संतकबीरनगर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान विवाद, सपा सांसद लक्ष्मीकांत निषाद समेत दोनों पक्षों पर FIR

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रिपोर्ट- शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुए विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा चौराहे पर जुलूस के दौरान कहासुनी, पथराव और मारपीट की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। एक पक्ष की शिकायत में संतकबीरनगर के सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद और उनके समर्थकों को आरोपी बनाया गया है, जबकि सांसद की ओर से दी गई तहरीर पर जुलूस में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर की जा रही है।

गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर की रात बखिरा क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। जुलूस अमरडोभा चौराहे के पास पहुंचा तो किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। रिपोर्टों के मुताबिक, जुलूस में शामिल डीजे का जनरेटर खराब होने के बाद आयोजकों और डीजे संचालक के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान जुलूस कुछ समय के लिए रुक गया।

इसी बीच सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद का काफिला वहां से गुजर रहा था। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और सांसद के वाहन को लेकर भी विवाद हो गया। बाद में भीड़ की ओर से सांसद के वाहन पर पथराव किए जाने की बात सामने आई। इस घटना में वाहन का शीशा टूटने की भी रिपोर्ट है। सांसद ने अपनी शिकायत में इसे गंभीर हमला बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सांसद की तहरीर पर भी मुकदमा

घटना के बाद सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। इसमें आरोप लगाया गया कि गणेश विसर्जन जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने उनके वाहन को घेरकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे से हमला किया। सांसद के अनुसार, उनके साथ सुरक्षा कर्मी और सहयोगी मौजूद थे, जिन्होंने उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। शिकायत में काफिले के वाहनों को क्षतिग्रस्त किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने सांसद की तहरीर के आधार पर जुलूस में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पथराव और वाहन क्षतिग्रस्त करने की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

दूसरे पक्ष ने सांसद और समर्थकों पर लगाए आरोप

वहीं, दूसरी ओर संतोषपुर निवासी विशाल कुमार की ओर से भी पुलिस को शिकायत दी गई। शिकायत में सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद और उनके समर्थकों पर वाहन की चपेट में लेने, मारपीट करने, गाली-गलौज और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जुलूस के बीच से सांसद और उनके समर्थकों के वाहन गुजरने के दौरान वह वाहन की चपेट में आकर गिर गया और उसे चोट लगी। इसके बाद विवाद और बढ़ने का आरोप लगाया गया है।

इस शिकायत के आधार पर भी बखिरा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

हालांकि, इन धाराओं के तहत दर्ज आरोप अभी जांच का विषय हैं। किसी भी पक्ष पर लगाए गए आरोपों को अदालत या जांच एजेंसी द्वारा दोष सिद्ध किए जाने से पहले अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।

वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घटनास्थल से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं। इसके अलावा जुलूस के दौरान बनाए गए मोबाइल वीडियो और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की मदद से घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

घटना के बाद बढ़ाई गई निगरानी

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। साथ ही किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना या अफवाह को आगे न बढ़ाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन के दौरान उत्पन्न हुए विवाद का असर क्षेत्र के सामान्य माहौल पर न पड़े। इसलिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बनाए रखी जा रही है। वहीं, दोनों पक्षों की ओर से दर्ज मुकदमों के बाद अब जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।

क्या है पूरा मामला

संतकबीरनगर के बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा चौराहे पर गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान विवाद शुरू हुआ। डीजे को लेकर जुलूस रुकने और इसके बाद सांसद के काफिले के वहां पहुंचने के दौरान स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है। इसके बाद सांसद के वाहन पर पथराव और तोड़फोड़ का आरोप लगा। दूसरी ओर जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने सांसद और उनके समर्थकों पर वाहन से चोट पहुंचाने और मारपीट सहित अन्य आरोप लगाए।

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