड रोज इंटरनेशनल और इकबाल अहमद एंड संस की रकम प्रमुख बताई गई है।
शिकायत में उल्लिखित प्रमुख रकम इस प्रकार है:
- रागिनी एजेंसीज: 1,49,910 रुपये
- रेड रोज इंटरनेशनल: 1,47,000 रुपये
- इकबाल अहमद एंड संस: 1,34,058 रुपये
इसके अलावा कीर्ति अर्पेन्स, अग्रवाल मार्केटिंग, रिद्धि इंटरप्राइजेज, बालाजी ट्रेडर्स, माधवगढ़ प्रोटेक्ट, नीलम इंटरप्राइजेज, गौरी इंटरप्राइजेज, बरसाना बेवरेज, जगदीश प्रसाद प्रमोद कुमार, जय अम्बे एजेंसीज, नरेश टेक्सटाइल, एंजल एजेंसीज, रस्तोगी फार्मा, कनोडिया डिस्ट्रीब्यूटर और भूमि जी सेल्स के नाम भी शिकायत में दर्ज बताए गए हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, सूची में शामिल चेकों का कुल मूल्य करीब 14.88 लाख रुपये है। हालांकि, उनका कहना है कि नुकसान केवल इन 18 फर्मों तक सीमित नहीं है। कुछ अन्य कारोबारियों का भुगतान और माल भी बकाया होने का दावा किया जा रहा है। इसी वजह से कुल कथित घपले की रकम 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस व्यापक दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फोन बंद होने से बढ़ी व्यापारियों की चिंता
पीड़ित कारोबारियों का कहना है कि चेक बाउंस होने के बाद उन्होंने राजेंद्र सिंह से संपर्क करने के कई प्रयास किए। आरोप है कि 13 अक्टूबर की रात करीब 11 बजकर 5 मिनट पर उसका मोबाइल फोन कुछ समय के लिए चालू हुआ था, लेकिन इसके बाद फिर बंद हो गया। तब से संबंधित व्यापारी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
इस घटनाक्रम के बाद प्रभावित व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि उधार पर माल देने की व्यवस्था आपसी विश्वास और नियमित भुगतान पर आधारित होती है। ऐसे में यदि भुगतान नहीं मिलता और संबंधित कारोबारी से संपर्क भी टूट जाता है, तो छोटे तथा मध्यम व्यापारियों की पूंजी फंसने का खतरा बढ़ जाता है।
14 अक्टूबर को दिया प्रार्थना पत्र, एफआईआर दर्ज करने की मांग
मामले में पीड़ितों की ओर से एंजल एजेंसीज के अनित जायसवाल ने हरबंश मोहाल थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने और उचित कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों का आरोप है कि 14 अक्टूबर को शिकायत देने के बावजूद उन्हें अब तक एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं मिली है।
इसी सिलसिले में कई कारोबारी हरबंश मोहाल थाने पहुंचे। इनमें अनित जायसवाल, अमन गुप्ता (बरसाना बेवरेज), शिवम (रिद्धि इंटरप्राइजेज), उमेश दत्त बाजपेई और राहुल उपाध्याय (बालाजी ट्रेडर्स) समेत अन्य व्यापारी शामिल रहे। सभी ने मामले में जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।
व्यापारियों का कहना है कि शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होने से मामले की जांच आगे बढ़ सकती है और बकाया रकम की वसूली की संभावनाओं का पता लगाया जा सकता है।
पीड़ित व्यापारियों ने पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित व्यापारी मुकेश आनंद अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कारोबारियों को भरोसे में लेकर पोस्ट डेटेड चेक दिए गए और इसके बाद रातोंरात गोदाम खाली कर दिया गया। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द जांच और उचित कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं, इकबाल अहमद एंड संस के व्यापारी प्रतिनिधि डी.एम. ओझा ने कहा कि 14 अक्टूबर को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने से व्यापारियों में निराशा है। उन्होंने मांग की कि शिकायत पर जल्द कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए तो व्यापारी आंदोलन करने पर विचार कर सकते हैं।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल, पीड़ित व्यापारी कथित बकाया रकम की वसूली और मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि उधार माल देने के बाद भुगतान नहीं मिलने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, लंबे समय तक रकम फंसी रहने से कारोबार की नियमित गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों, चेकों के विवरण, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित दस्तावेजों की जांच से पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि कितने कारोबारी प्रभावित हैं और कुल बकाया रकम कितनी है।

