गोंडा के तरबगंज में दो लेखपाल निलंबित, अतिक्रमण पर कार्रवाई न करने और लापरवाही के आरोप
रिपोर्ट – आशीष कुमार
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की तरबगंज तहसील में प्रशासन ने राजस्व कार्यों में कथित लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप में दो लेखपालों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए लेखपालों में ओम प्रकाश और राकेश कुमार यादव शामिल हैं। दोनों के खिलाफ संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही दोनों को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व अभिलेखों के रखरखाव, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों और विभागीय आदेशों के अनुपालन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, दोनों कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
तरबगंज में दो लेखपालों पर प्रशासन की कार्रवाई
तरबगंज तहसील में तैनात लेखपाल ओम प्रकाश और राकेश कुमार यादव के खिलाफ अलग-अलग मामलों में निलंबन की कार्रवाई की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों पर अपने निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने, राजस्व संबंधी कार्यों को समय पर पूरा नहीं करने और विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप हैं।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद यह कदम उठाया। इसके बाद दोनों लेखपालों को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अब उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच निर्धारित अधिकारियों की ओर से की जाएगी।
राजस्व विभाग में लेखपालों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। वे भूमि संबंधी अभिलेखों के रखरखाव, भूमि की स्थिति के सत्यापन, सरकारी जमीन से जुड़े मामलों और विभिन्न राजस्व योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करते हैं। ऐसे में इन कार्यों में देरी या निर्देशों के पालन में कमी आने पर संबंधित मामलों का निस्तारण प्रभावित हो सकता है।
लेखपाल ओम प्रकाश पर क्या हैं आरोप?
पहले मामले में लेखपाल ओम प्रकाश को नायब तहसीलदार नवाबगंज की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया है। उन पर जेडी 400 भूमि का सत्यापन नहीं करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, उनके क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण की शिकायतों के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, सतराम पुरी रामऔतार की ओर से भी शिकायत की गई थी। आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित शिकायतों का समय पर निस्तारण राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इस मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप को गंभीरता से लिया गया।
इसके अलावा, ओम प्रकाश पर स्वामित्व योजना के मानचित्र जमा नहीं करने और राजस्व अभिलेखों को अपडेट नहीं करने का आरोप भी लगाया गया है। इन कार्यों में देरी होने से भूमि संबंधी रिकॉर्ड के रखरखाव और योजना के तहत जरूरी प्रक्रियाओं पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, इन आरोपों पर लेखपाल ओम प्रकाश का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आए हैं। इसलिए मामले में अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
तहसीलदार तरबगंज करेंगे ओम प्रकाश के मामले की जांच
लेखपाल ओम प्रकाश के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार तरबगंज को सौंपी गई है। जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों, शिकायतों और भूमि सत्यापन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है।
जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित कार्यों में देरी या लापरवाही हुई या नहीं और यदि हुई, तो इसके पीछे क्या कारण रहे। इसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई का निर्णय लिया जा सकेगा।
राकेश कुमार यादव भी निलंबित
दूसरे मामले में लेखपाल राकेश कुमार यादव को तहसीलदार तरबगंज की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया गया है। उन पर ग्राम ताराडीह में राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत पारित एक आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है।
राजस्व संहिता की धारा 67 सरकारी या सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अनधिकृत कब्जे से जुड़े मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया से संबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित आदेशों का पालन और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करना राजस्व प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है।
राकेश कुमार यादव पर इसके अलावा बिना आदेश ताराडीह क्षेत्र का काम करने का आरोप भी है। साथ ही, उन पर स्वामित्व योजना के मानचित्र जमा नहीं करने और राजस्व अभिलेखों को अपडेट नहीं करने की बात कही गई है।
इन आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित आदेश के पालन में कथित चूक किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित कर्मचारी इस बारे में क्या स्पष्टीकरण देते हैं।
नायब तहसीलदार डिक्सिर को मिली जांच की जिम्मेदारी
लेखपाल राकेश कुमार यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच नायब तहसीलदार डिक्सिर को सौंपी गई है। जांच के दौरान ग्राम ताराडीह से जुड़े राजस्व मामले, धारा 67 के तहत पारित आदेश, संबंधित अभिलेखों और स्वामित्व योजना से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा सकती है।
इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि आरोपों में कितनी तथ्यात्मकता है और क्या निर्धारित नियमों या आदेशों के पालन में कोई चूक हुई है।
जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई
तरबगंज तहसील में दो लेखपालों के निलंबन से राजस्व विभाग के कामकाज और जवाबदेही को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। एक ओर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों और आदेशों के पालन का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर भूमि सत्यापन तथा राजस्व अभिलेखों को अद्यतन रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर अलग-अलग अधिकारियों से जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं और विभागीय स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

