अमेठी: पुलिस की पाठशाला में एसपी ने छात्र-छात्राओं को बताए सुरक्षा के उपाय, साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी। मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गौरीगंज स्थित रणंजय इंटर कॉलेज में ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से संवाद कर महिला सुरक्षा, नारी सम्मान, स्वावलंबन और साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में बिना संकोच पुलिस की मदद लेने के लिए प्रेरित किया।
महिला सुरक्षा और आत्मविश्वास पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान एसपी सरवणन टी. ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विषम परिस्थिति में घबराने के बजाय साहस और आत्मविश्वास के साथ उसका सामना करना चाहिए। साथ ही, जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों, शिक्षकों और पुलिस को तत्काल जानकारी देने की सलाह दी।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को नारी सम्मान, महिलाओं की सुरक्षा और समाज में समानता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया। इसके अलावा, विद्यार्थियों को अपने आसपास होने वाली ऐसी घटनाओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया, जिनमें किसी व्यक्ति की सुरक्षा या सम्मान प्रभावित हो सकता है।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।
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112: आपातकालीन पुलिस सहायता
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1090: वूमेन पावर लाइन
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181: महिला हेल्पलाइन
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108: एंबुलेंस सेवा
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1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
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1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
एसपी ने विद्यार्थियों से इन नंबरों को याद रखने और जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जागरूकता और सही समय पर मदद लेना किसी भी अप्रिय परिस्थिति से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
साइबर अपराधों से बचने के लिए सावधानी जरूरी
पुलिस की पाठशाला में साइबर सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। एसपी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान और निजी जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि वे किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। इसके साथ ही, अपना ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण किसी के साथ साझा न करें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतें और अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचें।
एसपी ने बताया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, पीड़ित व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकता है। समय पर शिकायत करने से मामले में आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।
डीपफेक और एआई के दुरुपयोग के प्रति किया सतर्क
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग से होने वाले संभावित खतरों के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। एसपी ने कहा कि तकनीक के माध्यम से तैयार किए गए भ्रामक फोटो, वीडियो और ऑडियो का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने या उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
ऐसे में किसी संदिग्ध वीडियो, ऑडियो या संदेश पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
समस्या होने पर पुलिस से संपर्क करने की अपील
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक ने छात्र-छात्राओं से कहा कि सुरक्षा संबंधी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय उचित माध्यम से उसकी जानकारी दें। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने, अपने अधिकारों को समझने और दूसरों की सुरक्षा व सम्मान के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया।
‘पुलिस की पाठशाला’ जैसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षा उपायों, कानूनी सहायता और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तरीकों से परिचित कराना है। मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी प्रमुख रूप से सामने आई।

