फतेहपुर- हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी का अंतिम संस्कार, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि
रिपोर्ट- अशोक सिंह
फतेहपुर/असोथर। कन्नौज में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले फतेहपुर जिले के असोथर निवासी हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी का बुधवार सुबह गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। अपने प्रियजन और क्षेत्र के एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी को अंतिम विदाई देने के लिए परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और कस्बे के बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान हर आंख नम नजर आई। दिवंगत हेड कांस्टेबल के छोटे भाई आशीष त्रिपाठी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बड़े भाई को मुखाग्नि दी।
अभिषेक त्रिपाठी की असामयिक मृत्यु से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, कस्बे के लोगों में भी शोक की लहर है। सड़क हादसे में उनकी मौत की खबर मिलने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बुधवार को जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई, तो वहां मौजूद लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
देर रात असोथर पहुंचा हेड कांस्टेबल का पार्थिव शरीर
जानकारी के अनुसार, कन्नौज में पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक के स्कॉर्ट वाहन से जुड़े सड़क हादसे में हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी की जान चली गई थी। इस दुखद घटना के बाद उनके पार्थिव शरीर को मंगलवार देर रात करीब दो बजे पुलिस की अभिरक्षा में असोथर लाया गया। शव के घर पहुंचते ही परिवार में शोक का माहौल और गहरा हो गया।
इसके बाद बुधवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। सुबह करीब 10:30 बजे नगर पंचायत असोथर स्थित उनके निजी निवास के पास खेतों में बने पूर्वजों के समाधि स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई आशीष त्रिपाठी ने बड़े भाई को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
इस दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, परिचित और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत हेड कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिषेक त्रिपाठी के असमय चले जाने से उनके परिचितों और क्षेत्रवासियों में गहरा दुख देखने को मिला।
पुलिस सलामी टीम ने दी अंतिम सलामी
दिवंगत हेड कांस्टेबल को सम्मान देने के लिए फतेहपुर जिला मुख्यालय से पुलिस की सलामी टीम असोथर पहुंची। टीम ने उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर असोथर थाना प्रभारी राजीव मिश्रा और जरौली चौकी प्रभारी राकेश शर्मा भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। सलामी के दौरान दिवंगत हेड कांस्टेबल के प्रति सम्मान और परिवार के प्रति संवेदना का भाव दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने भी उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस विभाग के किसी वरिष्ठ या सक्षम अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि अभिषेक त्रिपाठी पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और सड़क हादसे में उनकी जान गई थी। ऐसे में विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी को अंतिम संस्कार में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति से शोक संतप्त परिवार को संबल मिलता और दिवंगत पुलिसकर्मी के प्रति विभागीय सम्मान भी प्रदर्शित होता। हालांकि, जिला मुख्यालय से पुलिस सलामी टीम के पहुंचने और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार संपन्न होने की पुष्टि हुई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हेड कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी अपने पीछे मां शकुन्तला त्रिपाठी, पत्नी गुड़िया त्रिपाठी और चार वर्षीय बेटी प्रतीक्षा त्रिपाठी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है। खासकर, इतनी छोटी उम्र में बेटी के सिर से पिता का साया उठ जाना परिजनों के दुख को और गहरा कर गया है।
अभिषेक की मृत्यु के बाद परिवार के सामने अपनों को खोने का असहनीय दुख है। मां ने अपना बेटा खो दिया, पत्नी ने जीवनसाथी और मासूम बेटी ने पिता को खो दिया। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों की भावुक स्थिति देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
वहीं, असोथर के लोगों ने परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने का संबल दिया। लोगों ने दिवंगत हेड कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके जाने से परिवार को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
बुधवार को असोथर में अभिषेक त्रिपाठी के अंतिम संस्कार के साथ ही परिवार और क्षेत्रवासियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान शोक, संवेदना और पुलिसकर्मी के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। सड़क हादसे में हुई उनकी मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत हेड कांस्टेबल की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सड़क हादसों से होने वाली अपूरणीय क्षति की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
असोथर में बुधवार सुबह का माहौल लंबे समय तक लोगों को भावुक करता रहा। परिवार के लिए यह दिन एक ऐसी पीड़ा छोड़ गया, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। वहीं, क्षेत्रवासियों ने अभिषेक त्रिपाठी को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

