मुरादाबाद: कुंदरकी के खबड़िया भूड़ में हजरत चिश्ती मियां की दरगाह पर उर्स, चादरपोशी कर मांगी अमन-चैन की दुआ
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खबड़िया भूड़ स्थित हजरत चिश्ती मियां की दरगाह पर 11 अक्टूबर 2026 को उर्स का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दरगाह पर पहुंचकर चादरपोशी की गई और मुल्क सहित क्षेत्र में अमन-चैन, सुख-समृद्धि तथा खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। उर्स के मौके पर आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
दरगाह पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान गद्दीनशीन सलामत मियां साहब से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना गया। इसके साथ ही उर्स में शामिल होने पहुंचे लोगों से भी बातचीत की गई और उनके हालचाल लिए गए। इस दौरान समाज में आपसी सहयोग, सौहार्द और सामाजिक एकता को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया।
हजरत चिश्ती मियां की दरगाह पर चादरपोशी कर मांगी दुआ
खबड़िया भूड़ स्थित हजरत चिश्ती मियां की दरगाह पर उर्स के अवसर पर चादरपोशी की गई। इस दौरान देश और समाज में शांति बनी रहने तथा सभी लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि आने की कामना की गई। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, दरगाहों पर आयोजित उर्स में श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए पहुंचते हैं और दुआ के माध्यम से खुशहाली की कामना करते हैं।
इसी क्रम में दरगाह पर पहुंचकर अमन-चैन और सामाजिक सौहार्द के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही, क्षेत्र के लोगों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग की भावना बनी रहने की कामना की गई। कार्यक्रम के दौरान भाईचारे और एकता के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
गद्दीनशीन सलामत मियां साहब से की मुलाकात
उर्स के दौरान दरगाह के गद्दीनशीन सलामत मियां साहब से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना गया। इस मुलाकात के दौरान आपसी मेल-मिलाप और सद्भाव की भावना देखने को मिली। इसके अलावा, उर्स में मौजूद लोगों से भी बातचीत कर उनके कुशलक्षेम की जानकारी ली गई।
ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे से मिलने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले पारंपरिक कार्यक्रम स्थानीय लोगों के बीच संवाद और मेलजोल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि, किसी भी आयोजन का महत्व केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता। ऐसे अवसरों पर समाज में शांति, सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया जा सकता है। खबड़िया भूड़ में आयोजित उर्स के अवसर पर भी अमन-चैन और भाईचारे की कामना इसी भावना से जुड़ी रही।
अमन-चैन और सामाजिक एकता का दिया संदेश
उर्स के अवसर पर देश और समाज में शांति तथा आपसी सद्भाव कायम रहने की दुआ की गई। इसके साथ ही, सभी समुदायों के लोगों के बीच प्रेम और सम्मान की भावना मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया गया।
समाज में शांति और एकता बनाए रखने के लिए आपसी संवाद, सहयोग और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है। जब अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के प्रति सम्मान दिखाते हैं, तो आपसी समझ बढ़ाने के अवसर मिलते हैं।
इसी तरह, धार्मिक कार्यक्रम सामाजिक संबंधों को बेहतर बनाने और लोगों को साझा मानवीय मूल्यों की याद दिलाने का माध्यम बन सकते हैं। उर्स के अवसर पर क्षेत्र की खुशहाली और लोगों के बेहतर जीवन की कामना करना भी इसी भावना को दर्शाता है।
धार्मिक आयोजनों से मजबूत होते हैं सामाजिक संबंध
भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं में धार्मिक आयोजन महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में दरगाहों, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर होने वाले कार्यक्रमों में लोग अपनी आस्था के अनुसार भाग लेते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही लोगों को आपस में मिलने-जुलने का अवसर भी मिलता है।
मुरादाबाद के कुंदरकी क्षेत्र की ग्राम पंचायत खबड़िया भूड़ स्थित हजरत चिश्ती मियां की दरगाह पर आयोजित उर्स भी स्थानीय धार्मिक परंपरा से जुड़ा अवसर रहा। इस दौरान चादरपोशी कर देश और क्षेत्र की खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई तथा आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई।
इसके साथ ही, समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने व्यवहार में सम्मान, सहयोग और सहिष्णुता को स्थान दे। छोटे-छोटे प्रयास भी समुदायों के बीच बेहतर संबंध बनाने में सहायक हो सकते हैं।
भाईचारा ही समाज की असली ताकत
समाज की मजबूती आपसी विश्वास, सहयोग और एकता पर निर्भर करती है। जब लोग मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और मिल-जुलकर रहने का प्रयास करते हैं, तो क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलती है।
खबड़िया भूड़ में हजरत चिश्ती मियां की दरगाह पर उर्स के अवसर पर अमन-चैन, सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की गई दुआ भी इसी भावना से जुड़ी रही। इस मौके पर आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया गया।
मुरादाबाद के कुंदरकी क्षेत्र में आयोजित इस उर्स के दौरान चादरपोशी कर देश और समाज की शांति तथा खुशहाली की कामना की गई। गद्दीनशीन सलामत मियां साहब से मुलाकात और श्रद्धालुओं से संवाद के बीच सामाजिक एकता तथा आपसी सौहार्द का संदेश प्रमुख रहा। ऐसे अवसर समाज में मेलजोल बढ़ाने और साझा मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।

