यूपी में बारिश से बिगड़े हालात, 16 मौतें और 5 मकान गिरे… 46 घंटे से आंधी-बारिश जारी
Digital UP News Desk
उत्तर प्रदेश में सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बीते करीब 46 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी रहने के बीच कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कें पानी से भर गई हैं, जबकि कई कॉलोनियों और निचले इलाकों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल गिरने से भी लोगों की परेशानी बढ़ी है।
आपके दिए गए विवरण के मुताबिक, बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 16 लोगों की मौत हुई है और पांच मकानों के गिरने की सूचना है। हालांकि, ऐसे आंकड़ों में जिलेवार प्रशासनिक अपडेट के साथ बदलाव संभव है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा सूचनाओं को अंतिम स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए।
46 घंटे से लगातार बारिश, सामान्य जनजीवन प्रभावित
उत्तर प्रदेश में गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा और शनिवार को भी कई इलाकों में बारिश देखने को मिली। लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, बांदा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और आसपास के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहीं। लखनऊ में शुक्रवार को बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार राजधानी में यह इस मानसून सीजन की सबसे अधिक बारिश वाली अवधि में शामिल रही।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर तेज हवा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
सड़कें बनीं तालाब, कॉलोनियों में घुसा पानी
लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कई प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। लखनऊ के कई इलाकों में बारिश के चलते सड़कें फिसलन भरी हो गईं और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रिपोर्टों के अनुसार हजरतगंज, कृष्णानगर, अलीगंज, गोमतीनगर, इंदिरानगर, चारबाग, चौक और आलमबाग जैसे इलाकों में भी बारिश का असर यातायात पर पड़ा।
निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क पर जमा पानी के कारण वाहन धीमी गति से चले। वहीं, गड्ढों और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी आवागमन मुश्किल हुआ।
तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के पोल गिरे
बारिश के साथ तेज हवाओं ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिरने से रास्ते बाधित हुए। बिजली आपूर्ति पर भी इसका असर देखने को मिला। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित स्थानों पर व्यवस्था बहाल करने में जुटी हैं।
तेज हवा और बारिश के दौरान खुले स्थानों पर खड़े पेड़ों, जर्जर भवनों और बिजली के ढांचे से दूरी बनाए रखना जरूरी है। विशेष रूप से ऐसे मकानों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जिनकी स्थिति पहले से कमजोर है।
32 जिलों में बाढ़ का खतरा
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। आपके दिए गए आंकड़ों के अनुसार करीब 32 जिलों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। हालांकि, अलग-अलग समय पर जारी प्रशासनिक और मौसम विभाग के अलर्ट में जिलों की संख्या बदल सकती है।
इससे पहले भी सितंबर में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी थी और राहत एवं बचाव कार्य चलाए गए थे। ऐसे में लगातार बारिश के बीच नदियों, नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
एक दिन में 25 गुना ज्यादा बारिश का असर
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ क्षेत्रों में सामान्य दिनों की तुलना में बहुत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। लखनऊ में शुक्रवार की बारिश सितंबर के पिछले कुछ वर्षों की भारी बारिश वाली घटनाओं में शामिल रही। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र से बड़ी मात्रा में नमी उत्तर भारत की ओर पहुंची, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज हुआ।
वहीं, बांदा में शुक्रवार को 146 मिलीमीटर बारिश दर्ज किए जाने की रिपोर्ट है, जबकि बहराइच में 103.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा बलरामपुर, श्रावस्ती, बस्ती और सिद्धार्थनगर में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रशासन अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर समेत कई जिलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित किया गया। कुछ जिलों में कॉलेजों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बारिश प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, जर्जर मकानों और कमजोर झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
रविवार तक बारिश का असर रहने की संभावना
मौसम विभाग और क्षेत्रीय मौसम केंद्र की रिपोर्टों के अनुसार बारिश की गतिविधियां शनिवार और रविवार तक जारी रह सकती हैं। हालांकि, मौसम तंत्र के कमजोर होने के साथ बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है।
ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें। जलभराव वाले रास्तों, नदियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। बिजली गिरने या तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान में जाने से बचना भी जरूरी है।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में जलनिकासी, बिजली आपूर्ति, यातायात व्यवस्था और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाना है। आने वाले 24 से 48 घंटे मौसम की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

