घाटमपुर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू, 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक लिए जाएंगे दावे-आपत्तियां

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रिपोर्टर – शुभम साहू

घाटमपुर, कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी सिलसिले में घाटमपुर स्थित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची को दुरुस्त करने, पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने और अपात्र प्रविष्टियों की जांच करने पर जोर दिया गया।

12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दर्ज होंगे दावे और आपत्तियां

बैठक में एसडीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस अवधि में पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने, पहले से दर्ज विवरण में सुधार कराने और गलत प्रविष्टियों के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को व्यवस्थित और अद्यतन बनाना है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने के अधिकार से वंचित न रहे। साथ ही, सूची में दर्ज गलतियों की पहचान कर नियमानुसार सुधार किया जा सके।

दरअसल, चुनाव के दौरान मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। इसलिए नागरिकों को समय रहते अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कर लेनी चाहिए। यदि किसी मतदाता के नाम, पते या अन्य दर्ज जानकारी में त्रुटि है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार के लिए आवेदन करना चाहिए।

विशेष अभियान में मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे बीएलओ

बैठक के दौरान एसडीएम ने विशेष अभियान के आयोजन की जानकारी भी दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मौजूदगी सुनिश्चित करने की बात कही गई है। बीएलओ मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और निर्धारित प्रपत्र प्राप्त करने में सहायता करेंगे।

हालांकि, विशेष अभियान की सटीक तारीख और उससे संबंधित अन्य विवरणों की पुष्टि आधिकारिक निर्वाचन कार्यक्रम से की जानी चाहिए। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त करें, ताकि आवेदन करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

इसके अलावा, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटाने और विवरण में संशोधन कराने के लिए अलग-अलग प्रपत्र निर्धारित हैं। सही प्रपत्र का इस्तेमाल करने से आवेदन की प्रक्रिया आसान होती है और संबंधित अधिकारी को अनुरोध पर कार्रवाई करने में सुविधा मिलती है।

नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए इन फॉर्मों का करें इस्तेमाल

मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित प्रपत्रों का उपयोग कर सकते हैं।

फॉर्म-6: पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए इसका इस्तेमाल करना होता है। जो व्यक्ति निर्धारित पात्रता पूरी करता है और जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वह नियमानुसार आवेदन कर सकता है।

फॉर्म-7: मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने या किसी प्रविष्टि के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित तथ्यों और नियमों के अनुसार जांच की जाती है।

फॉर्म-8: मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार तथा निर्धारित अन्य संशोधनों के लिए इस प्रपत्र का इस्तेमाल किया जाता है। मतदाता अपनी जरूरत के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन करने से पहले संबंधित प्रपत्र की मौजूदा उपयोगिता, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक निर्वाचन स्रोत से प्राप्त करना उचित होगा। इससे आवेदन में गलत जानकारी देने या जरूरी दस्तावेज छूटने की आशंका कम होगी।

पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने पर विशेष जोर

एसडीएम ने बैठक में स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना है। इसके तहत पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के साथ-साथ गलत, दोहरी या अपात्र प्रविष्टियों की भी नियमानुसार जांच की जाएगी।

उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, अपने स्तर पर नागरिकों को जागरूक करें, ताकि पात्र लोग मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए समय पर आवेदन कर सकें।

मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज करने या हटाने की कार्रवाई निर्धारित नियमों और जांच के आधार पर की जाती है। इसलिए किसी प्रविष्टि पर आपत्ति होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। इस तरह पुनरीक्षण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

एसडीएम कार्यालय में आयोजित बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम से जुड़ी प्रक्रिया और राजनीतिक दलों की सहभागिता पर चर्चा की गई। प्रशासन की ओर से कहा गया कि प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा। इसके साथ ही मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग जरूरी बताया गया।

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अद्यतन मतदाता सूची चुनावी व्यवस्था का प्रमुख आधार होती है। हालांकि, नागरिकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित प्रत्येक आवेदन पर अंतिम कार्रवाई निर्वाचन नियमों और सक्षम अधिकारी की जांच के अनुसार होगी।

कुल मिलाकर, घाटमपुर में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों के बीच प्रशासन ने पात्र मतदाताओं के नाम शामिल कराने और गलत प्रविष्टियों में सुधार कराने पर जोर दिया है। अब नागरिकों को निर्धारित अवधि के दौरान अपने विवरण की जांच करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रपत्र के माध्यम से आवेदन करने की आवश्यकता होगी। इससे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन बनाने में मदद मिल सकती है।