मुरादाबाद के मूंढापांडे में सखी संवाद सम्मेलन, उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को मिले नकद पुरस्कार
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के विकासखंड मूंढापांडे में सोमवार को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के सम्मान में सखी संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। दलपतपुर स्थित ब्लॉक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत समूह सखी, बीसी सखी, बैंक सखी, विद्युत सखी, कृषि आजीविका सखी और पोषण-स्वास्थ्य सखियों से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं से उनके कार्यों की जानकारी ली गई और ग्रामीण क्षेत्रों में उनके योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों को पहचान देना, उनके अनुभवों को साझा करना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, बैंकिंग सेवाओं की पहुंच, कृषि गतिविधियों और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
स्वयं सहायता समूहों के गठन पर सखियों को पुरस्कार
सम्मेलन के दौरान स्वयं सहायता समूहों के गठन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत सकटूनगला की समूह सखी सवाना ने 35 स्वयं सहायता समूहों के गठन में योगदान दिया, जबकि मुनीमपुर की नीरज ने 30 समूहों के गठन में भूमिका निभाई। उनके इस कार्य के लिए दोनों महिलाओं को 11-11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को एक साथ जोड़कर बचत, वित्तीय गतिविधियों और आजीविका के अवसरों से जुड़ने में मदद करते हैं। ऐसे में समूहों के गठन और संचालन में सखियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनके माध्यम से महिलाओं को सामूहिक रूप से काम करने और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिलता है।
बैंकिंग और बिजली सेवाओं में भी महिलाओं का योगदान
कार्यक्रम में बैंकिंग सेवाओं के क्षेत्र में योगदान देने वाली नियामतपुर इकरोटिया की बैंक सखी मुबशिरा को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने 100 स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खुलवाने में योगदान दिया। बैंक खातों के माध्यम से समूहों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ना उनकी गतिविधियों को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, खरगपुर जगतपुर की विद्युत सखी रीता को 40 लाख रुपये के बिजली बिल जमा कराने में योगदान देने के लिए 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। विद्युत सखियां ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली बिल भुगतान जैसी सेवाओं से जोड़ने में सहायता करती हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
इसी क्रम में सिरसा इनायतपुर की बीसी सखी रजनी को बैंकिंग सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। बीसी सखियां बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में ग्रामीण लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने में भूमिका निभाती हैं। उनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाते हैं।
स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र की सखियां भी सम्मानित
सखी संवाद सम्मेलन में स्वास्थ्य और कृषि से जुड़े कार्यों को भी प्रोत्साहित किया गया। नाजरपुर की स्वास्थ्य सखी बबली को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में योगदान देने के लिए 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और आवश्यक सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में स्वास्थ्य सखियों की भूमिका अहम होती है।
इसके अलावा वीरपुर थान की कृषि सखी अरमान खान को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए 11 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया। कृषि आजीविका सखियां किसानों और ग्रामीण परिवारों को खेती से जुड़ी गतिविधियों, आजीविका के अवसरों और संबंधित जानकारियों से जोड़ने में सहयोग करती हैं।
वहीं, दलपतपुर की मीना को उत्कृष्ट योगदान के लिए 5,100 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इस तरह सम्मेलन में अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं के कार्यों को पहचान देते हुए उन्हें आगे भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
संगीत प्रतियोगिता में भी महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम में केवल कार्यक्षेत्र में उपलब्धियों को ही सम्मान नहीं मिला, बल्कि महिलाओं की सांस्कृतिक प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया गया। सम्मेलन के दौरान आयोजित संगीत प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रतियोगिता में शानदार प्रस्तुति देने वाली रनियाठेर की कमलेश और देवापुर की शहनाज को 2,100-2,100 रुपये का पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही वीरपुर थान की सायरून, समदा की मोहिनी और हलानगला की प्रिया राघव को 1,100-1,100 रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। वहीं, बरवारा खास की सैयदा को 500 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस प्रतियोगिता के माध्यम से महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। साथ ही, सम्मेलन का माहौल संवाद और सम्मान के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जुड़ा रहा।
महिला आत्मनिर्भरता में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बैंकिंग, कृषि, स्वास्थ्य और विद्युत सेवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रही सखियों के योगदान की सराहना की।
विधायक ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने और अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रयास जारी रखें।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सखियां ग्रामीण समुदाय और जरूरी सेवाओं के बीच संपर्क स्थापित करने में सहयोग करती हैं। इसलिए उनके अनुभवों और कार्यों को साझा करने वाले ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके काम को पहचान देने का माध्यम भी बन सकते हैं।
अधिकारियों और समूह की महिलाओं की रही भागीदारी
दलपतपुर के ब्लॉक सभागार में आयोजित इस सम्मेलन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े संबंधित अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की बड़ी संख्या में महिलाएं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही सखियों के अनुभवों और उपलब्धियों को सामने रखा गया।
कुल मिलाकर, मूंढापांडे का सखी संवाद सम्मेलन ग्रामीण महिलाओं के कार्यों को सम्मानित करने, उनके बीच संवाद बढ़ाने और महिला आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने का अवसर बना। बैंकिंग से लेकर कृषि, स्वास्थ्य और बिजली सेवाओं तक महिलाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सखियां ग्रामीण जीवन में कई स्तरों पर योगदान दे रही हैं।

