कानपुर में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत 225 बालिकाओं को बांटे फल, मिठाई और स्टेशनरी – फिर दिया यह संदेश
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा
कानपुर: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-6 के तहत बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की। इस दौरान राजकीय बालिका गृह की दोनों इकाइयों में रह रही करीब 225 बालिकाओं को फल, मिठाई, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही उनके प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देना रहा।
पुलिस आयुक्त श्री रघुबीर लाल के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने बालिकाओं के बेहतर भविष्य और सुरक्षित वातावरण के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, यह संदेश भी दिया गया कि महिला एवं बालिका सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सम्मान, अधिकारों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है।
दो राजकीय बालिका गृहों में आयोजित हुआ कार्यक्रम
मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत यह कार्यक्रम कानपुर नगर के दो राजकीय बालिका गृहों में आयोजित किया गया। इनमें राजकीय बालिका गृह यूनिट-1, स्वरूपनगर और राजकीय बालिका गृह यूनिट-2, सूर्यविहार, नवाबगंज शामिल हैं। दोनों इकाइयों में रहने वाली करीब 225 बालिकाओं को आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
नवरात्रि के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में फल और मिठाई के साथ स्टेशनरी भी दी गई। स्टेशनरी का वितरण बालिकाओं की शिक्षा और दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया। वहीं, फल और मिठाई के माध्यम से त्योहार की खुशियां साझा करने का प्रयास किया गया।
इस पहल के जरिए पुलिस ने बालिकाओं के प्रति सहयोग और अपनत्व की भावना को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा, कार्यक्रम ने यह भी रेखांकित किया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को बालिकाओं के सम्मान और विकास के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त सेंट्रल श्री अतुल श्रीवास्तव, अपर पुलिस उपायुक्त सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह तथा अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं महिला अपराध श्रीमती स्नेहा तिवारी मौजूद रहीं। इनके अलावा थाना प्रभारी स्वरूपनगर, थाना प्रभारी नवाबगंज और कमिश्नरेट कानपुर नगर के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अधिकारियों की मौजूदगी में बालिकाओं को सामग्री वितरित की गई। इस दौरान मिशन शक्ति अभियान की भावना के अनुरूप महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के महत्व को सामने रखा गया।
पुलिस की इस पहल से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जरूरतमंद बालिकाओं की सहायता करना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सहयोग देना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
मिशन शक्ति फेज-6 का उद्देश्य क्या है?
उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि महिलाएं और बालिकाएं उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं, शिकायत दर्ज कराने के तरीकों और जरूरत पड़ने पर पुलिस से संपर्क करने के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके साथ ही, समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है।
इसी क्रम में कानपुर नगर पुलिस की ओर से राजकीय बालिका गृहों में आयोजित कार्यक्रम को सामाजिक संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा सकता है। हालांकि, किसी भी अभियान की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होती है, जब जागरूकता के साथ-साथ सुरक्षा सेवाओं तक आसान पहुंच और जरूरतमंदों को समय पर सहायता भी उपलब्ध हो।
महिला सुरक्षा के लिए 1090 सहित सहायता सेवाओं की जानकारी जरूरी
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में विभिन्न पुलिस सहायता सेवाएं संचालित हैं। इनमें वीमेन पावर लाइन 1090 भी शामिल है, जिसके माध्यम से महिलाएं उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के लिए सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
किसी महिला या बालिका को परेशानी होने पर उसे उपलब्ध आधिकारिक सहायता सेवाओं की जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा, तत्काल खतरे की स्थिति में पुलिस की आपातकालीन सहायता लेना महत्वपूर्ण है। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसी सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।
मिशन शक्ति के तहत इस प्रकार की पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि सुरक्षा के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार करना भी जरूरी है। जब बालिकाओं को शिक्षा, सहयोग और अपनी बात रखने के अवसर मिलते हैं, तो उनके विकास के लिए सकारात्मक परिस्थितियां बनती हैं।
बालिकाओं के सम्मान और बेहतर भविष्य का संदेश
नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने त्योहार की खुशियों को बालिका सुरक्षा और सामाजिक सहयोग के संदेश से जोड़ा। करीब 225 बालिकाओं को फल, मिठाई, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कर पुलिस ने उनके प्रति सहयोग और संवेदनशीलता का परिचय देने का प्रयास किया।
कुल मिलाकर, मिशन शक्ति फेज-6 के तहत कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस की यह पहल महिला एवं बालिका सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रोत्साहनपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना समाज की साझा जिम्मेदारी है। साथ ही, महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा सेवाओं की जानकारी देना तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना भी आवश्यक है।

