कानपुर में महिला ने ससुरालियों पर मारपीट और छेड़छाड़ का लगाया आरोप, पुलिस कमिश्नर से मांगा न्याय

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: काकादेव थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर में रहने वाली एक महिला ने अपने रिश्तेदारों पर मारपीट, छेड़छाड़, कपड़े फाड़ने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि घटना की शिकायत करने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद सोमवार, 12 अक्टूबर को महिला ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। फिलहाल, महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

शास्त्री नगर में घटना का आरोप, महिला ने बताई पूरी बात

पीड़िता गुलअपना, पत्नी शहबाज अली, के मुताबिक, छह अक्टूबर की रात करीब 10 बजे वह अपने कमरे में आराम कर रही थी। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसकी मौसी सास काजल और मौसा ससुर रामकुमार प्रजापति ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

पीड़िता के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों कथित तौर पर उसके कमरे में आ गए। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान काजल ने उसके बाल पकड़ लिए, जबकि रामकुमार ने उसका गला दबाया और सीने पर लात-घूंसों से हमला किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की गई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए।

महिला का कहना है कि घटना के समय हालात बिगड़ने पर उसने खुद को बचाने की कोशिश की। हालांकि, उसके आरोपों के संबंध में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अन्य रिश्तेदारों पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप

पीड़िता ने अपनी शिकायत में साजन, सिम्बुल, इनायत और इनायत की पत्नी आसमां को भी नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने उसके साथ मारपीट की। महिला के मुताबिक, जब वह अपनी जान बचाने के लिए घर से बाहर निकली तो आरोपियों ने कथित तौर पर गली में उसे पकड़ लिया और जमीन पर गिराकर दोबारा मारपीट की।

महिला का आरोप है कि इसके बाद उसे जबरन घर के अंदर खींचकर ले जाया गया। किसी तरह वह अपने कमरे तक पहुंची और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान आरोपी उसे जान से मारने की धमकी भी देते रहे।

महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस घटना के बाद से वह अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि संबंधित साक्ष्यों, बयानों और पुलिस की जांच से ही हो सकेगी।

पति को फोन कर दी घटना की जानकारी

पीड़िता के मुताबिक, घटना के दौरान उसने फोन के माध्यम से अपने पति शहबाज अली को इसकी जानकारी दी। पति के आने के बाद वह उनके साथ शास्त्री नगर चौकी पहुंची, जहां उसने अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया।

महिला का आरोप है कि चौकी पर उसकी शिकायत पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह काकादेव थाने पहुंची और वहां भी घटना की जानकारी दी। पीड़िता का दावा है कि उसने पुलिस को घटना से संबंधित वीडियो भी दिखाया, लेकिन इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के प्रयासों और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पुलिस का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और मामले में अब तक क्या प्रगति हुई है।

मेडिकल परीक्षण के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा

महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि घटना के बाद आठ अक्टूबर को उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया था। इसके बावजूद, उसके अनुसार, सोमवार तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।

पीड़िता का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी आरोपी उसे कथित तौर पर धमका रहे हैं। इस वजह से उसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता है। महिला ने अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

मेडिकल परीक्षण घटना से संबंधित चोटों या अन्य चिकित्सकीय तथ्यों के आकलन में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, मेडिकल परीक्षण अपने आप में शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि नहीं करता। पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए चिकित्सकीय रिपोर्ट, उपलब्ध वीडियो, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण आवश्यक होगा।

पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार

सोमवार, 12 अक्टूबर को गुलअपना ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की। महिला ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

पीड़िता चाहती है कि उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई हो और उसे अपनी बात रखने का अवसर मिले। शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

फिलहाल, पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद किसी जांच के आदेश, प्राथमिकी दर्ज होने या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले में आगे की स्थिति पुलिस की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच से स्पष्ट होगा पूरा मामला

कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में महिला ने अपने रिश्तेदारों पर मारपीट, छेड़छाड़, कपड़े फाड़ने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। साथ ही, उसने शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं होने का दावा किया है। अब महिला ने पुलिस कमिश्नर से हस्तक्षेप कर न्याय और सुरक्षा दिलाने की मांग की है।

हालांकि, आरोपों को अभी शिकायतकर्ता के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित साक्ष्यों की जांच, पुलिस की कार्रवाई और सभी पक्षों के बयान सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।

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