संतकबीरनगर में फ्रिज और जेवर चोरी की सूचना की पुष्टि नहीं, पुलिस जांच में नहीं मिले स्पष्ट साक्ष्य
रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र में मकान से फ्रिज, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने की सूचना की पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल का निरीक्षण करने पर चोरी या तोड़फोड़ के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। मकान के अंदर कमरे, दरवाजे, खिड़कियां, बक्से, अलमारियां और अन्य सामान सुरक्षित पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध तथ्यों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की पड़ताल की।
यह मामला ग्राम परसा माफी का है। पुलिस के मुताबिक, आवेदक बैतुल्लाह पुत्र हैफ मुहम्मद ने 9 अक्टूबर 2026 को थाना बखिरा के सीयूजी नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से तहरीर भेजकर चोरी की सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि 8 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे से 12 बजे के बीच उनके मकान से एक फ्रिज, लगभग 15 ग्राम सोना, चांदी की एक पायल और 17 हजार रुपये नकद चोरी हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मकान के मुख्य द्वार, अंदर के कमरों और अन्य हिस्सों की स्थिति की जांच की, ताकि चोरी की सूचना से संबंधित तथ्यों का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, मकान के मुख्य द्वार पर लोहे का चैनल लगा था, जिसमें दो बड़े ताले मौजूद थे। इसके बाद गांव के ही एक व्यक्ति के पास उपलब्ध चाबी की मदद से दरवाजा खुलवाया गया और पुलिस टीम ने मकान के अंदर निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कमरे, दरवाजे, खिड़कियां, बक्से, अलमारियां, बिस्तर और अन्य सामान सुरक्षित मिले। पुलिस को किसी भी स्थान पर तोड़फोड़ या सामान को अस्त-व्यस्त किए जाने के स्पष्ट निशान नहीं मिले। इसके अलावा, छत पर जाने के रास्ते में लगा मजबूत लोहे का दरवाजा भी अंदर से बंद पाया गया।
मकान की स्थिति और स्थानीय जानकारी भी जांच के दायरे में
पुलिस ने घटनास्थल के निरीक्षण के साथ-साथ मकान की स्थिति और उससे जुड़े लोगों से मिली जानकारी को भी जांच में शामिल किया। जांच के दौरान सामने आया कि मकान के मुख्य द्वार के आसपास काफी घास उगी हुई थी। पुलिस के अनुसार, आवेदक सामान्यतः वर्ष में एक या दो बार ही इस मकान पर आते हैं।
इसके अतिरिक्त, आवेदक के चाचा नूर मोहम्मद से भी पूछताछ की गई। उन्होंने पुलिस को बताया कि 8 अक्टूबर को शाम करीब पांच बजे उन्होंने मकान की ऊपरी मंजिल का दरवाजा खुला देखा था। इस संबंध में उन्होंने फोन के माध्यम से अपने भाई हैफ मुहम्मद को जानकारी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, उस समय मकान से किसी सामान की चोरी होने की सूचना नहीं दी गई थी। इस जानकारी को भी जांच के दौरान सामने आए अन्य तथ्यों के साथ देखा गया। हालांकि, केवल किसी दरवाजे का खुला मिलना अपने आप में चोरी होने या न होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। इसलिए मामले में घटनास्थल की स्थिति और संबंधित लोगों के बयानों को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की गई।
पारिवारिक विवाद की जानकारी भी आई सामने
पुलिस जांच के दौरान आवेदक और उनकी पत्नी के बीच तलाक से संबंधित विवाद की जानकारी भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि तलाक के बाद फ्रिज, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान पत्नी को न देने के संबंध में भी विवाद की स्थिति है।
हालांकि, यह जानकारी पुलिस जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का हिस्सा है। इसे चोरी की सूचना की पुष्टि या अपुष्टि का स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जा सकता। मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का समग्र मूल्यांकन आवश्यक होता है।
पुलिस ने अपनी जांच में मकान के अंदर किसी तरह की स्पष्ट तोड़फोड़ नहीं मिलने, सामान सुरक्षित पाए जाने और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर आवेदक की ओर से बताई गई चोरी की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी।
पुलिस ने लोगों से तथ्यात्मक सूचना देने की अपील की
इस मामले के बाद संतकबीरनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना देते समय सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। पुलिस का कहना है कि असत्य या अपुष्ट सूचना मिलने पर जांच और अन्य आवश्यक कार्रवाई में समय तथा संसाधनों का उपयोग करना पड़ सकता है।
इसके साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होने से वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचने में विलंब होने की आशंका रहती है। इसलिए किसी भी घटना की जानकारी देते समय उसके संबंध में उपलब्ध तथ्यों को स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण है।
जांच में चोरी की पुष्टि नहीं हो सकी
बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम परसा माफी में मकान से फ्रिज, आभूषण और नकदी चोरी होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित लोगों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, मकान के अंदर सामान सुरक्षित मिला और चोरी अथवा तोड़फोड़ के स्पष्ट साक्ष्य नहीं पाए गए। इसी आधार पर उपलब्ध तथ्यों के अनुसार चोरी की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी।
फिलहाल, पुलिस की ओर से जारी जानकारी का मुख्य निष्कर्ष यही है कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच के दौरान चोरी के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। मामले से संबंधित किसी भी दावे को पुलिस जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

