कानपुर के मोतीलाल खेड़िया सनातन धर्म इंटर कॉलेज में रोबोटिक्स एवं STEM लैब का उद्घाटन
रिपोर्टर: हनुमंत सिंह पिंटू
कानपुर, उत्तर प्रदेश। कानपुर के विष्णुपुरी स्थित मोतीलाल खेड़िया सनातन धर्म इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और विज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। विद्यालय परिसर में रोबोटिक्स एवं STEM लैब का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के प्रोफेसर जे. रामकुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र बेड़िया ने की। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक डॉ. कमल किशोर गुप्त और प्रधानाचार्या सुमन चंदोला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इस आधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना तथा रचनात्मकता और नवाचार के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय विज्ञान और तकनीक को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर जे. रामकुमार ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके बाद सरस्वती वंदना के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि प्रोफेसर जे. रामकुमार, विद्यालय अध्यक्ष सुभाष चन्द्र बेड़िया और विद्यालय प्रबंधक डॉ. कमल किशोर गुप्त ने संयुक्त रूप से फीता काटकर रोबोटिक्स एवं STEM लैब का उद्घाटन किया।
इस दौरान विद्यालय में उपस्थित अतिथियों ने नई प्रयोगशाला का अवलोकन किया। साथ ही, छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्टों को देखा और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों के प्रोजेक्टों के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि वे विज्ञान एवं तकनीक से संबंधित अवधारणाओं को किस प्रकार व्यावहारिक रूप देने का प्रयास कर रहे हैं।
विद्यालय में इस प्रकार की प्रयोगशाला की स्थापना से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और तकनीकी कौशल को विकसित करने के लिए एक बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है।
विज्ञान और तकनीक जीवन को बना रहे हैं सरल: प्रोफेसर जे. रामकुमार
मुख्य अतिथि एवं आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर जे. रामकुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक ने आज जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। शिक्षा, संचार, चिकित्सा, उद्योग और दैनिक जीवन में तकनीकी विकास की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि विज्ञान हमें प्राकृतिक नियमों, घटनाओं और तथ्यों को समझने में सहायता करता है। वहीं, प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग करके ऐसे उपकरण, प्रणालियां और साधन विकसित करती है, जिनसे जीवन अधिक सरल और सुविधाजनक बन सकता है।
प्रोफेसर जे. रामकुमार ने विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनने और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विज्ञान एवं तकनीक को केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम न मानकर समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने का महत्वपूर्ण साधन बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे प्रयोगों, परियोजनाओं और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी समझ को मजबूत करें। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और नई संभावनाओं को तलाशने की आदत विकसित करने में सहायक हो सकती हैं।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगी आधुनिक लैब
विद्यालय प्रबंधक डॉ. कमल किशोर गुप्त ने रोबोटिक्स एवं STEM लैब की स्थापना को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना भी आवश्यक है।
उनके अनुसार, प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक से जुड़ी अवधारणाओं को करीब से समझने तथा अपनी रुचि के अनुसार नए प्रोजेक्ट तैयार करने का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा, ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को टीमवर्क, रचनात्मक सोच और तकनीकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
वर्तमान समय में रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीक का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों को इन विषयों से परिचित कराना उनके भविष्य की शैक्षणिक और व्यावसायिक संभावनाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
आधुनिक शिक्षा में STEM की बढ़ती भूमिका
STEM का अर्थ विज्ञान (Science), प्रौद्योगिकी (Technology), इंजीनियरिंग (Engineering) और गणित (Mathematics) से है। यह शिक्षा पद्धति इन चारों विषयों को आपस में जोड़कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक और समस्या-आधारित सीखने के अवसर प्रदान करती है।
उदाहरण के तौर पर, किसी रोबोट को तैयार करने की प्रक्रिया में विद्यार्थियों को गणितीय गणनाओं, वैज्ञानिक सिद्धांतों, तकनीकी उपकरणों और इंजीनियरिंग की बुनियादी अवधारणाओं का उपयोग करना पड़ सकता है। इस प्रकार वे अलग-अलग विषयों में सीखी गई बातों को एक साथ लागू करना सीखते हैं।
इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में रोबोटिक्स एवं STEM लैब स्थापित की गई है। हालांकि, प्रयोगशाला का वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रयोग करने, प्रोजेक्ट बनाने और शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपनी तकनीकी समझ विकसित करने के कितने अवसर मिलते हैं।
विज्ञान शिक्षा को मजबूत बनाने पर विद्यालय का जोर
विद्यालय अध्यक्ष सुभाष चन्द्र बेड़िया ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी का ज्ञान अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में रोबोटिक्स एवं STEM लैब की स्थापना की गई है, ताकि छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक को समझने और सीखने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की क्षमताओं को पहचानना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। इस दिशा में आधुनिक प्रयोगशालाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या सुमन चंदोला की उपस्थिति भी रही। विद्यालय में रोबोटिक्स एवं STEM लैब की शुरुआत को विज्ञान आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, कानपुर के मोतीलाल खेड़िया सनातन धर्म इंटर कॉलेज में रोबोटिक्स एवं STEM लैब का उद्घाटन विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक कदम है। यदि इस प्रयोगशाला का नियमित उपयोग करके विद्यार्थियों को प्रयोगों, नवाचार और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा से जोड़ा जाता है, तो इससे उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने और भविष्य की तकनीकी जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्टर: हनुमंत सिंह पिंटू

