कान्य कुब्ज पब्लिक स्कूल में 21 परमवीर चक्र विजेताओं का भावपूर्ण वंदन
रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़
कानपुर: कानपुर के माल रोड स्थित कान्य कुब्ज पब्लिक स्कूल में देश के वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करने के उद्देश्य से ‘परमवीर वंदन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला की मेला पूर्व गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वीर सैनिकों की गौरवगाथाओं को प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों में राष्ट्रभक्ति, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की भावना जागृत की।
यह कार्यक्रम सहयोगी संगठन आई.एम.सी.टी.एफ. कानपुर महानगर और कान्य कुब्ज पब्लिक स्कूल, माल रोड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के बीच देश के वीर जवानों के योगदान को रेखांकित करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय सेना के अदम्य साहस और देशप्रेम से परिचित कराना रहा।
21 परमवीर चक्र विजेताओं को दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन से नमन
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धा और सम्मान के वातावरण में हुई। इस दौरान देश की रक्षा के लिए असाधारण वीरता का परिचय देने वाले 21 परमवीर चक्र विजेताओं को दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। उपस्थित लोगों ने वीर सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उनके त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया।
परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान उन सैनिकों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने युद्ध के दौरान असाधारण शौर्य और साहस का परिचय दिया हो। ऐसे वीरों की गाथाएं देश की सैन्य परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए उनके जीवन और बलिदान से विद्यार्थियों को परिचित कराना राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
विद्यार्थियों ने नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत की वीरता की गाथा
‘परमवीर वंदन’ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यालय के छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियां रहीं। विद्यार्थियों ने भारतीय सैनिकों की वीरता और देश के प्रति उनके समर्पण पर आधारित भावपूर्ण नाटिका प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि देश की सुरक्षा के लिए सैनिक कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।
इसके साथ ही विद्यार्थियों ने 21 परमवीर चक्र विजेताओं का स्वरूप धारण कर मंच से उनकी गौरवशाली शौर्यगाथाओं का वर्णन किया। इन प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने वीर सैनिकों के साहस, अनुशासन, त्याग और देशप्रेम को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को सराहा। वहीं, इन गतिविधियों ने बच्चों को देश के वीर सपूतों के जीवन और उनके योगदान को समझने का अवसर प्रदान किया। इस प्रकार आयोजन मनोरंजन या मंचीय प्रस्तुति तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी शैक्षिक अनुभव भी बना।
मुख्य अतिथि कर्नल एम. जेड. सिद्दीकी ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेना मेडल से सम्मानित वीर नायक कर्नल एम. जेड. सिद्दीकी उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार, उन्होंने युद्ध के दौरान छह गोलियां लगने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय दिया था। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
इसके अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी नवेंदु शुक्ल, वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. शैलेन्द्र द्विवेदी और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलामहामंत्री डॉ. राहुल कुमार मिश्रा मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक ओमकार नाथ अवस्थी ने की।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूजा सहगल सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्रभक्ति के बीच आपसी जुड़ाव को भी रेखांकित किया।
पारिवारिक और सामाजिक संस्कारों के पालन की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान आईएमसीटीएफ की ओर से विभिन्न पारिवारिक एवं सामाजिक संस्कारों के पालन से संबंधित शपथ भी दिलाई गई। इसके माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
आयोजकों की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को यह समझाना रहा कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है। बल्कि अपने परिवार, समाज और देश के प्रति जिम्मेदार व्यवहार करना भी एक अच्छे नागरिक का महत्वपूर्ण दायित्व है।
इसी क्रम में संस्कारों और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया गया। परिवार के प्रति सम्मान, सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपनाकर ही एक जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सकता है।
26 से 30 नवंबर तक आयोजित होगा हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला
कानपुर में आगामी 26 से 30 नवंबर 2026 तक बृजेन्द्र स्वरूप पार्क में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला आयोजित किया जाएगा। ‘परमवीर वंदन’ कार्यक्रम इसी मेले की मेला पूर्व गतिविधियों का हिस्सा रहा। इस आयोजन के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, सेवा भावना, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मेला पूर्व गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों को सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों से जोड़ने का अवसर मिलता है। साथ ही, बच्चों को देश के इतिहास, वीर सैनिकों के योगदान और नागरिक कर्तव्यों के बारे में जानने की प्रेरणा मिलती है।
नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम जगाने का प्रेरणादायी प्रयास
कान्य कुब्ज पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘परमवीर वंदन’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि देश के वीर सैनिकों का सम्मान करना और उनकी प्रेरणादायी गाथाओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की साझा जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, अतिथियों की उपस्थिति और सामाजिक संस्कारों से जुड़ी शपथ के माध्यम से कार्यक्रम ने राष्ट्रभक्ति के साथ नैतिक जिम्मेदारियों पर भी ध्यान केंद्रित किया।
कुल मिलाकर, यह आयोजन 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ बच्चों में साहस, त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को विकसित करने का प्रयास रहा। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रेरित करते हैं कि वे देश के वीर सपूतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

