सोनभद्र में 118 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, 95 लाख रुपये का माल बरामद
रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र सोनभद्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत करमा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 118 किलो 670 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो कारें, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8,280 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है, जबकि वाहनों समेत कुल बरामदगी का मूल्य लगभग 95 लाख रुपये आंका गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ओडिशा से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले तक पहुंचाने की योजना बना रहे थे। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, गांजे की आपूर्ति के स्रोत और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही है।
ऑपरेशन शुद्धि के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सोनभद्र जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस की ओर से ऑपरेशन शुद्धि चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी घोरावल राजेश कुमार राय के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने तस्करी के इस मामले में कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 की रात थाना करमा पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सूचना और गतिविधियों के आधार पर संदिग्ध वाहनों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे। अभियान के तहत पुलिस टीम क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जा सके।
पुलिस को देखकर वापस मुड़ने लगीं दोनों कारें
जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात थाना करमा के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल और एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा की अगुवाई में संयुक्त टीम ग्राम करनवाह जाने वाले तिराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिन्दुआरी की ओर से दो कारें आती दिखाई दीं।
बताया गया कि पुलिस टीम को देखकर दोनों कारों के चालक वापस मुड़ने लगे। उनकी इस गतिविधि पर पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दोनों वाहनों को रोक लिया।
इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार वाहनों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों कारों में छिपाकर रखे गए टेप से लिपटे कई पैकेट बरामद हुए। पैकेटों की जांच करने पर उनमें गांजा होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सभी पैकेटों को अपने कब्जे में लेकर बरामद मादक पदार्थ का वजन कराया।
दो कारों से 118 किलो 670 ग्राम गांजा बरामद
पुलिस के मुताबिक, गांजा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही पहली गाड़ी महिंद्रा एक्सयूवी-500 थी। इस कार के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे गांजे के पैकेट छिपाए गए थे। वहीं, दूसरी गाड़ी मारुति सुजुकी ब्रेजा की तलाशी के दौरान उसके पिछले और बीच वाले हिस्से से गांजे के पैकेट बरामद किए गए।
दोनों वाहनों से कुल 118 किलो 670 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दोनों कारों को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 8,280 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है। वहीं, जब्त वाहनों और अन्य सामान को मिलाकर कुल बरामदगी का मूल्य लगभग 95 लाख रुपये बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
ओडिशा से मीरजापुर पहुंचाने की थी योजना
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वजीत बारिक उर्फ कानू, रविन्द्र नायक और मोहम्मद दानिश आलम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के निवासी बताए गए हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि गांजा ओडिशा से लाया जा रहा था और इसे उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले तक पहुंचाना था। पुलिस के मुताबिक, इस काम के बदले प्रत्येक आरोपी को 15 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि, पुलिस अब आरोपियों से मिली जानकारी का सत्यापन करने के साथ ही तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का प्रमुख उद्देश्य गांजे की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों, इसकी आपूर्ति करने वालों और इसे प्राप्त करने वाले संभावित खरीदारों तक पहुंचना है।
इसके अलावा, पुलिस बरामद मोबाइल फोन से भी मामले से संबंधित जानकारी जुटा सकती है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में थाना करमा में मुकदमा संख्या 199/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/20/27A/29/60 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ बरामद मादक पदार्थ और वाहनों को कब्जे में लिया है।
गौरतलब है कि मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाए जाते हैं। ऐसे मामलों में केवल तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनके पीछे सक्रिय आपूर्ति नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन का पता लगाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
इसी क्रम में सोनभद्र पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से खरीदा गया था, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
ऑपरेशन शुद्धि के तहत अभियान जारी
अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल ने बताया कि ऑपरेशन शुद्धि के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। पुलिस की प्राथमिकता अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाना और तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना है।
उन्होंने बताया कि जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कुल मिलाकर, सोनभद्र में 118 किलो 670 ग्राम गांजे की बरामदगी और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई है। अब जांच के अगले चरण में पुलिस की नजर गांजे के स्रोत, संभावित खरीदारों और गिरोह के अन्य सदस्यों पर है। जांच से मिलने वाली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

