वृंदावन में 25 अक्टूबर को होगी सौरभ राज जैन की ‘मेरे कृष्ण’ प्रस्तुति, 20 दृश्यों में दिखेगी कान्हा की जीवन यात्रा

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

वृंदावन: भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, जीवन दर्शन और महाभारत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रंगमंच पर देखने का अवसर वृंदावन में मिलने जा रहा है। टेलीविजन धारावाहिक ‘महाभारत’ में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाकर लोकप्रिय हुए अभिनेता सौरभ राज जैन ब्रज रज उत्सव के अंतर्गत अपनी नाट्य प्रस्तुति ‘मेरे कृष्ण’ लेकर पहुंचेंगे। यह प्रस्तुति 25 अक्टूबर को वृंदावन स्थित स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में आयोजित होगी। इसके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ब्रज रज उत्सव में इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों और रंगमंचीय प्रस्तुतियों को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसी क्रम में ‘मेरे कृष्ण’ दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनेगी। आयोजकों के अनुसार, ब्रजभूमि में इस नाट्य प्रस्तुति का मंचन पहली बार किया जाएगा। धार्मिक आस्था और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस आयोजन में दर्शकों को श्रीकृष्ण के जीवन के अनेक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।

25 अक्टूबर को स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में होगा मंचन

ब्रज रज उत्सव के कार्यक्रमों की शृंखला में 25 अक्टूबर को ‘मेरे कृष्ण’ का मंचन निर्धारित है। वृंदावन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व श्रीकृष्ण से जुड़ी परंपराओं के कारण विशेष है। ऐसे में यहां भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति का आयोजन दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव लेकर आएगा।

इस प्रस्तुति में सौरभ राज जैन भगवान श्रीकृष्ण के किरदार के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाएंगे। टेलीविजन पर श्रीकृष्ण की भूमिका के लिए पहचान बना चुके अभिनेता को रंगमंच पर देखना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होगा। हालांकि, मंचीय प्रस्तुति का स्वरूप टेलीविजन धारावाहिक से अलग होता है, क्योंकि इसमें अभिनय, संवाद, संगीत, दृश्य संयोजन और कलाकारों की प्रत्यक्ष उपस्थिति के जरिए कथा प्रस्तुत की जाती है।

आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक प्रसंगों का मंचन करना ही नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विचारों और मूल्यों को भी दर्शकों तक पहुंचाना है।

20 दृश्यों में सामने आएंगे श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयाम

‘मेरे कृष्ण’ लगभग दो घंटे 45 मिनट की नाट्य प्रस्तुति होगी। इसमें करीब 20 दृश्यों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के अलग-अलग पड़ावों को दर्शाया जाएगा। कथा में उनकी बाल लीलाओं से लेकर महाभारत में उनकी भूमिका और द्वारका से जुड़े प्रसंगों तक को शामिल किया गया है।

श्रीकृष्ण के जीवन की कथाएं भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उनकी बाल लीलाएं प्रेम और सहजता का संदेश देती हैं, जबकि महाभारत से जुड़े प्रसंग कर्तव्य, निर्णय, नेतृत्व और धर्म के प्रश्नों को सामने लाते हैं। इसी तरह, उनके जीवन से जुड़ा दर्शन कठिन परिस्थितियों में विवेक और संतुलन बनाए रखने की सीख से भी जोड़ा जाता है।

नाट्य प्रस्तुति में इन विभिन्न पक्षों को दृश्यों और संवादों के जरिए दर्शकों के सामने रखने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रकार दर्शक श्रीकृष्ण को केवल धार्मिक चरित्र के रूप में ही नहीं, बल्कि उनके विचारों और जीवन मूल्यों के संदर्भ में भी देख सकेंगे।

राधा, कंस और दुर्योधन की भूमिकाओं में नजर आएंगे कलाकार

‘मेरे कृष्ण’ में सौरभ राज जैन के साथ अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूजा शर्मा राधा और महामाया की भूमिकाएं निभाएंगी। वहीं, अर्पित रांका कंस और दुर्योधन के किरदार में नजर आएंगे।

