इटावा में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा, 500 से अधिक लोगों को बनाया शिकार; 4 गिरफ्तार
रिपोर्ट: रोहित सिंह चौहान
इटावा, उत्तर प्रदेश। इटावा पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर 500 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 16 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 42 एटीएम व डेबिट कार्ड, छह सक्रिय सिम कार्ड, एक लैपटॉप, बैंक पासबुक, चेकबुक और वित्तीय लेन-देन से जुड़े तीन रजिस्टर बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने एक थार और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी के इस नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम अंबेडकर चौराहा ओवरब्रिज के नीचे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशुल उर्फ अंशु तिवारी निवासी लवेदी, इटावा, रॉकी राणावत निवासी बलरहर, इटावा, अंकित मिश्रा उर्फ राहुल निवासी इकदिल, इटावा और मोहित उर्फ रोहित यादव निवासी औरैया के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों को ठगने के तरीके के बारे में जानकारी दी है।
ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देते थे लालच
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी MY 11 नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को गेम खेलने और सट्टेबाजी में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते थे। उन्हें कम समय में पैसा कई गुना करने और मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था।
आरोप है कि इस लालच में फंसकर कई लोग अपनी रकम गंवा बैठे। गिरोह के सदस्य युवाओं और आम नागरिकों को मामूली कमीशन देने का प्रलोभन देकर उनके बैंक खातों और पहचान संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे। इस तरीके से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में मंगवाया जाता था।
फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों के फोटो, आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज हासिल कर कथित तौर पर म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों से सिम कार्ड लिंक किए जाते थे, ताकि ऑनलाइन लेन-देन के जरिए ठगी की रकम प्राप्त की जा सके।
इसके बाद बैंक खातों में आई रकम को एटीएम से निकालने या ऑनलाइन ट्रांसफर करने के बाद आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। अब पुलिस बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग दस्तावेजों और रजिस्टरों की जांच कर रही है, ताकि ठगी से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके।
थार और स्कॉर्पियो समेत सामान बरामद
इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के 42 एटीएम और डेबिट कार्ड, छह सक्रिय सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है। इसके अलावा, कई बैंक पासबुक, चेकबुक, फर्जी पहचान पत्र और वित्तीय लेन-देन का हिसाब रखने वाले तीन रजिस्टर भी मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद थार और स्कॉर्पियो गाड़ियां कथित तौर पर ठगी की कमाई से खरीदी गई थीं। इन वाहनों और अन्य संपत्तियों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
एसएसपी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने लोगों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कम समय में पैसा कई गुना करने का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए न दें और न ही कमीशन के लालच में अपने दस्तावेज साझा करें।
इसके साथ ही, लोगों को अपना ओटीपी, एटीएम कार्ड का विवरण, बैंकिंग पासवर्ड और आधार कार्ड जैसी निजी जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। किसी संदिग्ध ऐप या लिंक के माध्यम से पैसे जमा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना भी जरूरी है।
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। समय पर शिकायत करने से संबंधित बैंक खाते और लेन-देन की जांच में मदद मिल सकती है।
इटावा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब गिरोह के कथित नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहना और अपनी वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

