फतेहपुर में अंतरजनपदीय चोर गिरोह का खुलासा, KIA Carens से करते थे रेकी; 7 गिरफ्तार

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रिपोर्ट- रामचन्द्र सैनी 

फतेहपुर, 22 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कोतवाली पुलिस, सर्विलांस सेल और क्राइम डिटेक्शन टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मकानों में चोरी करने वाले एक कथित अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन, चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली कार और ताला तोड़ने के उपकरण बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी बंद मकानों की पहले रेकी करते थे और इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹34,400 नकद, आठ एंड्रॉइड मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण और KIA Carens कार बरामद की है। इसके अलावा ताला तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी मिले हैं।

घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक ने टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

दो चोरी की घटनाओं के बाद सक्रिय हुई पुलिस

पुलिस के अनुसार, गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के बाद की गई। पहली घटना साईं बिहार कॉलोनी में 4 और 5 सितंबर 2026 की रात से जुड़ी बताई गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में रजनी मिश्रा ने बताया था कि वह रिश्तेदारी में गई थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर नकदी और आभूषण चोरी कर लिए।

शिकायत के अनुसार, चोरी गए सामान में करीब ₹15,000 नकद, सोने की चेन, अंगूठी और चांदी की पायल शामिल थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

इसी तरह 16 सितंबर 2026 को शेखपुर उनवा क्षेत्र में संतोष पटेल के घर को भी निशाना बनाए जाने की सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भी घर का ताला तोड़कर आभूषण चोरी किए गए थे।

दोनों मामलों में कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

जांच के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • विकास नागर (26 वर्ष) — कानपुर नगर
  • अनमोल सिंह (22 वर्ष) — कानपुर नगर
  • जयशिव गुप्ता (22 वर्ष) — कानपुर नगर
  • विकास निषाद (25 वर्ष) — कानपुर नगर
  • राहुल गुप्ता (24 वर्ष) — मूल निवासी सीवान, बिहार; वर्तमान पता कानपुर नगर
  • मिथुन सिंह (40 वर्ष) — कानपुर नगर
  • दीपक उर्फ अंशू (35 वर्ष) — बिंदकी, फतेहपुर

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में जिले के बाहर भी चोरी की घटनाओं से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, इन तथ्यों की पुलिस द्वारा आगे जांच की जा रही है।

लाखों के आभूषण और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई प्रकार के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद सामान में एक सोने की चेन, एक महाराजा हार, दो अंगूठियां, कान के टॉप्स, झाला, सुई-धागा, पांच छोटे-बड़े माला के गुरिया, एक ब्रेसलेट और 10 नागदार बिछिया शामिल हैं।

इसके साथ ही पुलिस ने ₹34,400 नकद और आठ एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की गई KIA Carens कार (UP78JL5451) भी बरामद कर ली गई है।

इसके अलावा आरोपियों के पास से पाइप रिंच, प्लास, कटर, पेचकश और सब्बल समेत ताला तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।

KIA Carens से करते थे बंद मकानों की रेकी

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि वे चार पहिया वाहन से रिहाइशी इलाकों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करते थे, जहां लोग मौजूद नहीं होते थे। इसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी पहचान और गतिविधियों पर शक कम करने के लिए वाहन पर एक राजनीतिक दल का स्टीकर भी लगा रखा था। रेकी के बाद जब मकान खाली मिलता था, तब आरोपी ताला तोड़कर घर में प्रवेश करते और नकदी व आभूषण लेकर फरार हो जाते थे।

पुलिस का दावा है कि चोरी के सामान को आरोपी आपस में बांट लेते थे। वहीं, कुछ सामान को कथित तौर पर कम कीमत में बेच दिया जाता था।

आपराधिक इतिहास की भी जांच

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने फतेहपुर के अलावा आसपास के किन जिलों में ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है।