इन पात्रों के माध्यम से कथा में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। राधा और कृष्ण से जुड़े प्रसंगों में प्रेम और भक्ति का भाव प्रमुख रहता है, जबकि कंस तथा दुर्योधन से संबंधित घटनाएं कथा को अलग-अलग मोड़ देती हैं। दूसरी ओर, महाभारत से जुड़े प्रसंगों में श्रीकृष्ण की भूमिका मार्गदर्शक और रणनीतिकार के रूप में सामने आती है।

इस तरह, अलग-अलग पात्रों और घटनाओं के माध्यम से नाटक में श्रीकृष्ण के जीवन के विविध आयामों को जोड़ने का प्रयास किया गया है।

राजीव सिंह दिनकर के निर्देशन में तैयार हुई प्रस्तुति

इस नाट्य प्रस्तुति का निर्देशन राजीव सिंह दिनकर ने किया है। वहीं, विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर और विष्णु पाटिल इसके निर्माण से जुड़े हैं। प्रस्तुति को मंच पर प्रभावी रूप से पेश करने के लिए अभिनय, संवाद और दृश्यों के संयोजन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

करीब 165 मिनट की इस प्रस्तुति में लगभग 20 दृश्यों के माध्यम से कथा आगे बढ़ेगी। इतने लंबे मंचन में कहानी की निरंतरता बनाए रखना और दर्शकों को विभिन्न प्रसंगों से जोड़कर रखना महत्वपूर्ण होता है। इसलिए कलाकारों के अभिनय के साथ निर्देशन और दृश्य संयोजन भी प्रस्तुति का अहम हिस्सा होंगे।

आयोजकों की ओर से इसे धार्मिक आस्था, रंगमंच और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का संगम बताया गया है। इसके जरिए दर्शकों को भारतीय पौराणिक कथाओं और श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

प्रेम, करुणा और कर्तव्य का संदेश देगी ‘मेरे कृष्ण’

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी कथाओं में प्रेम, करुणा, कर्तव्य, नेतृत्व और आत्मबोध जैसे विषय महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ‘मेरे कृष्ण’ के माध्यम से इन मूल्यों को नाटकीय रूप में प्रस्तुत करने की योजना है।

महाभारत में श्रीकृष्ण की भूमिका केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं है। वह अर्जुन को कर्तव्य और निर्णय के महत्व का बोध कराते हैं। वहीं, उनके जीवन के अन्य प्रसंगों में रिश्तों, समाज और परिस्थितियों के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोण दिखाई देते हैं। ऐसे विषयों को मंच के माध्यम से प्रस्तुत करने से दर्शकों को कथा के साथ उसके विचार पक्ष पर भी ध्यान देने का अवसर मिल सकता है।

विशेष रूप से युवा दर्शकों के लिए ऐसी प्रस्तुतियां भारतीय सांस्कृतिक कथाओं को समझने का एक माध्यम बन सकती हैं। हालांकि, नाटक का प्रभाव प्रत्येक दर्शक के अनुभव और उसकी समझ के अनुसार अलग हो सकता है।

ब्रज रज उत्सव में प्रवेश रहेगा निशुल्क

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि ब्रज रज उत्सव में यह आयोजन धार्मिक आस्था, रंगमंच और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उत्सव की सभी प्रस्तुतियों में दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा।

23 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऐसे आयोजन ब्रज क्षेत्र की धार्मिक विरासत, लोक परंपराओं और कला को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में योगदान देते हैं।

कुल मिलाकर, 25 अक्टूबर को वृंदावन के स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह में होने वाली ‘मेरे कृष्ण’ प्रस्तुति ब्रज रज उत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी। सौरभ राज जैन और अन्य कलाकारों के अभिनय के जरिए श्रीकृष्ण के जीवन के लगभग 20 प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था के कारण दर्शकों को इस सांस्कृतिक आयोजन में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।

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