मुरादाबाद में टीईटी पास शिक्षामित्रों के नियमितीकरण की मांग, विधायक को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट- मो अरशद
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों के नियमितीकरण से जुड़ी मांग एक बार फिर चर्चा में है। मुरादाबाद जिले के मुंडा पांडे ब्लॉक क्षेत्र में शिक्षामित्र संगठन ने टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा विभाग में नियमित किए जाने की मांग को लेकर कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षामित्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
शिक्षामित्र संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में शिक्षामित्र लंबे समय से बेसिक शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में शिक्षण कार्य के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। ऐसे में टीईटी जैसी पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षामित्रों को उनकी योग्यता और लंबे अनुभव के आधार पर नियमित सेवा का अवसर दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए।
टीईटी पास शिक्षामित्रों को नियमित करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से शिक्षामित्रों ने विशेष रूप से उन शिक्षामित्रों के नियमितीकरण की मांग उठाई, जो शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। संगठन के अनुसार, ऐसे शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद के लिए आवश्यक पात्रता रखने वाले हैं और लंबे समय से शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं।
शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक कम मानदेय पर संविदा के आधार पर अपनी सेवाएं दी हैं। संगठन के मुताबिक, कई शिक्षामित्र पिछले 20 से 22 वर्षों से शिक्षण कार्य से जुड़े हुए हैं। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उनकी सेवा स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि उनकी योग्यता, अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उनके नियमितीकरण के लिए उचित प्रक्रिया तैयार की जाए।
विधायक को सौंपा गया ज्ञापन
मुंडा पांडे ब्लॉक क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्र संगठन के प्रतिनिधियों ने कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को विधायक के सामने रखा और उनसे शासन स्तर पर उनकी समस्याओं को उठाने का आग्रह किया।
शिक्षामित्रों ने कहा कि नियमितीकरण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी सेवाओं और योग्यता पर सकारात्मक विचार करती है, तो इससे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को स्थायित्व मिल सकेगा। साथ ही, उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता भी कम हो सकती है।
टीईटी पास नहीं करने वाले शिक्षामित्रों के लिए भी मांग
ज्ञापन में केवल टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों की बात ही नहीं रखी गई, बल्कि उन शिक्षामित्रों के लिए भी मांग उठाई गई जिन्होंने अभी तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। संगठन ने मांग की है कि ऐसे शिक्षामित्रों को विभागीय परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
संगठन का तर्क है कि लंबे समय से शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षामित्रों को उनकी सेवा अवधि और अनुभव को ध्यान में रखते हुए अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलना चाहिए। यदि विभागीय स्तर पर परीक्षा या निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें अवसर दिया जाता है, तो वे भी आगे की सेवा प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।
लंबे समय से सेवा कर रहे शिक्षामित्र
शिक्षामित्र संगठन ने बताया कि कई शिक्षामित्र लंबे समय से विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार, वर्षों की सेवा के कारण इन शिक्षामित्रों को स्थानीय स्तर पर विद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था का अच्छा अनुभव है।
शिक्षामित्रों का कहना है कि उनकी मांग केवल सेवा नियमितीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था चाहते हैं। इसी क्रम में संगठन ने सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
हालांकि, नियमितीकरण से जुड़ी प्रक्रिया सरकार और संबंधित विभाग की नीतियों, नियमों और पात्रता मानकों के आधार पर तय होगी। ऐसे में अब शिक्षामित्रों की नजर शासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अगले कदम पर है।
ये शिक्षामित्र रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिक्षामित्र संगठन से जुड़े कई सदस्य मौजूद रहे। इनमें सुनील कुमार शर्मा, भोला सिंह, मीना कुमारी, गमन देवी, बबली कुमारी, विजेंद्र कुमार सिंह, भूकन सिंह, अमित तोमर और ज्योति सहित अन्य शिक्षामित्र शामिल रहे।
संगठन के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करेगी। शिक्षामित्रों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र में सेवाएं देने वाले कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।

