बिजनौर: मिशन शक्ति के तहत छात्र-छात्राओं को किया जागरूक, महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों की दी जानकारी
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मिशन शक्ति अभियान के तहत बालक-बालिकाओं को महिला सुरक्षा, उनके अधिकारों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। धामपुर थाना क्षेत्र में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों ने बच्चों को घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ तथा ऑनलाइन अपराधों से बचाव के उपाय बताए। बारिश के बीच चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देना और उन्हें किसी भी अनुचित घटना के प्रति सजग बनाना रहा।
कार्यक्रम में पूर्वी पुलिस अधीक्षक अमित किशोर श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी धामपुर अंजनी कुमार, क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ आलोक कुमार और महिला पुलिसकर्मी शामिल रहीं। पुलिस टीम ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के तरीकों के बारे में जानकारी दी।
मिशन शक्ति अभियान के तहत सुरक्षा के प्रति जागरूकता
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में पुलिस की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चों और आम नागरिकों को सुरक्षा संबंधी कानूनों और उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी मिल सके।
धामपुर थाना क्षेत्र में हुए इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने बालक-बालिकाओं को बताया कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चे अपने अधिकारों को समझें और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति या संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।
इसके साथ ही, छात्र-छात्राओं को यह समझाने पर जोर दिया गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जानकारी देना और सहायता लेना ऐसी परिस्थितियों में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ के प्रति किया जागरूक
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को बताया कि किसी के साथ दुर्व्यवहार, अनुचित स्पर्श, धमकी या परेशान करने वाली गतिविधि होने पर इसकी जानकारी अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को दी जा सकती है।
विशेष रूप से बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और असुरक्षित महसूस होने की स्थिति में मदद मांगने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं, बालकों को भी महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि का समर्थन न करने का संदेश दिया गया।
पुलिस की ओर से इस बात पर भी जोर दिया गया कि सुरक्षा से संबंधित जानकारी केवल बालिकाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बालकों को भी जागरूक करना जरूरी है, ताकि वे अपने आसपास होने वाली घटनाओं को समझ सकें और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठा सकें।
साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय
आज के समय में मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराधों से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे में मिशन शक्ति अभियान के तहत बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अनजान लोगों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा करने, संदिग्ध लिंक खोलने और बिना पुष्टि किए किसी को ओटीपी या बैंकिंग संबंधी जानकारी देने से बचना चाहिए।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत करते समय सावधानी बरतने और किसी भी तरह की धमकी, ऑनलाइन उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में अभिभावकों तथा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की जरूरत बताई गई।
पुलिस का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर जोखिमों को पहचान सकें।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से किया संवाद
इस जागरूकता अभियान में पूर्वी एसपी अमित किशोर श्रीवास्तव के साथ सीओ धामपुर अंजनी कुमार और सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार मौजूद रहे। महिला पुलिसकर्मियों ने भी अभियान में भाग लेते हुए बालक-बालिकाओं को महिला सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े विषयों पर जानकारी दी।
अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों को सुरक्षा संबंधी विषयों को गंभीरता से समझने और किसी भी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल बच्चों की संख्या और आयोजन स्थल से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बारिश के दौरान चलाए गए इस जागरूकता कार्यक्रम के जरिए पुलिस ने महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और साइबर अपराध जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया।
जागरूकता से सुरक्षित वातावरण बनाने पर जोर
महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों को उनके अधिकारों, सहायता के उपलब्ध माध्यमों और सुरक्षित व्यवहार की जानकारी मिलने से वे समस्याओं को पहचानने तथा जरूरत पड़ने पर मदद लेने में सक्षम हो सकते हैं।
मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों ने बालक-बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। साथ ही, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और ऑनलाइन अपराधों से जुड़े मामलों में उचित समय पर जानकारी देने की अहमियत बताई गई।
धामपुर थाना क्षेत्र में आयोजित यह अभियान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में पुलिस की पहल के रूप में देखा जा रहा है। अभियान के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग करने का संदेश दिया गया।

