बिल्हौर में घर में घुसकर पिता-पुत्र पर हमला, बचाव में आई महिला को भी पीटा; हालत गंभीर

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रिपोर्ट – आनंद तिवारी

बिल्हौर के दिनकरपुर गांव में पशु चराने को लेकर हुआ विवाद, लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमले का आरोप; घायलों को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया।

बिल्हौर/कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के बिल्हौर क्षेत्र में मारपीट का एक मामला सामने आया है। शिवराजपुर थाना क्षेत्र के दिनकरपुर गांव में पशु चराने को लेकर हुए विवाद के बाद घर में घुसकर पिता-पुत्र पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची एक महिला के साथ भी मारपीट की गई। घायलों की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

पशु चराने को लेकर हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनकरपुर गांव निवासी रमेश चंद ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह अपने घर के दरवाजे पर बैठे हुए थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग कथित तौर पर लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर उनके पास पहुंचे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और उनके साथ विवाद करने लगे।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों में विशंभर, उसके भाई छोटे और शंकरलाल, बेटे अंकित, सुमित और प्रदीप तथा भतीजे दिनेश, सुरेश, महेश, प्रांशु और कुलदीप समेत अन्य लोग शामिल थे। बताया गया है कि विवाद की शुरुआत पशु चराने को लेकर हुई थी। हालांकि, मामूली कहासुनी के बाद मामला इस हद तक बढ़ गया कि आरोपियों ने कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी।

जान बचाने के लिए घर में भागे, फिर भी नहीं रुके हमलावर

रमेश चंद के अनुसार, जब उन्होंने सामने मौजूद लोगों को लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ अपनी ओर बढ़ते देखा तो वह जान बचाने के लिए घर के अंदर चले गए। आरोप है कि इसके बावजूद हमलावर उनका पीछा करते हुए घर में घुस आए और उनके साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान उनके पिता दयाराम को भी निशाना बनाया गया।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने पिता-पुत्र पर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। इस घटना में दोनों को गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान दयाराम बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना से परिवार के अन्य सदस्य भी घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस प्रकार, पशु चराने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक गंभीर मारपीट की घटना में बदल गया। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

बीच-बचाव करने आई महिला के साथ भी मारपीट

घटना के दौरान रमेश चंद की बहन मंजू देवी भी मौके पर मौजूद थीं। बताया गया है कि वह अपने मायके आई हुई थीं। जब उन्होंने अपने भाई और पिता के साथ हो रही मारपीट को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी।

परिवार के अनुसार, हमलावरों ने घटना के बाद जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए। इसके बाद पीड़ित परिवार ने घायलों की मदद की और मामले की शिकायत लेकर पुलिस थाने पहुंचा।

घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र में आपसी विवादों के इस तरह हिंसक रूप लेने से कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द को लेकर भी सवाल उठते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते विवाद का समाधान और कानून के दायरे में कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जाती है।

सीएचसी में प्राथमिक उपचार, हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर

मारपीट में घायल रमेश चंद और उनके पिता दयाराम को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, उनकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए कानपुर स्थित हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घायलों को रेफर किए जाने के बाद परिजन उनके उपचार को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल, उनकी स्थिति से संबंधित विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, घटना में घायल हुई मंजू देवी के उपचार और उनकी स्थिति के बारे में भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

पुलिस ने कही कार्रवाई की बात

इस मामले में शिवराजपुर थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच, शिकायत में दर्ज तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई पर पीड़ित परिवार की निगाहें टिकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पशु चराने जैसे स्थानीय विवाद को लेकर हुई इस घटना ने एक बार फिर आपसी मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की जरूरत को सामने रखा है।

 

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