कानपुर में लघु उद्योग भारती का वार्षिक सम्मेलन संपन्न, MSME सेक्टर को मजबूत बनाने पर जोर

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: लघु उद्योग भारती, कानपुर संभाग की वार्षिक सभा एवं उद्यमी सम्मेलन का आयोजन होटल लैंडमार्क में किया गया। इस सम्मेलन में कानपुर संभाग के 300 से अधिक उद्यमियों ने भाग लेकर लघु उद्योगों की चुनौतियों, कारोबार के नए अवसरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा के उपयोग जैसे विषय प्रमुख रहे।

सम्मेलन में कानपुर नगर के सांसद रमेश अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उद्यमियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की MSME से संबंधित योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत अभियान और ‘लोकल फॉर वोकल’ की अवधारणा पर विस्तार से विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेठ मुरारी लाल अग्रवाल ने की। आयोजन में लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों, महिला इकाई के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों की भागीदारी रही।

MSME सेक्टर को मजबूत बनाने पर चर्चा

वार्षिक सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य उद्यमियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और लघु उद्योगों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना रहा। MSME क्षेत्र देश की औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर कारोबार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को समझना, उनके समाधान के विकल्प तलाशना और उद्यमियों को नए अवसरों से जोड़ना जरूरी माना जाता है।

सम्मेलन के दौरान उद्यमियों की समस्याओं और उनके व्यावहारिक समाधान पर चर्चा की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशिष्ट समस्या के समाधान के लिए घोषित निर्णय या समयसीमा का उल्लेख नहीं है। फिर भी, इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से उद्यमियों को अपने अनुभव साझा करने और संगठन के स्तर पर प्राथमिकताएं तय करने का अवसर मिलता है।

इसके साथ ही, कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बदलती बाजार परिस्थितियों, नई तकनीकों और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। लघु उद्योगों के लिए उत्पादन लागत, बाजार तक पहुंच, प्रतिस्पर्धा और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए उद्यमियों के बीच संवाद को कारोबार की जरूरतों और संभावनाओं को समझने का एक माध्यम माना जा सकता है।

आत्मनिर्भर भारत और ‘लोकल फॉर वोकल’ पर जोर

मुख्य अतिथि सांसद रमेश अवस्थी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत और ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान का उल्लेख किया। इन अभियानों का व्यापक उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, स्वदेशी उत्पादन और घरेलू उद्यमों को प्रोत्साहित करना है। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को बाजार में पहचान मिलने से छोटे कारोबारियों और उत्पादकों के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

MSME क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों के लिए स्थानीय बाजार के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों में भी अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाना महत्वपूर्ण है। इसके लिए उत्पाद की गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी कीमत, समय पर आपूर्ति और ग्राहकों की जरूरतों को समझना जरूरी है। वहीं, डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कारोबार को अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।

हालांकि, किसी भी अभियान का लाभ उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए योजनाओं की जानकारी, प्रक्रियाओं की समझ और उचित मार्गदर्शन भी आवश्यक है। ऐसे में संगठनात्मक सम्मेलन उद्यमियों को नीतियों और कारोबारी जरूरतों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करते हैं।

सौर ऊर्जा के उपयोग और नए व्यापार अवसरों पर मंथन

सम्मेलन में सौर ऊर्जा के उपयोग पर भी चर्चा की गई। उद्योगों में ऊर्जा की जरूरत लगातार बनी रहती है, इसलिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर विचार करना कारोबार के लिए उपयोगी हो सकता है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से कुछ परिस्थितियों में पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और दीर्घकालिक ऊर्जा लागत को नियंत्रित करने की संभावनाएं बनती हैं। हालांकि, इसके लिए शुरुआती निवेश, तकनीकी जरूरतों और संबंधित सुविधाओं का आकलन करना जरूरी है।

इसके अतिरिक्त, उद्यमियों ने नवीन व्यापार अवसरों और MSME सेक्टर को सुदृढ़ बनाने से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। बदलते कारोबारी माहौल में छोटे उद्योगों के लिए नई तकनीकों को अपनाना, उत्पादों में सुधार करना और बाजार की मांग के अनुरूप काम करना महत्वपूर्ण है। इसी तरह, उद्यमियों के बीच आपसी सहयोग से व्यावसायिक संपर्कों को बढ़ाने और नए विचारों को समझने में भी मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में हुई चर्चाओं का महत्व इस दृष्टि से भी है कि छोटे और मध्यम उद्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े होते हैं। ऐसे उद्यमों के विकास से उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर तैयार करने की संभावनाएं बनती हैं। हालांकि, इन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों की उपलब्धता और बाजार की जरूरतों के अनुरूप रणनीति बनाना भी जरूरी है।

लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी और उद्यमी रहे मौजूद

कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संदीप अवस्थी और महामंत्री अंकुर अंशवानी सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा लाडली प्रसाद गुप्ता, हरेन्द्र मुरजानी, अमन घई, संदीप अरोड़ा, अनुराग मालवीय, सलील गुप्ता, सुबोध प्रहलादका, संजय गुप्ता, हिमांशु सिंह, अजय गुप्ता, सुशील मोहन टाकरी, श्रवण कुमार अग्रवाल, अनुज गुप्ता, राधा कृष्ण गुप्ता और पुनीत गुप्ता समेत बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।

महिला इकाई की ओर से अध्यक्ष प्रेरणा वर्मा और सचिव डॉ. सुभाषिनी शिवहरे खन्ना भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनकी उपस्थिति ने संगठन की गतिविधियों में महिला उद्यमियों की भागीदारी को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम के समापन पर महामंत्री अंकुर अंशवानी ने सभी अतिथियों, प्रायोजकों, पदाधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कुल मिलाकर, लघु उद्योग भारती, कानपुर संभाग की वार्षिक सभा उद्यमियों को एक मंच पर लाने और MSME क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर बनी। आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, सौर ऊर्जा और नए व्यापार अवसरों जैसे विषयों पर हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि छोटे उद्योगों के विकास के लिए संवाद, सहयोग और बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुरूप प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

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