कानपुर में बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावितों को 78.52 लाख की सहायता, 422 किसानों को मिला अनुदान
रिपोर्ट – हनुमंत सिंह
कानपुर: जनपद में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों तथा पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कुल 78 लाख 52 हजार 48 रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई है। इसमें बाढ़ प्रभावित 422 किसानों को कृषि निवेश अनुदान के रूप में 8 लाख 71 हजार 548 रुपये दिए गए हैं। वहीं, अतिवृष्टि से जनहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में प्रभावित परिवारों को 69 लाख 80 हजार 500 रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
सोमवार, 12 अक्टूबर को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बाढ़ प्रभावित किसानों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने और पात्र लाभार्थियों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
422 किसानों को मिला 8.71 लाख रुपये का कृषि निवेश अनुदान
जिले में गंगा और पांडु नदी की बाढ़ से प्रभावित कृषि भूमि के नुकसान को देखते हुए किसानों को कृषि निवेश अनुदान दिया गया है। इसका उद्देश्य प्रभावित किसानों को खेती से संबंधित नुकसान की भरपाई में आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है, ताकि वे आगामी कृषि कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
जिला प्रशासन के अनुसार, सदर और नर्वल तहसील के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित कुल 422 किसानों को 8 लाख 71 हजार 548 रुपये की सहायता वितरित की गई है। इन किसानों की कुल 27.5368 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई थी।
इस सहायता वितरण से उन किसानों को राहत देने का प्रयास किया गया है, जिनकी कृषि भूमि नदी में आई बाढ़ के कारण प्रभावित हुई। प्रशासन ने पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाए रखने पर भी जोर दिया है।
सदर तहसील के पांच गांवों के 387 किसानों को सहायता
सदर तहसील क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ से पांच गांव प्रभावित हुए थे। इनमें हिन्दूपुर, चिरान, प्रतापपुर हरि, पृथ्वीगंज और कटरी ख्योरा शामिल हैं। इन गांवों के कुल 387 किसानों को 7 लाख 73 हजार 375 रुपये का कृषि निवेश अनुदान प्रदान किया गया है।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इन पांच गांवों में बाढ़ के कारण कुल 22.4761 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इसी नुकसान के आधार पर पात्र किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई।
बाढ़ के कारण कृषि भूमि प्रभावित होने से किसानों को खेती से जुड़े कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कृषि निवेश अनुदान किसानों को दोबारा कृषि गतिविधियां शुरू करने और जरूरी कृषि संसाधनों की व्यवस्था करने में मदद कर सकता है।
नर्वल तहसील में 35 किसानों को 98 हजार रुपये से अधिक की मदद
इसी क्रम में नर्वल तहसील के ग्राम देवसढ़ के मजरा खेड़ा डोमनपुर में पांडु नदी की बाढ़ से कृषि भूमि प्रभावित हुई थी। यहां के 35 किसानों को कुल 98 हजार 173 रुपये का कृषि निवेश अनुदान दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, इस क्षेत्र में बाढ़ से 5.0607 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई थी। सदर और नर्वल तहसील के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो कुल 27.5368 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र के नुकसान के सापेक्ष 422 किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई है।
इस प्रकार, कृषि निवेश अनुदान के जरिए दोनों तहसीलों के प्रभावित किसानों को राहत दी गई। प्रशासन का कहना है कि आपदा प्रभावित पात्र किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि आपदा से प्रभावित किसानों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रभावित लोगों के मामलों का समय पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में सहायता राशि प्राप्त करने वाले किसानों में संबूदयाल, जगदीश, तुलसीराम, मुन्ना, राकेश, कालीचरण, रमेश, जगन्नाथ, सुरेश और सैम सहित अन्य लाभार्थी शामिल रहे।
अतिवृष्टि से जनहानि के 15 मामलों में 60 लाख रुपये की सहायता
बाढ़ प्रभावित किसानों के अलावा जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, एक अप्रैल से अब तक अतिवृष्टि के कारण हुई 15 जनहानियों के मामलों में प्रभावित परिवारों को कुल 60 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
प्राकृतिक आपदा के कारण परिवारों को हुई क्षति की भरपाई के उद्देश्य से यह सहायता उपलब्ध कराई गई। जनहानि के मामलों में सहायता का वितरण प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसके अतिरिक्त, बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए भी गृह अनुदान सहायता प्रदान की गई है। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 207 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों के लिए 8 लाख 28 हजार रुपये वितरित किए गए हैं।
वहीं, पांच आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 32 हजार 500 रुपये और एक पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
आपदा प्रभावितों को कुल 78.52 लाख रुपये की राहत
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, अतिवृष्टि से जनहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में कुल 69 लाख 80 हजार 500 रुपये की सहायता वितरित की गई है। इसमें कृषि निवेश अनुदान के 8 लाख 71 हजार 548 रुपये जोड़ने पर कुल सहायता राशि 78 लाख 52 हजार 48 रुपये होती है।
इस तरह, कानपुर नगर में बाढ़ प्रभावित किसानों और अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। राहत राशि का उद्देश्य आपदा से हुए नुकसान के बाद प्रभावित लोगों को आर्थिक सहारा देना है।
कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी, तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने और आपदा प्रभावित लोगों को राहत देने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की बात कही है।

