कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 पर पहली बार दौड़ी ट्रेन, रावतपुर से विजय नगर चौराहे तक हुआ टेस्ट रन

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रिपोर्ट – मुकेश वर्मा  

कानपुर: कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 (सीएसए–बर्रा-8) पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) ने पहली बार इस कॉरिडोर के एक हिस्से पर मेट्रो ट्रेन का टेस्ट रन पूरा किया। परीक्षण के दौरान ट्रेन कॉरिडोर-2 डिपो से डाउनलाइन पर रवाना हुई और भूमिगत सेक्शन के रावतपुर, काकादेव तथा डबल पुलिया स्टेशनों से गुजरते हुए विजय नगर चौराहा स्टेशन के निकट स्थित रैंप तक पहुंची। इसके बाद ट्रेन को वापस डिपो लाया गया।

इस टेस्ट रन के साथ ही कॉरिडोर-2 पर ट्रैक और विद्युत आपूर्ति प्रणाली के बीच समन्वय की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। वहीं, इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्यों को भी तेजी से पूरा करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। कानपुर मेट्रो के विस्तार से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 पर पहली बार हुआ टेस्ट रन

यूपीएमआरसी के अनुसार, कॉरिडोर-2 के अंतर्गत सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में स्थित डिपो से विजय नगर चौराहा स्टेशन के निकट बने रैंप तक डाउनलाइन पर ट्रैक निर्माण और थर्ड रेल इंस्टॉलेशन का कार्य पूरा होने के बाद टेस्ट रन किया गया। यह इस हिस्से पर मेट्रो ट्रेन का पहला परीक्षण था।

टेस्ट रन के दौरान ट्रेन को डिपो से रवाना किया गया। इसके बाद वह भूमिगत मार्ग पर स्थित रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया स्टेशनों से गुजरते हुए विजय नगर चौराहा स्टेशन के पास बने रैंप तक पहुंची। निर्धारित परीक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रेन को वापस कॉरिडोर-2 डिपो लाया गया।

इस अवसर पर यूपीएमआरसी के निदेशक (वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर) सी. पी. सिंह, निदेशक (रोलिंग स्टॉक) नवीन कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रैक तथा संबंधित तकनीकी प्रणालियों के प्रदर्शन का परीक्षण किया गया।

5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ट्रेन

कॉरिडोर-2 पर किए गए पहले टेस्ट रन के दौरान मेट्रो ट्रेन को मैनुअल मोड में 5 किलोमीटर प्रति घंटे की कम गति से चलाया गया। शुरुआती परीक्षण का उद्देश्य ट्रैक, विद्युत आपूर्ति और ट्रेन से जुड़ी अन्य प्रणालियों के बीच तालमेल की जांच करना था।

दरअसल, मेट्रो ट्रेन के नियमित परिचालन से पहले विभिन्न तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण आवश्यक होता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि ट्रैक और बिजली आपूर्ति सहित अलग-अलग व्यवस्थाएं एक साथ किस प्रकार काम कर रही हैं।

यूपीएमआरसी के मुताबिक, इस परीक्षण के दौरान प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद आगामी चरणों में ट्रेन को ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) और ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मोड में चलाकर परीक्षण किया जाएगा।

हालांकि, इस पहले टेस्ट रन को नियमित यात्री सेवा की शुरुआत नहीं माना जाना चाहिए। इसके बाद भी निर्धारित तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी होगा।

कॉरिडोर-2 पर अपलाइन का काम भी जारी

कॉरिडोर-2 पर डाउनलाइन के बाद अब अपलाइन पर भी निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कॉरिडोर-2 डिपो से विजय नगर चौराहा स्टेशन के निकट स्थित रैंप तक अपलाइन पर ट्रैक निर्माण का काम जारी है।

यूपीएमआरसी के अनुसार, अपलाइन का निर्माण पूरा होने के बाद इस हिस्से पर भी मेट्रो ट्रेन के टेस्ट रन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे दोनों लाइनों पर ट्रैक और संबंधित व्यवस्थाओं के परीक्षण की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, कॉरिडोर-2 के अन्य हिस्सों में भी निर्माण कार्य पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। विभिन्न चरणों में ट्रैक, विद्युत आपूर्ति और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को तैयार करना परियोजना के आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है।

8.60 किलोमीटर लंबा होगा कानपुर मेट्रो का कॉरिडोर-2

कानपुर मेट्रो का कॉरिडोर-2 सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा-8 तक प्रस्तावित है। इसकी कुल लंबाई लगभग 8.60 किलोमीटर है। इसमें करीब 4.50 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन और लगभग 4.10 किलोमीटर का भूमिगत सेक्शन शामिल है।

इस कॉरिडोर का एलिवेटेड हिस्सा दो भागों में विकसित किया जा रहा है। पहला हिस्सा सीएसए विश्वविद्यालय से कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक है, जबकि दूसरा हिस्सा विजय नगर स्टेशन के निकट स्थित रैंप से बर्रा-8 तक बनाया जा रहा है।

कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन में पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 शामिल हैं।

वहीं, भूमिगत सेक्शन में तीन स्टेशन होंगे। इनमें रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों को कॉरिडोर-2 के प्रमुख हिस्सों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

कॉरिडोर-1 के शेष हिस्से पर भी काम जारी

कानपुर मेट्रो परियोजना के कॉरिडोर-1 के शेष हिस्से, कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक, पर भी काम जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस सेक्शन पर यात्री सेवाएं शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, सेवा शुरू होने की निश्चित तारीख की पुष्टि संबंधित आधिकारिक घोषणा से ही की जानी चाहिए।

इसी बीच कॉरिडोर-2 पर पहला टेस्ट रन पूरा होना परियोजना के निर्माण और तकनीकी परीक्षण के लिहाज से एक महत्वपूर्ण चरण है। इससे इस कॉरिडोर पर आगे की जांच और निर्माण संबंधी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

कानपुर के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

कॉरिडोर-2 के पूरा होने और यात्री सेवाएं शुरू होने के बाद शहर के विभिन्न इलाकों के बीच आवागमन के लिए एक अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन विकल्प उपलब्ध हो सकता है। खासकर रावतपुर, काकादेव, विजय नगर और बर्रा क्षेत्र के यात्रियों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, वास्तविक सुविधा इस बात पर निर्भर करेगी कि कॉरिडोर का निर्माण कब पूरा होता है और यात्री सेवाएं किस समय से शुरू की जाती हैं। फिलहाल, पहला टेस्ट रन परियोजना के तकनीकी विकास की दिशा में एक अहम कदम है।

कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 पर पहली बार ट्रेन का टेस्ट रन पूरा होने से सीएसए–बर्रा-8 परियोजना ने एक नया चरण पार किया है। डाउनलाइन पर परीक्षण के बाद अब अपलाइन का निर्माण पूरा करने और आगामी तकनीकी जांच की तैयारी की जा रही है। आने वाले चरणों में परीक्षण और निर्माण की प्रगति के आधार पर इस कॉरिडोर को यात्री परिचालन के लिए तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।

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