कुशीनगर में जमीन विवाद में पति की हत्या का आरोप, पहली पत्नी समेत दो गिरफ्तार
रिपोर्ट – शैलेन्द्र गुप्ता
कुशीनगर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में संपत्ति विवाद को लेकर एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के जंगल जगदीशपुर गांव के मदरहवा टोला निवासी 48 वर्षीय ओमप्रकाश राजभर की कथित तौर पर धारदार कृषि उपकरण बकुआ से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के दौरान पति को बचाने पहुंची उसकी दूसरी पत्नी नित्या उर्फ अंकिता के भी गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर पहली पत्नी उर्मिला समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस ने मुख्य आरोपित उर्मिला और उसकी बहन सीमा को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार में लंबे समय से संपत्ति के बंटवारे और भरण-पोषण को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार सुबह खेत की मेड़ बांधने को लेकर हुई कहासुनी के बाद मामला हिंसक हो गया। हालांकि, घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका और वारदात का पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
दो शादियों के बाद बढ़ा संपत्ति विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश राजभर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी पहली शादी वर्ष 1995 में सिरसिया वीरभान गांव की रहने वाली उर्मिला से हुई थी। इस शादी से उनके तीन बच्चे हैं। इसके बाद वर्ष 2012 में ओमप्रकाश ने बिहार निवासी नित्या उर्फ अंकिता से दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी के बाद परिवार में संपत्ति के बंटवारे और आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर तनाव बढ़ने लगा।
बताया जाता है कि पंचायत के बाद पहली पत्नी उर्मिला को जीविकोपार्जन के लिए चार कट्ठा जमीन दी गई थी। इसके बावजूद संपत्ति और भरण-पोषण से जुड़ा विवाद समाप्त नहीं हुआ। यह मामला करीब सात वर्षों से न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है।
इसी बीच, ओमप्रकाश ने 29 जुलाई को अपनी साढ़े तीन बीघा जमीन में से छह कट्ठा भूमि बेच दी थी। जमीन की बिक्री के बाद पारिवारिक विवाद और गहराने की बात सामने आई है। हालांकि, जमीन की बिक्री और हत्या की घटना के बीच संबंधों की पुष्टि जांच के तथ्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
खेत की मेड़ बांधने को लेकर हुआ विवाद
मृतक की मां मंगरी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को उर्मिला घर आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान ओमप्रकाश के साथ मारपीट की गई थी। इसके अगले दिन शनिवार सुबह करीब पांच बजे ओमप्रकाश चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टहलने के लिए घर से निकला था।
बताया गया कि घर से लगभग 500 मीटर दूर पडरौना कोतवाली क्षेत्र के एक खेत में उसकी पहली पत्नी उर्मिला अपने बच्चों के साथ परवल के खेत की मेड़ बांध रही थी। इसी दौरान ओमप्रकाश वहां पहुंचा और मेड़ बांधने का विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उर्मिला और उसके साथ मौजूद लोगों ने ओमप्रकाश पर बकुआ से हमला कर दिया। उसके गले पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान दूसरी पत्नी नित्या उर्फ अंकिता पति को बचाने के लिए पहुंची, लेकिन उस पर भी हमला किए जाने का आरोप है। इस घटना में नित्या गंभीर रूप से घायल हो गई।
वारदात के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही नेबुआ नौरंगिया थाना पुलिस और पडरौना कोतवाली पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और घटना से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा और संबंधित क्षेत्राधिकारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों का जायजा लेने के साथ ही मामले से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। दूसरी ओर, घायल नित्या की स्थिति और घटना के दौरान हुए घटनाक्रम से संबंधित जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहली पत्नी और उसकी बहन गिरफ्तार
मृतक की मां मंगरी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उर्मिला, उसके बेटे आदित्य, उसकी बहन सीमा और बेटियों गुंजा व काजल के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इसके बाद स्वाट प्रभारी दीपक सिंह और नेबुआ नौरंगिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उर्मिला और उसकी बहन सीमा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में नामजद अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि प्राथमिकी में नाम आने मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं हो जाता। मामले में आरोपितों की भूमिका, घटना के समय उनकी मौजूदगी और वारदात से संबंधित अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
वर्षों पुराना विवाद बना जांच का अहम पहलू
ओमप्रकाश राजभर की हत्या के मामले में संपत्ति का बंटवारा, भरण-पोषण से जुड़ा विवाद और जमीन की मेड़ बांधने को लेकर हुआ टकराव जांच के प्रमुख पहलू हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय विवाद किस तरह बढ़ा और कथित हमले में किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल, इस घटना ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। एक ओर ओमप्रकाश की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर उसकी दूसरी पत्नी नित्या गंभीर रूप से घायल हुई है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।

