डॉ. एस. के. गौतम को यूपीडीए फेलोशिप से सम्मान, डॉ. विशाल वर्मा ने शोध-पत्र प्रस्तुति में हासिल किया दूसरा स्थान

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रिपोर्टर – हरिशंकर शर्मा

कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एस. के. गौतम को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित उत्तर प्रदेश डायबिटिक एसोसिएशन (यूपीडीए) फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। लखनऊ में आयोजित यूपीडीए के तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन यूपीडीएकान-2026 में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेज के परास्नातक छात्र डॉ. विशाल वर्मा ने मौखिक शोध-पत्र प्रस्तुति में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। दोनों उपलब्धियों से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में हर्ष का माहौल है।

लखनऊ में आयोजित हुआ यूपीडीएकान-2026

उत्तर प्रदेश डायबिटिक एसोसिएशन के तत्वावधान में वार्षिक अधिवेशन यूपीडीएकान-2026 का आयोजन 9, 10 और 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के होटल ताज पैलेस में किया गया। तीन दिनों तक चले इस अधिवेशन में चिकित्सा विज्ञान, मधुमेह प्रबंधन और मेटाबॉलिक रोगों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 600 चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के परास्नातक छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। अधिवेशन के दौरान आयोजित वैज्ञानिक सत्रों और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से चिकित्सकों तथा चिकित्सा विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और शोध अनुभव साझा करने का अवसर मिला।

इस प्रकार, यूपीडीएकान-2026 चिकित्सा विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं के लिए संवाद, ज्ञान-विनिमय तथा शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण मंच बना।

मधुमेह और मेटाबॉलिक रोगों में योगदान के लिए मिला सम्मान

अधिवेशन के दौरान जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के मेडिसिन विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. एस. के. गौतम को यूपीडीए फेलोशिप से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान मधुमेह एवं अन्य मेटाबॉलिक रोगों के निदान, उपचार, रोकथाम और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

मधुमेह आज स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए समय पर जांच, सही उपचार, संतुलित जीवनशैली और नियमित चिकित्सकीय परामर्श महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वहीं, मेटाबॉलिक रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता और समय पर चिकित्सा सहायता भी अहम भूमिका निभाती है।

ऐसे में मधुमेह और मेटाबॉलिक रोगों के क्षेत्र में कार्य करने वाले चिकित्सकों के योगदान को सम्मानित करना चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. गौतम को मिली यह फेलोशिप उनके चिकित्सकीय अनुभव, शैक्षणिक गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

पहले भी कई प्रतिष्ठित फेलोशिप से हो चुके हैं सम्मानित

डॉ. एस. के. गौतम इससे पहले भी चिकित्सा क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित फेलोशिप प्राप्त कर चुके हैं। उन्हें फेलोशिप ऑफ इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस (FICIP), फेलोशिप ऑफ अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस (FACP) तथा फेलोशिप ऑफ इंडियन सोसाइटी ऑफ हाइपरटेंशन से सम्मानित किया जा चुका है।

इन उपलब्धियों के साथ यूपीडीए फेलोशिप उनके पेशेवर जीवन में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गई है। यह सम्मान मधुमेह, मेटाबॉलिक रोगों की रोकथाम, उनके प्रबंधन और जनस्वास्थ्य से संबंधित प्रयासों के प्रति उनके निरंतर योगदान को रेखांकित करता है।

इसके अलावा, ऐसे सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों और विशेषज्ञता के महत्व को भी सामने लाते हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुभव से जहां चिकित्सा विद्यार्थियों को सीखने का अवसर मिलता है, वहीं शोध और वैज्ञानिक चर्चाओं के माध्यम से उपचार की बेहतर पद्धतियों को समझने में भी मदद मिलती है।

डॉ. विशाल वर्मा ने मौखिक शोध-पत्र प्रस्तुति में हासिल किया दूसरा स्थान

यूपीडीएकान-2026 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के परास्नातक छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान डॉ. विशाल वर्मा ने मौखिक शोध-पत्र प्रस्तुति में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

उनकी इस उपलब्धि ने अधिवेशन में कॉलेज की शैक्षणिक और शोध संबंधी भागीदारी को विशेष पहचान दिलाई। चिकित्सा शिक्षा में शोध का महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि इसके माध्यम से रोगों के कारणों, निदान की प्रक्रियाओं और उपचार के विभिन्न पहलुओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर मिलता है।

विशेष रूप से परास्नातक स्तर पर शोध प्रस्तुतियों में भाग लेना विद्यार्थियों के अकादमिक विकास, विषय की समझ और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता को बढ़ावा देता है। ऐसे आयोजनों में प्राप्त उपलब्धियां युवा चिकित्सकों को आगे भी शोध एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में खुशी का माहौल

डॉ. एस. के. गौतम को यूपीडीए फेलोशिप से सम्मानित किए जाने और डॉ. विशाल वर्मा द्वारा शोध-पत्र प्रस्तुति में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रसन्नता व्यक्त की गई।

महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं डीन डॉ. संजय काला, उप-प्रधानाचार्य डॉ. ऋचा गिरि तथा संस्थान के समस्त संकाय सदस्यों ने दोनों चिकित्सकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की कामना की।

कुल मिलाकर, यूपीडीएकान-2026 में डॉ. एस. के. गौतम को मिली प्रतिष्ठित फेलोशिप और डॉ. विशाल वर्मा की शोध उपलब्धि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। ये उपलब्धियां चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता, वैज्ञानिक शोध और शैक्षणिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित करती हैं। साथ ही, इनसे युवा चिकित्सकों को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा विकसित करने और जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।

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