बांदा में अयोध्यावासी वैश्य समाज ने पिछड़ा वर्ग का दर्जा देने की उठाई मांग, सदर सीट से टिकट की अपील

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रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़

बांदा। अयोध्यावासी वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने अपने समाज को पिछड़ा वर्ग का दर्जा दिलाने और आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। समाज के प्रतिनिधियों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम ज्ञापन प्रेषित कर अपनी मांगों से अवगत कराया। यह ज्ञापन समाजवादी पार्टी के बांदा जिला अध्यक्ष उमेश यादव के माध्यम से भेजा गया।

ज्ञापन में अयोध्यावासी वैश्य समाज की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि समाज के अधिकांश लोग आजीविका के लिए छोटे-मोटे व्यवसाय, रिक्शा चलाने, ठेला लगाने, मजदूरी करने और फेरी लगाकर सामान बेचने जैसे कार्यों पर निर्भर हैं। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार, लगभग 85 प्रतिशत लोग इन कार्यों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में समाज के लोगों ने सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पिछड़ा वर्ग का दर्जा दिए जाने की मांग की है।

पिछड़ा वर्ग का दर्जा देने की मांग

अयोध्यावासी वैश्य समाज के प्रतिनिधियों ने अपने ज्ञापन में दावा किया कि कुछ राज्यों में उनके समाज को ‘अवधवाल’ और ‘अवध बनिया’ नामों से पिछड़ा वर्ग का दर्जा प्राप्त है। इसी आधार पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी अपने समाज को पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में शामिल करने की मांग रखी है।

समाज के पदाधिकारियों ने अखिलेश यादव से आग्रह किया कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो अयोध्यावासी वैश्य समाज को पिछड़ा वर्ग का दर्जा दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि इससे समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास से जुड़े अवसरों का लाभ प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस संबंध में ज्ञापन में किए गए दावों और विभिन्न राज्यों में लागू वर्गीकरण की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। उत्तर प्रदेश में किसी समुदाय को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल करने का निर्णय संबंधित सरकारी प्रक्रिया और निर्धारित मानदंडों के अनुसार ही किया जाता है।

बांदा सदर विधानसभा सीट से प्रत्याशी उतारने की अपील

पिछड़ा वर्ग का दर्जा देने की मांग के साथ ही अयोध्यावासी वैश्य समाज ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी राजनीतिक अपेक्षा जाहिर की है। समाज के पदाधिकारियों ने समाजवादी पार्टी से बांदा सदर विधानसभा क्षेत्र की सीट संख्या 235 से अयोध्यावासी वैश्य समाज के किसी प्रतिनिधि को प्रत्याशी बनाने का अनुरोध किया है।

ज्ञापन में दावा किया गया है कि बांदा सदर विधानसभा क्षेत्र में अयोध्यावासी वैश्य समाज की आबादी लगभग 60 हजार है। वहीं, पूरे बांदा-चित्रकूट लोकसभा क्षेत्र में समाज की संख्या करीब डेढ़ लाख बताई गई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन आंकड़ों को देखते हुए उनके समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।

पदाधिकारियों ने अपने ज्ञापन में कहा कि समाज के लोग लंबे समय से अपनी सामाजिक पहचान, आर्थिक स्थिति और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। इसलिए आगामी विधानसभा चुनाव में समाज को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ उसकी प्रमुख मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

2027 के चुनाव को लेकर रखी अपनी बात

ज्ञापन में अयोध्यावासी वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के समर्थन की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल होती है, तो समाज के लोग पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे।

इस प्रकार, समाज की ओर से पिछड़ा वर्ग का दर्जा और बांदा सदर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने की मांग को एक साथ उठाया गया है। इन मांगों के माध्यम से पदाधिकारी सामाजिक पहचान के साथ-साथ राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी सामने लाना चाहते हैं।

हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से इन मांगों पर किसी आधिकारिक निर्णय या आश्वासन की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए फिलहाल इन मांगों को समाज के प्रतिनिधियों की अपील के रूप में देखा जा रहा है। आगामी दिनों में पार्टी नेतृत्व इस विषय पर क्या रुख अपनाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

ज्ञापन देने वालों में कई पदाधिकारी रहे मौजूद

अयोध्यावासी वैश्य समाज की ओर से ज्ञापन प्रेषित करने के दौरान समाज के कई पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें प्रमोद गुप्ता राजा, वीरेंद्र गुप्ता बाबू, राजेंद्र गुप्ता प्रकाश, वृंदावन वैश्य, हिमांशु वैश्य, राहुल गुप्ता, गुलशन, राजकुमार राजू, रामेश्वर गुप्ता, जमुना गुप्ता, राकेश गुप्ता, अमित गुप्ता मनीष, रामबाबू गुप्ता और विनय गुप्ता सहित अन्य लोग शामिल रहे।

समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को संबंधित राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही। उनका उद्देश्य समाज की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, पिछड़ा वर्ग के दर्जे की मांग और विधानसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करना है।