अमेठी में सपा के तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल, स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। अमेठी में आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में तीनों नेताओं ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा, वहीं भाजपा में शामिल हुए विधायकों ने अपने फैसले की वजह भी बताई।
अमेठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जानकारी के अनुसार, तीनों ने पार्टी के टोल फ्री नंबर के माध्यम से सदस्यता प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने स्मृति ईरानी की मौजूदगी में उन्हें भाजपा का पटका पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने की चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही थी। इससे पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान भी इन नेताओं के रुख को लेकर राजनीतिक हलचल देखने को मिली थी। अब औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
समारोह को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दलों को एकजुट करके अपने नेता को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाने की कोशिशों के बावजूद कांग्रेस उत्तर प्रदेश में लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है।
स्मृति ईरानी ने अपने संबोधन में अमेठी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का परिवार जब अपने दम पर यहां चुनाव नहीं लड़ सकता, तो वह अपने दम पर देश का नेतृत्व कैसे कर सकता है। उनका यह बयान कांग्रेस के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी स्थिति पर राजनीतिक टिप्पणी के रूप में सामने आया।
अमेठी लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में यहां आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में कांग्रेस पर की गई टिप्पणी ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में ला दिया। हालांकि, स्मृति ईरानी के बयान को उनके राजनीतिक वक्तव्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव पर लगाए आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को सत्ता की राजनीति में मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। चौधरी ने सपा प्रमुख पर अपने पिता और चाचा का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि अब वह उत्तर प्रदेश का भी अपमान कर रहे हैं।
इसके अलावा, चौधरी ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के युवकों के साथ कथित मारपीट को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जनता अखिलेश यादव को जवाब देगी।
ये बयान भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इस संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए इन टिप्पणियों को नेताओं के बयानों के संदर्भ में ही समझना उचित होगा।
अभय सिंह ने रामचरितमानस का मुद्दा उठाया
भाजपा में शामिल होने के बाद अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी छोड़ने के अपने फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस जलाए जाने की घटना पर सपा की ओर से विरोध नहीं किए जाने से उनका मन आहत हुआ था। इसी कारण उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।
अभय सिंह का यह बयान उनके राजनीतिक फैसले के पीछे बताए गए वैचारिक कारणों को सामने लाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद पहले भी चर्चा में रहे हैं। इस बार भी रामचरितमानस का मुद्दा सदस्यता ग्रहण समारोह में प्रमुखता से उठा।
राकेश प्रताप सिंह बोले- भाजपा का विधायक बनाने आया हूं
राकेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “मैं भाजपा में विधायक बनने नहीं आया हूं, भाजपा का विधायक बनाने आया हूं।” उनके इस बयान को पार्टी के लिए काम करने और संगठन को मजबूत करने के उनके संकल्प के रूप में देखा जा रहा है। राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। वहीं, अभय सिंह अयोध्या जिले की गोसाईंगंज सीट और विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी सीट से जुड़े रहे हैं। तीनों नेताओं का भाजपा में शामिल होना अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगे क्या होगा?
तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं। हालांकि, उनकी भविष्य की भूमिका या चुनाव में टिकट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा इस कार्यक्रम के उपलब्ध विवरण में नहीं की गई है।
इस घटनाक्रम से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और नेताओं के दल बदलने की गतिविधियां चर्चा के केंद्र में हैं। भाजपा के सदस्यता समारोह में जहां स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधा, वहीं पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव को घेरा। दूसरी ओर, अभय सिंह ने रामचरितमानस से जुड़े मुद्दे को पार्टी छोड़ने की वजह बताया और राकेश प्रताप सिंह ने भाजपा के लिए काम करने की बात कही।
कुल मिलाकर, अमेठी में आयोजित यह कार्यक्रम तीन नेताओं के भाजपा में औपचारिक प्रवेश के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में नए घटनाक्रम के रूप में सामने आया है। अब इन नेताओं की आगामी राजनीतिक गतिविधियों और पार्टी में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।

