लखनऊ खंड शिक्षक-स्नातक निर्वाचन 2026: जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण पूरा, डीएम ने दिए निर्देश

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रिपोर्ट – संजीव आनंद 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड शिक्षक एवं लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद सभागार में तैनात सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने, मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों का अक्षरशः पालन किया जाए। साथ ही, सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन अनिवार्य

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने कहा कि निर्वाचन से संबंधित सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने निर्धारित दायित्वों को गंभीरता से निभाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए और मतदान से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों में निर्वाचन तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और किसी भी कमी को समय रहते दूर कराएं।

इसके अलावा, अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और निर्वाचन से संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मतदान के दिन किसी भी मतदाता या मतदान कर्मी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की जांच के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट को अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की सुविधा के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को विशेष रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं की जांच करनी होगी:

  • पेयजल: मतदान केंद्र पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो।
  • शौचालय: मतदाताओं और मतदान कर्मियों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध रहे।
  • रैंप: दिव्यांग मतदाताओं की सुगम पहुंच के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • बिजली: मतदान केंद्र पर बिजली की उचित व्यवस्था हो।
  • फर्नीचर: मतदान कर्मियों के कामकाज और अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध रहे।
  • शेड: आवश्यकतानुसार मतदाताओं को धूप और मौसम से बचाने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र पर कोई कमी मिलती है, तो संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर उसे तत्काल दूर कराया जाए। इस प्रकार मतदान शुरू होने से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने निर्वाचन के दौरान पुलिस प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को उनके दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया और निर्वाचन के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित कार्यों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में समन्वय के साथ कार्रवाई करें।

निर्वाचन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना और मतदाताओं को बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने समझाई मतदान प्रक्रिया

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने से लेकर मतदान कर्मियों की तैनाती और मतपेटियों की सुरक्षा तक, प्रत्येक कार्य में जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया से संबंधित जिम्मेदारियों के बारे में बताया। साथ ही, मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करने और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया गया।

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन के लिए प्रशासन की तैयारी

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड शिक्षक एवं लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर आयोजित यह प्रशिक्षण प्रशासनिक तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों, प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी देना है।

जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की तैयारियों की निगरानी करेंगे। वहीं, मूलभूत सुविधाओं का सत्यापन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय मतदान व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ सभी संबंधित जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट भी उपस्थित रहे।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान पर प्रशासन का जोर

प्रशिक्षण के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, अनुशासन और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुल मिलाकर, लखनऊ खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन-2026 को लेकर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। अब संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं का सत्यापन करने, कमियों को दूर कराने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप तैयारी सुनिश्चित करने पर ध्यान देना होगा। प्रशासन का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

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