सोनभद्र में कक्षा 7 की छात्रा पूजा बनीं एक दिन की एएसपी, फरियादियों की सुनीं समस्याएं
रिपोर्ट – ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी
सोनभद्र: बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सोनभद्र पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत एक प्रेरणादायक पहल की। इसके अंतर्गत रॉबर्ट्सगंज स्थित कंपोजिट विद्यालय मुसही की कक्षा सात की छात्रा कुमारी पूजा को एक दिन के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) की जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया गया। पुलिस कार्यालय में एएसपी की कुर्सी पर बैठकर पूजा ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इस पहल के जरिए छात्रा को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिला। वहीं, कार्यक्रम ने बालिकाओं को यह संदेश भी दिया कि शिक्षा, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन के सहारे वे भविष्य में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा सकती हैं।
मिशन शक्ति के तहत छात्रा को मिली एएसपी की जिम्मेदारी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना था। इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालय मुसही की कक्षा सात की छात्रा पूजा को एक दिन के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) की भूमिका निभाने का अवसर मिला।
आमतौर पर पुलिस कार्यालय में अधिकारी जनशिकायतों को सुनते हैं और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान पूजा को भी इसी प्रक्रिया को समझने और उसमें भाग लेने का मौका मिला। उन्होंने कार्यालय में आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए निर्देश दिए।
इस अनुभव के माध्यम से छात्रा को यह समझने का अवसर मिला कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुनना और उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाना कितना महत्वपूर्ण है।
फरियादियों की समस्याएं सुनकर समझी पुलिस की कार्यप्रणाली
कार्यक्रम के दौरान पूजा ने पुलिस कार्यालय में पहुंचने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इसके बाद संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश देने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस गतिविधि ने उन्हें जनशिकायतों से जुड़े कार्यों और पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव दिया।
किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था में जनता की शिकायतें सुनना और उनका नियमानुसार समाधान करना महत्वपूर्ण कार्य होता है। इसके लिए धैर्य, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना आवश्यक है। ऐसे में छात्राओं को इस तरह की गतिविधियों से जोड़ने पर उन्हें प्रशासनिक कामकाज के बारे में जानकारी मिल सकती है।
हालांकि, पूजा को एक दिन की सांकेतिक जिम्मेदारी देकर पुलिस विभाग ने उन्हें अधिकारी की भूमिका का अनुभव कराया। यह अवसर उनके लिए सीखने, सवाल पूछने और भविष्य के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम बना।
एएसपी ऋषभ रुणवाल ने दी प्रशासनिक कार्यों की जानकारी
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने छात्रा को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, अधिकारियों के दायित्वों और जनशिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने पूजा को समझाया कि पुलिस विभाग में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। साथ ही, आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनके समाधान के लिए उचित कार्रवाई करना भी प्रशासनिक कार्य का अहम हिस्सा है।
इस तरह की पहल से छात्राओं को सरकारी संस्थानों की भूमिका समझने में मदद मिलती है। इसके अलावा, उन्हें यह जानने का अवसर मिलता है कि पुलिस अधिकारी किस प्रकार जनता की समस्याओं से जुड़े मामलों पर काम करते हैं।
छात्रा को भेंट किया स्कूल बैग, शिक्षा के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान पूजा का उत्साह बढ़ाने और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से स्कूल बैग भी भेंट किया गया। यह पहल बालिकाओं की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बनी।
शिक्षा बच्चों को न केवल ज्ञान देती है, बल्कि उनमें निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है। विशेष रूप से बालिकाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने से वे अपनी क्षमताओं को पहचान सकती हैं और भविष्य के लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित हो सकती हैं।
पूजा को पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर मिलने से उन्हें एक अलग अनुभव प्राप्त हुआ। साथ ही, यह पहल अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती है कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ें।
मिशन शक्ति फेज-6.0 का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण
मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। सोनभद्र पुलिस की इस पहल के जरिए छात्राओं को केवल सुरक्षा संबंधी जागरूकता तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें नेतृत्व और प्रशासनिक जिम्मेदारी का अनुभव देने का प्रयास भी किया गया।
जब बालिकाओं को जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने का अवसर मिलता है, तो उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, वे समाज में उपलब्ध विभिन्न अवसरों और करियर विकल्पों के बारे में भी बेहतर ढंग से जान पाती हैं।
इस प्रकार के कार्यक्रम स्कूलों और प्रशासनिक संस्थानों के बीच संवाद बढ़ाने में भी सहायक हो सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को सरकारी व्यवस्था को समझने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने की पहल
सोनभद्र में कक्षा सात की छात्रा पूजा को एक दिन के लिए एएसपी की भूमिका देना बालिकाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रयास रहा। इस दौरान उन्हें फरियादियों की समस्याएं सुनने, प्रशासनिक प्रक्रिया को समझने और पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों से परिचित होने का अवसर मिला।
कुल मिलाकर, मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। ऐसी पहलें बालिकाओं को बड़े लक्ष्य तय करने और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

