कानपुर देहात में नदी, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर भाषण प्रतियोगिता, विजेता छात्र सम्मानित

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को नदी एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराने के उद्देश्य से कानपुर देहात में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्वच्छता ही सेवा अभियान और विशेष अभियान के अंतर्गत जिला गंगा समिति, कानपुर देहात की ओर से उच्च प्राथमिक विद्यालय नहोली में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से स्वच्छता, नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

जिलाधिकारी के निर्देशन में आयोजित हुई प्रतियोगिता

जिला गंगा समिति, कानपुर देहात की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी विवेक कुमार सैनी के नेतृत्व में किया गया। जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन और प्रभागीय वनाधिकारी प्रोमिला के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण, नदी संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नदियां हमारे जीवन, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए इनकी स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। इसी क्रम में भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी बात रखने और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को समझने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों ने भाषण के जरिए रखे अपने विचार

उच्च प्राथमिक विद्यालय नहोली में आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का विषय ‘नदी, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता’ रखा गया था। इस विषय के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, नदियों की स्वच्छता और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के महत्व पर विचार व्यक्त करने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों ने अपने भाषणों में स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। इसके साथ ही, उन्होंने समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। प्रतियोगिता में बच्चों की सक्रिय सहभागिता ने यह संदेश दिया कि कम उम्र से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है।

इसके अलावा, ऐसे शैक्षिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ाने में भी सहायक होते हैं। जब बच्चे स्वच्छता और पर्यावरण जैसे विषयों पर जानकारी प्राप्त करते हैं, तो वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

माही यादव ने हासिल किया पहला स्थान

भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में माही यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नितिन द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं, अनुष्का ने तृतीय स्थान हासिल किया।

तीनों विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान का उद्देश्य बच्चों का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में भी शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालयों में इस प्रकार की गतिविधियां आयोजित करने से बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है।

नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए युवाओं से आगे आने की अपील

जिला परियोजना अधिकारी विवेक कुमार सैनी ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा अभियान और विशेष अभियान के तहत इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं में जल, नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए युवाओं और विद्यार्थियों को आगे आना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे स्वयं स्वच्छता के नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा समाज के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए, तो नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि नदियों और घाटों पर कूड़ा-कचरा न फेंकें तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखें। साथ ही, जल स्रोतों को गंदगी से बचाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सभी विद्यार्थियों को दिलाई गई स्वच्छता की शपथ

प्रतियोगिता के समापन पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इस दौरान स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की भूमिका ब्रजेन्द्र स्वरूप गौतम, मधुलिका वर्मा, अध्यापक तथा वन रक्षक आकाश गौतम ने निभाई। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ भी मौजूद रहा।

कुल मिलाकर, जिला गंगा समिति की यह पहल विद्यार्थियों को नदी संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जा सकती है। साथ ही, विद्यालयों से शुरू होने वाली जागरूकता परिवार और समाज तक पहुंचकर स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से मजबूत बना सकती है।

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