कानपुर में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ कवि सम्मेलन, साहित्यकारों को किया गया सम्मानित

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व रक्षा मंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर रविवार को कानपुर के सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर हॉल में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शीर्षक ‘एक शाम श्रद्धेय नेताजी के नाम—स्मृतियों में नेताजी, शब्दों में श्रद्धांजलि’ रखा गया। इस अवसर पर कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मुलायम सिंह यादव के जीवन, संघर्ष, समाजवादी विचारधारा और जनसेवा से जुड़े योगदान को याद किया।

कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और राजनीति से जुड़े कई लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आमंत्रित कवियों ने काव्य पाठ कर नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य नेताजी की स्मृतियों को संजोने के साथ उनके विचारों को साहित्य और संस्कृति के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना रहा।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का उद्घाटन समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्य अतिथि श्यामलाल पाल, अंतरराष्ट्रीय हास्य कलाकार राजीव निगम, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. नीतेंद्र यादव ‘भाई जी’ तथा राष्ट्रीय सचिव अपर्णा बंसल जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मुलायम सिंह यादव के सार्वजनिक जीवन और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों पर उनके योगदान को याद किया। इसके साथ ही कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए उनके व्यक्तित्व और विचारधारा को शब्दों में प्रस्तुत किया।

समारोह में उपस्थित लोगों ने साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नेताजी के जीवन से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। इस तरह कार्यक्रम में श्रद्धांजलि, काव्य पाठ और साहित्यकारों के सम्मान को प्रमुख स्थान दिया गया।

शोषित और वंचित वर्गों के लिए नेताजी के योगदान को किया याद

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने शोषित, वंचित और पीड़ित समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके अनुसार, नेताजी ने समाज के विभिन्न वर्गों को सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने में भूमिका निभाई।

श्यामलाल पाल ने पंचायत चुनावों में पिछड़ों, दलितों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आरक्षण से जुड़े कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेताजी के सार्वजनिक जीवन को सामाजिक न्याय और समाज के कमजोर वर्गों की भागीदारी के संदर्भ में याद किया जाता है।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक यात्रा और उनके विचारों को समझने के लिए उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यों तथा सामाजिक मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण को याद रखना जरूरी है।

किसानों, जवानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. नीतेंद्र यादव ‘भाई जी’ ने मुलायम सिंह यादव के जीवन और योगदान पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नेताजी ने किसानों, जवानों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम किया।

उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस और मुलायम सिंह यादव के संदर्भ में ‘नेताजी’ संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव को भी इसी नाम से जाना जाता रहा है। उनके अनुसार, मुलायम सिंह यादव का सार्वजनिक जीवन विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़ाव और जनसेवा के प्रयासों के लिए याद किया जाता है।

इस दौरान वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन और समाजवादी विचारधारा का उल्लेख किया। साथ ही, उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में साहित्यिक आयोजनों की भूमिका पर भी जोर दिया गया।

महिलाओं और व्यापारियों के हितों पर भी रखे विचार

समारोह में समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय सचिव अपर्णा बंसल जैन ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने महिलाओं और व्यापारियों के उत्थान के लिए प्रयास किए। उन्होंने चुंगी प्रथा और इंस्पेक्टर राज समाप्त करने जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे किसानों और व्यापारियों को लाभ पहुंचा।

उन्होंने नेताजी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को याद किया और कहा कि उनके योगदान को साहित्यिक मंचों के माध्यम से सामने लाना महत्वपूर्ण है।

वक्ताओं के विचारों के बाद कार्यक्रम में काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए मुलायम सिंह यादव के व्यक्तित्व, कृतित्व, संघर्ष और साहित्यकारों के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया।

कवियों ने रचनाओं के जरिए दी श्रद्धांजलि

कवि सम्मेलन में हेमंत पांडेय, अशोक यादव, डॉ. अजय अटल, जयराम जय, डॉ. उमाशंकर यादव, शिखा मिश्रा, अनीता मौर्य, हेमा कीर्ति पांडेय और शिवम कुमार आजाद सहित आमंत्रित कवियों ने काव्य पाठ किया।

कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नेताजी के जीवन और विचारों को याद किया। उनकी प्रस्तुतियों में संघर्ष, समाजवादी विचारधारा, जनसेवा और सामाजिक सरोकार जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम में साहित्यकारों की रचनाओं के जरिए नेताजी के सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को सामने रखने का प्रयास किया गया।

इसके अलावा, साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य साहित्यकारों के योगदान को पहचान देना और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।

समाजवादी कार्यकर्ताओं और अन्य गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नीतेंद्र यादव ‘भाई जी’ और अपर्णा बंसल जैन ने अतिथियों, कवियों, साहित्यकारों तथा उपस्थित समाजवादी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष फजल महमूद, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेश यादव, उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ‘मिंटू’, महामंत्री बंटी सेंगर, पूर्व प्रत्याशी मनोज शुक्ला, आकाश यादव, मोगली यादव, शाहिद और दीपक खोटे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य मुलायम सिंह यादव की स्मृतियों को संजोना, उनके विचारों का प्रचार-प्रसार करना और साहित्य एवं संस्कृति के माध्यम से सामाजिक चेतना को मजबूत करना था। इस तरह कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह के माध्यम से नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा साहित्यकारों के योगदान को सम्मान दिया गया।

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